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चिराग योजना को लेकर जारी रहेगा विरोध, शिक्षक करेंगे बड़ा आंदोलन
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यमुनानगर। सरकार की चिराग योजना पर शुरू हुआ विरोध का तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। आर्थिक कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए लागू की गई योजना को लेकर न केवल अभिभावक बल्कि शिक्षक भी विरोध जता रहे हैं। इसे लेकर हरियाणा विद्यालय संघ और जागरूक अभिभावक संघ की ओर से सरकार को पत्र लिखकर इसे बंद करने की मांग कर चुके हैं।
सरकार ने योजना को लेकर शुरू हुए विरोध पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं शिक्षक भी इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से बुधवार को किया जाने वाला प्रदर्शन बारिश के चलते स्थगित कर दिया गया। मौसम को देखते हुए संघ जिला प्रधान कुलवंत सिंह ने इसे स्थगित कर दिया है। वहीं प्रदर्शन व ज्ञापन देने की तिथि जल्द जारी करने की बात कही है। फिलहाल शिक्षकों का कहना है कि जब तक सरकार योजना रद्द नहीं करती उनका विरोध जारी रहेगा।
शिक्षकों के साथ अभिभावक व अन्य संगठन भी आगे आ गए हैं। चिराग योजना को लेकर अध्यापकों में रोष है। अध्यापकों का कहना है कि उन पर पहले ही काफी दायित्व है। इसके बाद ऐसी योजनाएं मूलभूत शिक्षा, शिक्षण और शिक्षकों के कार्य को प्रभावित कर रही हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान कुलवंत सिंह ने कहा कि शिक्षा के सार्वजनिक ढांचे को मजबूत करते हुए निजीकरण के कदमों को वापस लेना होगा। इसी को लेकर 20 जुलाई को अध्यापकों के प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। उन्होंने कहा कि इस योजना में मुफ्त शिक्षा देने के शिक्षा अधिकार अधिनियम 2019 की व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है।
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सरकार ने योजना को लेकर शुरू हुए विरोध पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं शिक्षक भी इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से बुधवार को किया जाने वाला प्रदर्शन बारिश के चलते स्थगित कर दिया गया। मौसम को देखते हुए संघ जिला प्रधान कुलवंत सिंह ने इसे स्थगित कर दिया है। वहीं प्रदर्शन व ज्ञापन देने की तिथि जल्द जारी करने की बात कही है। फिलहाल शिक्षकों का कहना है कि जब तक सरकार योजना रद्द नहीं करती उनका विरोध जारी रहेगा।
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शिक्षकों के साथ अभिभावक व अन्य संगठन भी आगे आ गए हैं। चिराग योजना को लेकर अध्यापकों में रोष है। अध्यापकों का कहना है कि उन पर पहले ही काफी दायित्व है। इसके बाद ऐसी योजनाएं मूलभूत शिक्षा, शिक्षण और शिक्षकों के कार्य को प्रभावित कर रही हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान कुलवंत सिंह ने कहा कि शिक्षा के सार्वजनिक ढांचे को मजबूत करते हुए निजीकरण के कदमों को वापस लेना होगा। इसी को लेकर 20 जुलाई को अध्यापकों के प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। उन्होंने कहा कि इस योजना में मुफ्त शिक्षा देने के शिक्षा अधिकार अधिनियम 2019 की व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है।
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