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Yamuna Nagar News: प्रॉपर्टी टैक्स का 30 करोड़ बकाया, सील होगी संपत्ति

Fri, 06 Feb 2026 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 06 Feb 2026 01:58 AM IST
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Property tax of Rs 30 crore is outstanding; the property will be sealed
नगर निगम क्षेत्र में बने शहरवासियों के घर व प्रतिष्ठान। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे बकायेदारों की संख्या 2900 तक पहुंच चुकी है, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। कुल मिलाकर यह बकाया राशि करीब 30 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुकी है। नगर निगम अब टैक्स जमा नहीं करने पर संपत्ति सील करने की तैयारी कर रहा है।
हालांकि चालू वित्त वर्ष में अब तक नगर निगम 17 करोड़ रुपये से अधिक के प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी कर चुका है, जो पिछले साल के 15 करोड़ 98 लाख रुपये टैक्स से कहीं ज्यादा है। यदि ऐसे ही रिकवरी हुई तो आंकड़ा 31 मार्च तक 20 करोड़ के पार जा सकता है। रिकवरी के बावजूद डिफाल्टरों की संख्या का बढ़ना चिंताजनक है।
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नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कई बार नोटिस जारी करने और व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के बावजूद इन बकायादारों ने अब तक टैक्स जमा नहीं कराया है। निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नोटिस मिलने के बाद भी यदि बकाया राशि जमा नहीं कराई गई तो संबंधित संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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इससे पहले भी चेतावनी दी गई थी, जिसके अपेक्षित परिणाम सामने आए। नियमित रूप से टैक्स जमा न कराने के कारण बकाया राशि पर लगातार ब्याज जुड़ता जा रहा है। यही वजह है कि कई संपत्तियों पर प्रॉपर्टी टैक्स की रकम एक लाख रुपये से बढ़कर कई लाख तक पहुंच गई है। गौरतलब है कि नगर निगम क्षेत्र में कुल 2 लाख 16 हजार 645 संपत्तियां पंजीकृत हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग टैक्स भुगतान को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं।
पिछले दिनों कॉलेज, प्रतिष्ठान को सील करके रिकवरी भी की गई है। अब व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान संबंधित डिफाल्टरों से यह पूछा जा रहा है कि आखिर वे लंबे समय से टैक्स क्यों नहीं जमा कर रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति वैध कारण या किसी मजबूरी का हवाला देता है तो उसकी जांच की जा रही है।
ठोस वजह सामने न आने पर निगम बिना देरी किए प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई करेगा। टैक्स की कम वसूली का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। सड़कों की मरम्मत, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पार्कों का रखरखाव और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
10 लाख रुपये से ज्यादा के 146 बकायेदार

नगर निगम के अनुसार शहर में इस समय 146 ऐसे बड़े डिफाल्टर हैं, जिन पर 10 लाख रुपये से ज्यादा का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इनमें कई वर्षों से टैक्स न चुकाने वाले व्यापारी, निजी संस्थान, होटल संचालक और अन्य बड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं। इन डिफाल्टरों से टैक्स वसूली के लिए निगम की टीमें कई बार मौके पर जाकर समझाया भी गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

प्रॉपर्टी टैक्स नहीं देने वालों की प्रॉपर्टी को सील कर रहे हैं। अब तक पिछले साल से ज्यादा टैक्स की रिकवरी की जा चुकी है। लोग नियमित टैक्स देने की आदत डालें तो विकास में तेजी आ सकती है। -अजय वालिया, जेडटीओ, नगर निगम।
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