फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Priya Arora is becoming an example for the society

Yamuna Nagar News: समाज के लिए मिसाल बन रहीं प्रिया अरोड़ा

Tue, 16 Sep 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 16 Sep 2025 12:57 AM IST
विज्ञापन
Priya Arora is becoming an example for the society
प्रिया अरोड़ा। 
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। रामपुरा कॉलोनी में ग्रीन विहार में रहने वाली 25 वर्षीय प्रिया अरोड़ा बेटियों के लिए भी मिसाल बनी हैं। वर्ष 13 सितंबर 2018 में उन्होंने बेसहारा व जरूरतमंद लोगों की मदद करने का दृढ़ निश्चय कर शांति फाउंडेशन के नाम से संस्था बनाई। यहां से उसने समाज की भलाई के लिए अकेले सफर शुरू किया। आज उनके पास 20 से 25 लोगों की टीम है। जो अलग-अलग एरिया में जाकर कार्य कर रही है।
अभी हाल ही में पंजाब में आई बाढ़ में संस्था के 10 वालंटियर ने वहां जाकर लोगों की मदद की और जरूरत का सामान भी वितरित किया। प्रिया अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने तीन साल रोटी बैंक भी चलाया। वे अपनी टीम के साथ राेजाना रेलवे स्टेशन, झुग्गी झोंपड़ी व बस्तियों में जाकर लोगों को भोजन खिला रही हैं। ताकि कोई भी भूखा न सोए।
विज्ञापन

इतना ही नहीं महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक कर रही हैं। उनके कार्यों के लिए 15 अगस्त को जिलास्तरीय कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित भी किया गया। प्रिया अरोड़ा ने बताया कि उसने गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज से एमए पीएचडी की है। जब वह पहली बार कालेज में गई थी तो वहां सभी छात्राएं घर से दोपहर का लंच लेकर आती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

खाना खाने के बाद जो रोटी बच जाती थी उसे छात्राएं अपने घर ले जाती थी। तब उन्हें आइडिया आया कि यदि यह बची हुई रोटी जरूरतमंद लोगों को मिल जाए तो कितना अच्छा होगा। उन्होंने अपनी कक्षा से बची हुई रोटियां एकत्रित की। इस तरह रोजाना 500 रोटी तक एकत्रित होने लगी।

उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संस्था का प्रचार किया। लोगों से अपील की कि यदि उनके पास भोजन बचता है तो वह उन्हें दें ताकि उसे जरूरतमंदों को दिया जा सके। प्रिया अरोड़ा बताती है कि दुनिया में हर तरह के लोग हैं। किसी के पास बहुत खाना है, तो कोई खाने के लिए जूझ रहा है। इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें खाना ही नहीं मिल पाता। ऐसे लोगों के लिए कार्य करना चाहिए, ताकि उन्हें दो वक्त का खाना मिल सके। उसके इस तरह से सामाजिक कार्य करने की वजह से स्कूल के शिक्षक प्रभावित हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed