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बरसात का मौसम, कंडम भवन, खतरे के साये में कर्मचारी
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बिजली निगम की कॉलोनी के क्वार्टरों की दहनीय हालत
- फोटो : Yamuna Nagar
साढौरा। बरसात का मौसम, टपकती छत, गिरता प्लास्टर, कंडम भवन और उसमें काम करते कर्मचारी। यह हालात हैं साढौरा के बिजली निगम कार्यालय के। यहां कर्मचारी खतरे के साये में काम करने का मजबूर हैं। यहां के हालात देखकर लगता है कि बिजली निगम को अपने कर्मचारियों की जान की परवाह नहीं है। निगम की सर्वे टीम द्वारा एक साल पहले कंडम घोषित किए गए इस भवन में बिठाकर कर्मचारियों से कार्य लिया जा रहा है।
जर्जर हो चुके इस भवन हालत ऐसी हो गई दीवारों और छत का प्लास्टर खुद ही उतर कर नीचे गिरने लगा है। बारिश में तो हालात और भी विकट हो जाते हैं। छत टपकती रहती है। लेकिन इन सब के बाद भी कर्मचारी जान जोखिम में डालकर यहां कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा बिजली निगम की कॉलोनी के क्वार्टर भी खंडहर हो चुके हैं। इनमें अब कोई भी रहने के लिए राजी नहीं है।
52 साल पुराना है यह भवन
बता दें यह भवन 52 साल पहले बना था। रखरखाव के अभाव में इसकी दशा दयनीय हो गई है। इसकी छत से पानी टपकने और सीलन के कारण सरकारी रिकार्ड सहेजने में भी कर्मियों को परेशानी हो रही है। भवन में शौचालय न होने से महिला कर्मचारियों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। लगभग तीन एकड़ में फैले इस परिसर में जगह-जगह जलभराव होने के अलावा अब बड़ी - बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। जलभराव के कारण यहां जमा पानी बदबू आ रही है। परिसर में मच्छरों की भरमार है। गोदाम का भवन भी कंडम होने से ट्रांसफार्मर समस्त परिसर में जहां-तहां रखे जा रहे हैं। इससे बिजली निगम को और अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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कभी हो सकता है हादसा
बिजली कर्मचारी यूनियन के संगठनकर्ता सचिन राणा का कहना है यह भवन काफी जर्जर हो चुका है। कंडम घोषित भवन में काम करने से कर्मचारियों के साथ कभी भी कोई हादसा हो सकता है। नया भवन बनाने के बारे कई बार मांग करने के बावजूद इसकी सुध नहीं ली जा रही है।
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वर्जन
निगम के अधिकारियों की टीम ने एक साल पहले किए सर्वे में भवन को कंडम घोषित किया था। नया भवन बनाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
-विकास बंसल, एसडीओ, बिजली निगम, साढौरा
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जर्जर हो चुके इस भवन हालत ऐसी हो गई दीवारों और छत का प्लास्टर खुद ही उतर कर नीचे गिरने लगा है। बारिश में तो हालात और भी विकट हो जाते हैं। छत टपकती रहती है। लेकिन इन सब के बाद भी कर्मचारी जान जोखिम में डालकर यहां कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा बिजली निगम की कॉलोनी के क्वार्टर भी खंडहर हो चुके हैं। इनमें अब कोई भी रहने के लिए राजी नहीं है।
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52 साल पुराना है यह भवन
बता दें यह भवन 52 साल पहले बना था। रखरखाव के अभाव में इसकी दशा दयनीय हो गई है। इसकी छत से पानी टपकने और सीलन के कारण सरकारी रिकार्ड सहेजने में भी कर्मियों को परेशानी हो रही है। भवन में शौचालय न होने से महिला कर्मचारियों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। लगभग तीन एकड़ में फैले इस परिसर में जगह-जगह जलभराव होने के अलावा अब बड़ी - बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। जलभराव के कारण यहां जमा पानी बदबू आ रही है। परिसर में मच्छरों की भरमार है। गोदाम का भवन भी कंडम होने से ट्रांसफार्मर समस्त परिसर में जहां-तहां रखे जा रहे हैं। इससे बिजली निगम को और अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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कभी हो सकता है हादसा
बिजली कर्मचारी यूनियन के संगठनकर्ता सचिन राणा का कहना है यह भवन काफी जर्जर हो चुका है। कंडम घोषित भवन में काम करने से कर्मचारियों के साथ कभी भी कोई हादसा हो सकता है। नया भवन बनाने के बारे कई बार मांग करने के बावजूद इसकी सुध नहीं ली जा रही है।
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वर्जन
निगम के अधिकारियों की टीम ने एक साल पहले किए सर्वे में भवन को कंडम घोषित किया था। नया भवन बनाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
-विकास बंसल, एसडीओ, बिजली निगम, साढौरा
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