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Yamuna Nagar News: मांगों को लेकर गरजे गुरु जी
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यमुनानगर। सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर अध्यापकों का 154वें दिन भी लघु सचिवालय जगाधरी मंडी गेट पर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन जारी रहा।
जिला प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि सोमवार को जिला करनाल के खंड इंद्री से खंड प्रधान बलराज चहल, सचिव धर्मवीर लाठवाल, पूर्व प्रधान मान सिंह चंदेल, रणजीत रोजिया व देवेंद्र देवा क्रमिक अनशन पर बैठे। अध्यापक नेता राकेश धनखड़, जगपाल सिंह, राकेश कुमार, वीरेंद्र कुमार ने मालाएं पहनाकर उन्हें अनशन पर बिठाया। उन्होंने कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कर्मचारियों, अध्यापकों की मांगों की अनदेखी की है। सरकार का विभागों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हर विभाग में कर्मचारियों के पद हज़ारों की संख्या में खाली पड़े हैं। शिक्षा और शिक्षकों की मांगों के प्रति भी सरकार का रवैया संवेदनहीन है। शिक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर अध्यापक संघ पिछले पांच महीने से क्रमिक अनशन चल रहा है, परंतु सरकार का मांगों को हल करने पर कोई ध्यान नहीं है। उनकी मांग हैं कि सभी खाली पड़े शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक पदों को नियमित भर्ती से भरा जाए। अतिथि अध्यापकों, कौशल रोजगार में लगे शिक्षकों, कंप्यूटर टीचर को पक्का किया जाए और तब तक समान काम समान वेतन व अन्य सभी सुविधाएं दी जाए। 2017 में लगे जेबीटी अध्यापकों को स्थाई जिले दिए जाएं, जेबीटी अंतर जिला व सामान्य तबादले व्यावहारिक रेशनेलाइजेशन करते हुए किए जाए, सभी वर्गों की पदोन्नति की जाए, एसीपी के लंबित मामलों को निपटाया जाए।
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जिला प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि सोमवार को जिला करनाल के खंड इंद्री से खंड प्रधान बलराज चहल, सचिव धर्मवीर लाठवाल, पूर्व प्रधान मान सिंह चंदेल, रणजीत रोजिया व देवेंद्र देवा क्रमिक अनशन पर बैठे। अध्यापक नेता राकेश धनखड़, जगपाल सिंह, राकेश कुमार, वीरेंद्र कुमार ने मालाएं पहनाकर उन्हें अनशन पर बिठाया। उन्होंने कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कर्मचारियों, अध्यापकों की मांगों की अनदेखी की है। सरकार का विभागों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हर विभाग में कर्मचारियों के पद हज़ारों की संख्या में खाली पड़े हैं। शिक्षा और शिक्षकों की मांगों के प्रति भी सरकार का रवैया संवेदनहीन है। शिक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर अध्यापक संघ पिछले पांच महीने से क्रमिक अनशन चल रहा है, परंतु सरकार का मांगों को हल करने पर कोई ध्यान नहीं है। उनकी मांग हैं कि सभी खाली पड़े शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक पदों को नियमित भर्ती से भरा जाए। अतिथि अध्यापकों, कौशल रोजगार में लगे शिक्षकों, कंप्यूटर टीचर को पक्का किया जाए और तब तक समान काम समान वेतन व अन्य सभी सुविधाएं दी जाए। 2017 में लगे जेबीटी अध्यापकों को स्थाई जिले दिए जाएं, जेबीटी अंतर जिला व सामान्य तबादले व्यावहारिक रेशनेलाइजेशन करते हुए किए जाए, सभी वर्गों की पदोन्नति की जाए, एसीपी के लंबित मामलों को निपटाया जाए।
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