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तीन घंटे तक कंट्रोल रूम में रिसीव नहीं हुई एक भी कॉल
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
Updated Tue, 05 Jan 2016 12:09 AM IST
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चार माह से वेतन न मिलने पर भड़के स्वास्थ्य विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़े कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे। इससे एंबुलेंस सर्विस बुरी तरह प्रभावित हुई। हड़ताली कर्मचारियों ने सुबह तीन घंटे तक एंबुलेंस कंट्रोल रूम भी बंद करवा दिया, जिससे इस दौरान जिले भर में एंबुलेंस सेवा पूरी तरह ठप रही। वहीं स्वास्थ्य सेवाएं भी मामूली रूप से प्रभावित हुई।
नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़े कर्मचारियों को सितंबर माह से वेतन नहीं मिला है। इसके विरोध में एनएचएम कर्मचारी संघ ने सोमवार को हड़ताल का आह्वान किया था। सुबह सभी कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पर एकत्र हुए और हर्बल पार्क में धरने पर बैठकर सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन में एंबुलेंस कंट्रोल रूम के करीब 40 कर्मचारी व फार्मेसिस्ट भी शामिल थे।
आठ डाक्टर व सौ कर्मचारी रहे हड़ताल पर
एनएचएम से आठ डाक्टर्स के अलावा करीब सौ कर्मचारी जुड़े हुए हैं। इनमें एंबुलेंस चालक, फार्मेसिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य फोर्थ क्लास कर्मचारी शामिल हैं। इनकी ड्यूटी सिविल अस्पताल के अलावा पीएचसी व सीएचसी में है। इन कर्मचारियों की हड़ताल का सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर आंशिक असर पड़ा। जबकि एंबुलेंस सर्विस बुरी तरह प्रभावित हुई।
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बच्चों की फीस जमा कराने के लिए आ रहे नोटिस
एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रधान विजय कांबोज ने बताया कि कर्मचारियों को सितंबर माह से वेतन नहीं मिला है। इसके लिए वे सीएमओ से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक गुहार लगा चुके हैं। वेतन न मिलने से उनके बच्चों के स्कूलों से फीस भरने के लिए नोटिस आ रहे हैं। वहीं कर्मचारियों को घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इससे कर्मचारियों के अलावा उनके परिवार के सदस्य व बच्चे मानसिक तनाव झेल रहे हैं।
सीएमओ के आश्वासन पर चलाई छह एंबुलेंस
कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने की सूचना मिलने पर सुबह करीब पौने 11 बजे सीएमओ डॉ. रमेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया धरना स्थल पर पहुंचे। काफी देर बातचीत के बाद कर्मचारी नेताओं ने उनकी मांगे पूरी न होने पर हड़ताल अनिश्चितकाल तक चलते रहने की बात कहीं। दोपहर करीब 12 बजे छह एंबुलेंस की सेवाएं शुरू की गई।
लिखित में दे, फिर लौटेंगे काम पर
दोपहर करीब पौने 12 बजे कर्मचारियों का प्रतिनिधि मंडल सीएमओ से मिलने उनके कार्यालय में गए। यहां उन्होंने सीएमओ रमेश कुमार व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया के साथ करीब 40 मिनट तक बातचीत की। कर्मचारी नेताओं ने वेतन और कर्मचारियों को नियमित करने व अन्य मांगों को लेकर बातचीत की। इस पर सीएमओ ने उन्हें बुधवार पांच बजे तक वेतन दिलाने का आश्वासन दिया और अन्य मांगों के लिए चिकित्सा अधीक्षक ने स्वास्थ्य विभाग के एमडी के पीए को फोन पर बातचीत कर उनकी मीटिंग करवाने का समय मांगा। कर्मचारियों ने सभी बातें लिखित में देने मांग की। सीएमओ द्वारा लिखित में देने के बाद कर्मचारी संतुष्ट हुए।
-कंट्रोल रूम में तीन घंटे तक नहीं रिसीव हुई कोई कॉल
हड़ताली कर्मचारियों ने सुबह करीब नौ बजे एंबुलेंस कंट्रोल रूम में ताला लगवा दिया जो कि दोपहर 12 बजे के बाद खोला गया। कंट्रोल रूम बंद होने से तीन घंटे तक इमरजेंसी नंबर 102 पर कोई भी कॉल रिसीव नहीं हो पाई। एंबुलेंस सर्विस में 19 एंबुलेंस उपलब्ध है। इनमें से केवल छह एंबुलेंस ही ड्यूटी पर मौजूद रही। इस कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ये हैं मुख्य मांगे:-
- चार माह से रुका वेतन दिलाया जाए।
- सभी कर्मचारियों के लिए स्टेट शेयर व इनसेंटिव लागू की जाए।
- कर्मचारियों का पीएफ काटा जाए।
- समान काम के बदले समान वेतन दिया जाए।
- एनएचएम के तहत लगे आरसीएच, एएनएम को नियमित किया जाए।
- एनएचएम में लगी एएनएम को एचआर, एलटीसी और वर्दी, भत्ता व मेडिकल लीव दी जाए।
- आरसीएच में लगी एएनएम पर ट्रांसफर पालिसी लागू की जाए।
- नौकरी की सुरक्षा दी जाए।
- कर्मचारियों की छटनी बंद की जाए।
- अर्बन डिस्पेंसरी का समय पीएससी व सिविल अस्पताल के अनुसार की जाए।
वर्जन
