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रावण चला रहे बर्तनों की फैक्टरी
यमुनानगर।
Updated Tue, 24 Sep 2013 01:03 AM IST
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रामलीला के रावण यदि आपको बर्तन फैक्टरी में मजदूरों को निर्देश देते नजर
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आएं तो चौंकिए मत। श्री महालक्ष्मी रामलीला ड्रामेटिक कमेटी की ओर से झंडा
चौक पर आयोजित की जाने वाली रामलीला में बर्तन व्यापारी रवि सोनी पिछले आठ
साल से रावण का किरदार अदा कर रहे हैं।
रवि सोनी ने बताया कि वह पिछले 35 साल से रामलीला के साथ जुड़े हैं। शहर में बर्तन फैक्टरी चलाते हैं। देश विदेश में बर्तनों का व्यापार करने से उनकी अलग पहचान है, लेकिन जब वह बाजार की गलियों से गुजरते हैं, तो बच्चे उन्हें देखकर यही कहते हैं देखो रावण आ गए। हालांकि उस समय दिल को अलग तरह का सुकून मिलता है।
रवि ने बताया कि वह दिनभर फैक्टरी में काम देखते हैं और रात को 9 बजते ही रिहर्सल के लिए पहुंच जाते हैं। हालांकि वह रामलीला में डायरेक्शन का काम भी करते हैं। बावजूद इसके अपने किरदार में जान फूंकने के लिहाज से जी तोड़ मेहनत करते हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले एक महीने से रात के 12 बजे तक अपने किरदार की रिहर्सल कर रहे हैं, ताकि मंचन के दौरान उन्हें अपने संवाद बोलने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पडे़। उन्होंने बताया कि वह रामलीला में दशरथ, बाणासुर, हाई रावण, भरत, कैकयी के अलावा कई किरदार अदा कर चुके हैं, लेकिन पिछले आठ साल से रावण का किरदार निभा रहे हैं।
बढ़ते दुराचार के मामलों से आहत
रवि सोनी ने बताया कि देश में दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे दुराचार के मामलों से वह आहत हैं। उन्होंने कहा कि सीता का अपहरण करने के बाद महाज्ञानी पंडित रावण का भी अंत हो गया था, जिसने भी महिला के साथ बुरा किया है, उसका हश्र बुरा होना निश्चित है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं का सम्मान करना चाहिए, ताकि उन्हें समाज में अपना पूरा अधिकार मिल सके। दशहरे के दिन हर साल रावण रूपी बुराई का अंत होता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इस दशहरे पर दुराचार जैसी बुराई का अंत करें, ताकि स्वच्छ समाज का निर्माण हो सके।
रवि सोनी ने बताया कि वह पिछले 35 साल से रामलीला के साथ जुड़े हैं। शहर में बर्तन फैक्टरी चलाते हैं। देश विदेश में बर्तनों का व्यापार करने से उनकी अलग पहचान है, लेकिन जब वह बाजार की गलियों से गुजरते हैं, तो बच्चे उन्हें देखकर यही कहते हैं देखो रावण आ गए। हालांकि उस समय दिल को अलग तरह का सुकून मिलता है।
रवि ने बताया कि वह दिनभर फैक्टरी में काम देखते हैं और रात को 9 बजते ही रिहर्सल के लिए पहुंच जाते हैं। हालांकि वह रामलीला में डायरेक्शन का काम भी करते हैं। बावजूद इसके अपने किरदार में जान फूंकने के लिहाज से जी तोड़ मेहनत करते हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले एक महीने से रात के 12 बजे तक अपने किरदार की रिहर्सल कर रहे हैं, ताकि मंचन के दौरान उन्हें अपने संवाद बोलने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पडे़। उन्होंने बताया कि वह रामलीला में दशरथ, बाणासुर, हाई रावण, भरत, कैकयी के अलावा कई किरदार अदा कर चुके हैं, लेकिन पिछले आठ साल से रावण का किरदार निभा रहे हैं।
बढ़ते दुराचार के मामलों से आहत
रवि सोनी ने बताया कि देश में दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे दुराचार के मामलों से वह आहत हैं। उन्होंने कहा कि सीता का अपहरण करने के बाद महाज्ञानी पंडित रावण का भी अंत हो गया था, जिसने भी महिला के साथ बुरा किया है, उसका हश्र बुरा होना निश्चित है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं का सम्मान करना चाहिए, ताकि उन्हें समाज में अपना पूरा अधिकार मिल सके। दशहरे के दिन हर साल रावण रूपी बुराई का अंत होता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इस दशहरे पर दुराचार जैसी बुराई का अंत करें, ताकि स्वच्छ समाज का निर्माण हो सके।