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Yamuna Nagar News: एक माह के बाद खुले स्कूलों में भरा मिला बारिश का पानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। एक महीने बाद मंगलवार को स्कूल खुल गए। वहीं जिले के कई स्कूलों में बारिश का पानी भरा मिला। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में रही। बारिश के पानी से दामोपुरा कलां गांव के स्कूल की चहारदीवारी ढह गई। करीब एक महीना सफाई न होने के कारण पानी निकासी की भारी समस्या रही।
इस बारिश का पानी ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की कक्षाओं, कार्यालय सहित लैब में भर गया। इससे स्कूलों के कमरों में मिट्टी, कीचड़ व गंदगी फैली मिली। ऐसे में विभाग की ओर से इन स्कूलों की छुट्टी कर दी गई, ताकि स्कूल की सफाई करवाई जा सके। कि तीन दिन बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में अभी तक पानी भरा हुआ है।
शिक्षा विभाग की ओर से इन स्कूलों में पंप व अन्य तरीकों से निकासी की जा रही है। पंचायत व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से भी स्कूलों में सफाई करवाई जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी छछरौली, व्यासपुर, प्रतापनगर खंड के स्कूलों में देखने को मिली। इसके अलावा साढौरा व जठलाना क्षेत्र के स्कूलों में भी जलभराव हुआ। जलभराव के कारण स्कूलों के प्रांगण से निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
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छछरौली खंड के दामोपुर स्कूल की बाउंड्री वॉल बारिश के पानी से ढह गई। जिसका निर्माण करवाया जा रहा है। गांव बलाचौर, कोट कलसिया, खदरी के अलावा साढौरा, व्यासपुर, प्रतापनगर के कई करीब दो दर्जन स्कूलों में बारिश का पानी भरा हुआ है। इसके अलावा जगाधरी, बूड़िया, महलावली सहित नगर निगम के गांवों के स्कूलों में भी जलभराव हुआ। बारिश कम होने के साथ पानी उतर गया।
मीण व घाड़ क्षेत्रों के लगभग सभी स्कूलों में पानी भरा। जहां पानी उतर गया है, वहां गंदगी व कीचड़ फैला हुआ है। कई स्कूलों में ज्यादा पानी आने से लैब में रखे कंप्यूटर के उपकरण, एजुसेट व अन्य उपकरण भी डूब गए थे। अभी तक बारिश से नुकसान का अंदाजा नहीं लग पाया है। शिक्षा विभाग की ओर से नुकसान की समीक्षा के लिए कमेटी बनाई जा रही है। इस दौरान जिले के सभी स्कूलों के कंप्यूटर, एजुसेट व अन्य उपकरणों के नुकसान की समीक्षा की जाएगी।
तीन दिन भारी बारिश के कारण कई स्कूलों में पानी भरा था। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में यह समस्या ज्यादा रही। शहर के स्कूलों का पानी उतर गया है। सफाई करवाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों से जलनिकासी व सफाई के आदेश दिए गए हैं। - धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। एक महीने बाद मंगलवार को स्कूल खुल गए। वहीं जिले के कई स्कूलों में बारिश का पानी भरा मिला। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में रही। बारिश के पानी से दामोपुरा कलां गांव के स्कूल की चहारदीवारी ढह गई। करीब एक महीना सफाई न होने के कारण पानी निकासी की भारी समस्या रही।
इस बारिश का पानी ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की कक्षाओं, कार्यालय सहित लैब में भर गया। इससे स्कूलों के कमरों में मिट्टी, कीचड़ व गंदगी फैली मिली। ऐसे में विभाग की ओर से इन स्कूलों की छुट्टी कर दी गई, ताकि स्कूल की सफाई करवाई जा सके। कि तीन दिन बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में अभी तक पानी भरा हुआ है।
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शिक्षा विभाग की ओर से इन स्कूलों में पंप व अन्य तरीकों से निकासी की जा रही है। पंचायत व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से भी स्कूलों में सफाई करवाई जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी छछरौली, व्यासपुर, प्रतापनगर खंड के स्कूलों में देखने को मिली। इसके अलावा साढौरा व जठलाना क्षेत्र के स्कूलों में भी जलभराव हुआ। जलभराव के कारण स्कूलों के प्रांगण से निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
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छछरौली खंड के दामोपुर स्कूल की बाउंड्री वॉल बारिश के पानी से ढह गई। जिसका निर्माण करवाया जा रहा है। गांव बलाचौर, कोट कलसिया, खदरी के अलावा साढौरा, व्यासपुर, प्रतापनगर के कई करीब दो दर्जन स्कूलों में बारिश का पानी भरा हुआ है। इसके अलावा जगाधरी, बूड़िया, महलावली सहित नगर निगम के गांवों के स्कूलों में भी जलभराव हुआ। बारिश कम होने के साथ पानी उतर गया।
मीण व घाड़ क्षेत्रों के लगभग सभी स्कूलों में पानी भरा। जहां पानी उतर गया है, वहां गंदगी व कीचड़ फैला हुआ है। कई स्कूलों में ज्यादा पानी आने से लैब में रखे कंप्यूटर के उपकरण, एजुसेट व अन्य उपकरण भी डूब गए थे। अभी तक बारिश से नुकसान का अंदाजा नहीं लग पाया है। शिक्षा विभाग की ओर से नुकसान की समीक्षा के लिए कमेटी बनाई जा रही है। इस दौरान जिले के सभी स्कूलों के कंप्यूटर, एजुसेट व अन्य उपकरणों के नुकसान की समीक्षा की जाएगी।
तीन दिन भारी बारिश के कारण कई स्कूलों में पानी भरा था। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में यह समस्या ज्यादा रही। शहर के स्कूलों का पानी उतर गया है। सफाई करवाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों से जलनिकासी व सफाई के आदेश दिए गए हैं। - धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।