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निगम विकास मोर्चा के सदस्यों के तेवर फिर तीखे
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Sat, 21 Nov 2015 12:13 AM IST
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नगर निगम में भेदभाव और मनमर्जी के खिलाफ निगम विकास सुधार मोर्चा के पार्षद शुक्रवार को एक बार फिर से बगावत के मूड में नजर आए। पार्षदों ने निगम कार्यालय में बैठक की, जिसमें सोमवार को निगम कमिश्नर एवं डीसी से मिलने पर सहमति बनी।
सोमवार के पार्षद निगम कमिश्नर के सामने अपनी बात रखेंगे। यदि कोई ठोस हल न निकाला तो पार्षद धरना देने व पंजाब एवं हरियाणा होईकोर्ट में जाने पर भी विचार कर सकते हैं।
मोर्चा की प्रधान कुसुम त्यागी ने बताया कि अब भी निगम में भेदभाव व मनमानी हो रही है। पार्षदों की बात नहीं सुनी जाती। हाउस में पास प्रस्ताव को भी लागू नहीं किया जा रहा। जिसे लेकर पार्षदों में रोष है। सोमवार को निगम कमिश्नर से मुलाकात की जाएगी, यदि बात नहीं बनी तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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कोई भी वादा पूरा नहीं किया
वार्ड नंबर-18 के पार्षद नीरज राणा का कहना है कि पिछली बैठक में अधिकारियों ने दीपावली से पहले कई काम करवाने के वादे किए थे जिनमें 50-50 लाख के विकास कार्यों के टेंडर करने, सफाई के लिए वार्ड में 20-20 सफाई कर्मी व स्ट्रीट लाइट देने की बात की थी मगर अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। हाउस की बैठक में पार्षदों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था कि ठेकेदार को पेमेंट पार्षद की एनओसी के बाद दी जाएगी। हाउस में पास प्रस्ताव को भी माना नहीं जा रहा है। अधिकारी अपनी मर्जी से ठेकेदारों को पेमेंट दे रहे हैं। यहां तक कि सड़कों की क्वालिटी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसकी जांच की मांग भी की जाएगी।
सरकार अपनी, फिर देंगे धरना : मौजी
जगाधरी से वार्ड नंबर चार के पार्षद मौजी सेठी का कहना है कि हाउस की बैठक में 50-50 लाख के विकास कार्य का प्रस्ताव पारित किया गया था। उसके टेंडर ही रद कर दिए गए। फिर हाउस का फायदा ही क्या है। इससे पार्षदों में रोष है। लोग विकास कार्य करवाने की मांग कर रहे हैं। पार्षदों की बात को अनसुना कर अधिकारी अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। इस संबंध में डीसी से मिलेंगे, यदि समस्या का समाधान हुआ तो ठीक है, वरना इसके खिलाफ मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे।
कोर्ट के माध्यम से करवाएंगे कार्रवाई : कर्मबीर
वार्ड नंबर-19 के पार्षद कर्मबीर सेठी का कहना है कि हाउस में पास मुद्दों पर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। जो अधिकारी इन मुद्दों पर लापरवाही कर रहे हैं, प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं करता। ऐसे में संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई करवाएंगे। हाउस की बैठक में 20-20 कर्मचारी देने पर सहमति बनी थी, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया। वार्ड में गंदगी से बुरा हाल है।
पहले भी जता चुके हैं विरोध
इससे पहले भी पार्षद कई मौकों पर विरोध जता चुके हैं। 15 दिन पहले पार्षदों ने बैठक कर अधिकारियों पर मनमानी व भेदभाव का आरोप लगाते हुए निगम विकास मोर्चा का गठन किया था। इसमें पार्षदों ने निगम क्षेत्र में सामान विकास के लिए एकजुट होने का निर्णय लिया था।
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सोमवार के पार्षद निगम कमिश्नर के सामने अपनी बात रखेंगे। यदि कोई ठोस हल न निकाला तो पार्षद धरना देने व पंजाब एवं हरियाणा होईकोर्ट में जाने पर भी विचार कर सकते हैं।
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मोर्चा की प्रधान कुसुम त्यागी ने बताया कि अब भी निगम में भेदभाव व मनमानी हो रही है। पार्षदों की बात नहीं सुनी जाती। हाउस में पास प्रस्ताव को भी लागू नहीं किया जा रहा। जिसे लेकर पार्षदों में रोष है। सोमवार को निगम कमिश्नर से मुलाकात की जाएगी, यदि बात नहीं बनी तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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कोई भी वादा पूरा नहीं किया
वार्ड नंबर-18 के पार्षद नीरज राणा का कहना है कि पिछली बैठक में अधिकारियों ने दीपावली से पहले कई काम करवाने के वादे किए थे जिनमें 50-50 लाख के विकास कार्यों के टेंडर करने, सफाई के लिए वार्ड में 20-20 सफाई कर्मी व स्ट्रीट लाइट देने की बात की थी मगर अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। हाउस की बैठक में पार्षदों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था कि ठेकेदार को पेमेंट पार्षद की एनओसी के बाद दी जाएगी। हाउस में पास प्रस्ताव को भी माना नहीं जा रहा है। अधिकारी अपनी मर्जी से ठेकेदारों को पेमेंट दे रहे हैं। यहां तक कि सड़कों की क्वालिटी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसकी जांच की मांग भी की जाएगी।
सरकार अपनी, फिर देंगे धरना : मौजी
जगाधरी से वार्ड नंबर चार के पार्षद मौजी सेठी का कहना है कि हाउस की बैठक में 50-50 लाख के विकास कार्य का प्रस्ताव पारित किया गया था। उसके टेंडर ही रद कर दिए गए। फिर हाउस का फायदा ही क्या है। इससे पार्षदों में रोष है। लोग विकास कार्य करवाने की मांग कर रहे हैं। पार्षदों की बात को अनसुना कर अधिकारी अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। इस संबंध में डीसी से मिलेंगे, यदि समस्या का समाधान हुआ तो ठीक है, वरना इसके खिलाफ मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे।
कोर्ट के माध्यम से करवाएंगे कार्रवाई : कर्मबीर
वार्ड नंबर-19 के पार्षद कर्मबीर सेठी का कहना है कि हाउस में पास मुद्दों पर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। जो अधिकारी इन मुद्दों पर लापरवाही कर रहे हैं, प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं करता। ऐसे में संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई करवाएंगे। हाउस की बैठक में 20-20 कर्मचारी देने पर सहमति बनी थी, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया। वार्ड में गंदगी से बुरा हाल है।
पहले भी जता चुके हैं विरोध
इससे पहले भी पार्षद कई मौकों पर विरोध जता चुके हैं। 15 दिन पहले पार्षदों ने बैठक कर अधिकारियों पर मनमानी व भेदभाव का आरोप लगाते हुए निगम विकास मोर्चा का गठन किया था। इसमें पार्षदों ने निगम क्षेत्र में सामान विकास के लिए एकजुट होने का निर्णय लिया था।