फंड न आने से एनएचएम कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है। इस बारे में उच्चाधिकारियों से बातचीत हो गई है। उन्होंने बुधवार शाम पांच बजे तक सभी कर्मचारियों को वेतन दिलाने की बात कही है। बुधवार शाम तक सभी कर्मचारियों को वेतन दिला दिया जाएगा।
- डा. रमेश कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल यमुनानगर।
फोटो नंबर 13, 14, 16, 17, 18, 19
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नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़े कर्मचारियों को सितंबर माह से वेतन नहीं मिला है। इसके विरोध में एनएचएम कर्मचारी संघ ने सोमवार को हड़ताल का आह्वान किया था। सुबह सभी कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पर एकत्र हुए और हर्बल पार्क में धरने पर बैठकर सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन में एंबुलेंस कंट्रोल रूम के करीब 40 कर्मचारी व फार्मेसिस्ट भी शामिल थे।
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आठ डाक्टर व सौ कर्मचारी रहे हड़ताल पर
एनएचएम से आठ डाक्टर्स के अलावा करीब सौ कर्मचारी जुड़े हुए हैं। इनमें एंबुलेंस चालक, फार्मेसिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य फोर्थ क्लास कर्मचारी शामिल हैं। इनकी ड्यूटी सिविल अस्पताल के अलावा पीएचसी व सीएचसी में है। इन कर्मचारियों की हड़ताल का सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर आंशिक असर पड़ा। जबकि एंबुलेंस सर्विस बुरी तरह प्रभावित हुई।
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बच्चों की फीस जमा कराने के लिए आ रहे नोटिस
एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रधान विजय कांबोज ने बताया कि कर्मचारियों को सितंबर माह से वेतन नहीं मिला है। इसके लिए वे सीएमओ से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक गुहार लगा चुके हैं। वेतन न मिलने से उनके बच्चों के स्कूलों से फीस भरने के लिए नोटिस आ रहे हैं। वहीं कर्मचारियों को घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इससे कर्मचारियों के अलावा उनके परिवार के सदस्य व बच्चे मानसिक तनाव झेल रहे हैं।
सीएमओ के आश्वासन पर चलाई छह एंबुलेंस
कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने की सूचना मिलने पर सुबह करीब पौने 11 बजे सीएमओ डॉ. रमेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया धरना स्थल पर पहुंचे। काफी देर बातचीत के बाद कर्मचारी नेताओं ने उनकी मांगे पूरी न होने पर हड़ताल अनिश्चितकाल तक चलते रहने की बात कहीं। दोपहर करीब 12 बजे छह एंबुलेंस की सेवाएं शुरू की गई।
लिखित में दे, फिर लौटेंगे काम पर
दोपहर करीब पौने 12 बजे कर्मचारियों का प्रतिनिधि मंडल सीएमओ से मिलने उनके कार्यालय में गए। यहां उन्होंने सीएमओ रमेश कुमार व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया के साथ करीब 40 मिनट तक बातचीत की। कर्मचारी नेताओं ने वेतन और कर्मचारियों को नियमित करने व अन्य मांगों को लेकर बातचीत की। इस पर सीएमओ ने उन्हें बुधवार पांच बजे तक वेतन दिलाने का आश्वासन दिया और अन्य मांगों के लिए चिकित्सा अधीक्षक ने स्वास्थ्य विभाग के एमडी के पीए को फोन पर बातचीत कर उनकी मीटिंग करवाने का समय मांगा। कर्मचारियों ने सभी बातें लिखित में देने मांग की। सीएमओ द्वारा लिखित में देने के बाद कर्मचारी संतुष्ट हुए।
-कंट्रोल रूम में तीन घंटे तक नहीं रिसीव हुई कोई कॉल
हड़ताली कर्मचारियों ने सुबह करीब नौ बजे एंबुलेंस कंट्रोल रूम में ताला लगवा दिया जो कि दोपहर 12 बजे के बाद खोला गया। कंट्रोल रूम बंद होने से तीन घंटे तक इमरजेंसी नंबर 102 पर कोई भी कॉल रिसीव नहीं हो पाई। एंबुलेंस सर्विस में 19 एंबुलेंस उपलब्ध है। इनमें से केवल छह एंबुलेंस ही ड्यूटी पर मौजूद रही। इस कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ये हैं मुख्य मांगे:-
- चार माह से रुका वेतन दिलाया जाए।
- सभी कर्मचारियों के लिए स्टेट शेयर व इनसेंटिव लागू की जाए।
- कर्मचारियों का पीएफ काटा जाए।
- समान काम के बदले समान वेतन दिया जाए।
- एनएचएम के तहत लगे आरसीएच, एएनएम को नियमित किया जाए।
- एनएचएम में लगी एएनएम को एचआर, एलटीसी और वर्दी, भत्ता व मेडिकल लीव दी जाए।
- आरसीएच में लगी एएनएम पर ट्रांसफर पालिसी लागू की जाए।
- नौकरी की सुरक्षा दी जाए।
- कर्मचारियों की छटनी बंद की जाए।
- अर्बन डिस्पेंसरी का समय पीएससी व सिविल अस्पताल के अनुसार की जाए।
वर्जन
फंड न आने से एनएचएम कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है। इस बारे में उच्चाधिकारियों से बातचीत हो गई है। उन्होंने बुधवार शाम पांच बजे तक सभी कर्मचारियों को वेतन दिलाने की बात कही है। बुधवार शाम तक सभी कर्मचारियों को वेतन दिला दिया जाएगा।
- डा. रमेश कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल यमुनानगर।
फोटो नंबर 13, 14, 16, 17, 18, 19