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Haryana: यमुनानगर पहुंचे राकेश टिकैत, बोले- बिहार के किसान अन्य राज्यों में मजदूरी करने को मजबूर

Mon, 16 Oct 2023 05:26 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 16 Oct 2023 05:26 PM IST
सार

राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा, पंजाब व अन्य राज्यों में बिहार के किसान मजदूरी कर गुजारा चला रहे है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में मंडिया न होने के कारण व्यापारी 800 रुपये प्रति क्विंटल किसानों की धान खरीद रहे हैं।  

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Rakesh Tikait reached Yamunanagar, said- Farmers of Bihar are forced to work as laborers in other states
किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार शाम यमुनानगर जिले के रादौर खंड में किसानों के साथ बैठक की। यहां अनाज मंडी में किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार के साथ बिहार की प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा।

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टिकैत ने कहा कि इस समय बिहार में मंडियां न होने के कारण किसानों की धान की फसल मात्र 800 रुपये प्रति क्विंटल व्यापारी खरीद रहा है। इस तरह बिहार में फसलों के निर्धारित दाम न मिलने के कारण वहां के किसान मजदूर बन गए हैं, जो हरियाणा, पंजाब व अन्य राज्यों में मजदूरी कर गुजारा चला रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि बिहार में मंडियां न होने से व्यापारी वहां के किसानों की धान की फसल औने-पौने दामों में खरीदकर देश के दूसरे राज्यों में महंगे दामों पर बेचकर सरकार व किसानों को चुना लगाने का काम कर रहे हैं। बिहार से हर राज्य में करोड़ों रुपये की धान बिक रही है। यूनियन ने बिहार के किसानों के समर्थन में आंदोलन चलाया हुआ है। बिहार सरकार को दिसंबर तक बिहार में किसानों के लिए मंडियों की व्यवस्था किए जाने की मांग की है, अन्यथा यूनियन बिहार में आंदोलन छेड़ने जा रही है।
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राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों पर कहा कि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून देश के किसानों की मंडियां बंद कर बर्बाद करने के लिए बनाए थे। इन कानूनों से देश के पुंजीपतियों को लाभ मिलता, लेकिन दिल्ली बॉर्डर पर चले किसान आंदोलन के कारण सरकार को कानून वापस लेने पड़े। कानून वापस न होते तो देश का किसान बर्बाद हो जाता और इसका लाभ पुंजीपतियों को मिलता।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने धान के एक्सापोर्टरों से जो वादे किए थे, उन्हें जल्द पूरा करे। जिससे एक्सपोर्टर की हड़ताल खत्म हो सके और प्रदेश के किसानों का धान बिक सके। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन फरवरी-2021 में खत्म हो गया था, लेकिन सरकार ने आज तक किसानों से किए वादे पूरे नहीं किए। जिसको लेकर किसान जल्द देशभर में आंदोलन चलाने जा रहे हैं। इसके लिए किसान तैयार रहें।


सरकार ने किसानों की फसलों को एमएसपी पर खरीदने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। मौके पर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान, जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर, शिवकुमार संधाला, जयपाल चमरोडी, अशोक डांगी, पवन गोयल, साहब सिंह गुर्जर, कुलविंद्र सिद्धू, साहिल सेतिया, कर्ण चानना, जयप्रकाश कांजनू, करनैल सागड़ी, सतीश बठला, जगमाल रतनगढ़, राजेश रतनगढ़, रमेश ढिल्लो, सरदार रविंद्र सिंह व अन्य मौजूद रहे।

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