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Yamuna Nagar News: 2,900 बकायेदारों की संपत्ति सील करने की तैयारी
Mon, 05 Oct 2026 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:52 AM IST
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शहरी क्षेत्र में लोगों के रिहायशी व व्यावसायिक भवन। संवाद
- फोटो : credit
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराने वाले बकायेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। निगम के अनुसार शहर में करीब 2,900 ऐसे संपत्ति मालिक हैं, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इन सभी पर कुल बकाया राशि करीब 40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अब संपत्तियां सील करने की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम की ओर से चालू वित्त वर्ष में अब तक 17 करोड़ रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की जा चुकी है। यह पिछले वित्त वर्ष में हुई 15 करोड़ 98 लाख रुपये की वसूली से अधिक है। निगम अधिकारियों का कहना है कि रिकवरी बढ़ने के बावजूद बड़ी संख्या में संपत्ति मालिक अभी भी टैक्स जमा नहीं करा रहे हैं।
निगम अधिकारियों के अनुसार बकायेदारों को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा निगम की टीमें व्यक्तिगत रूप से भी उनसे संपर्क कर चुकी हैं। इसके बावजूद बकाया राशि जमा नहीं कराने वालों को अब अंतिम कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करने पर संबंधित संपत्ति को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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नियमित टैक्स जमा नहीं होने से बकाया राशि पर ब्याज भी जुड़ता जा रहा है। इसके चलते कई संपत्तियों पर एक लाख रुपये का बकाया बढ़कर कई लाख रुपये तक पहुंच गया है। निगम क्षेत्र में कुल 216645 संपत्तियां पंजीकृत हैं।
नगर निगम की ओर से पिछले दिनों कॉलेज और अन्य प्रतिष्ठानों को सील कर बकाया टैक्स की रिकवरी की गई है। अब व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान डिफाल्टरों से लंबे समय तक टैक्स जमा नहीं करने का कारण पूछा जा रहा है। यदि कोई संपत्ति मालिक वैध कारण या मजबूरी बताता है तो निगम की ओर से जांच की जा रही है।
ठोस कारण सामने नहीं आने पर संपत्ति सील करने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स की कम वसूली का असर नगर निगम के विकास कार्यों पर भी पड़ता है। सड़कों की मरम्मत, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के रखरखाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च के लिए निगम को राजस्व की जरूरत होती है।
10 लाख से ज्यादा वाले 146 बकायेदार
नगर निगम के अनुसार शहर में 146 ऐसे डिफाल्टर हैं, जिन पर 10 लाख रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इनमें कई वर्षों से टैक्स नहीं चुकाने वाले व्यापारी, निजी संस्थान, होटल संचालक और अन्य बड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं। निगम की टीमें इनसे संपर्क कर टैक्स जमा करने के लिए कह चुकी हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स नहीं देने वालों की संपत्तियां सील की जाएंगी। एक लाख रुपये से अधिक बकाया वाले डिफाल्टरों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराने वाले बकायेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। निगम के अनुसार शहर में करीब 2,900 ऐसे संपत्ति मालिक हैं, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इन सभी पर कुल बकाया राशि करीब 40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अब संपत्तियां सील करने की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम की ओर से चालू वित्त वर्ष में अब तक 17 करोड़ रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की जा चुकी है। यह पिछले वित्त वर्ष में हुई 15 करोड़ 98 लाख रुपये की वसूली से अधिक है। निगम अधिकारियों का कहना है कि रिकवरी बढ़ने के बावजूद बड़ी संख्या में संपत्ति मालिक अभी भी टैक्स जमा नहीं करा रहे हैं।
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निगम अधिकारियों के अनुसार बकायेदारों को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा निगम की टीमें व्यक्तिगत रूप से भी उनसे संपर्क कर चुकी हैं। इसके बावजूद बकाया राशि जमा नहीं कराने वालों को अब अंतिम कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करने पर संबंधित संपत्ति को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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नियमित टैक्स जमा नहीं होने से बकाया राशि पर ब्याज भी जुड़ता जा रहा है। इसके चलते कई संपत्तियों पर एक लाख रुपये का बकाया बढ़कर कई लाख रुपये तक पहुंच गया है। निगम क्षेत्र में कुल 216645 संपत्तियां पंजीकृत हैं।
नगर निगम की ओर से पिछले दिनों कॉलेज और अन्य प्रतिष्ठानों को सील कर बकाया टैक्स की रिकवरी की गई है। अब व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान डिफाल्टरों से लंबे समय तक टैक्स जमा नहीं करने का कारण पूछा जा रहा है। यदि कोई संपत्ति मालिक वैध कारण या मजबूरी बताता है तो निगम की ओर से जांच की जा रही है।
ठोस कारण सामने नहीं आने पर संपत्ति सील करने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स की कम वसूली का असर नगर निगम के विकास कार्यों पर भी पड़ता है। सड़कों की मरम्मत, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के रखरखाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च के लिए निगम को राजस्व की जरूरत होती है।
10 लाख से ज्यादा वाले 146 बकायेदार
नगर निगम के अनुसार शहर में 146 ऐसे डिफाल्टर हैं, जिन पर 10 लाख रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इनमें कई वर्षों से टैक्स नहीं चुकाने वाले व्यापारी, निजी संस्थान, होटल संचालक और अन्य बड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं। निगम की टीमें इनसे संपर्क कर टैक्स जमा करने के लिए कह चुकी हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स नहीं देने वालों की संपत्तियां सील की जाएंगी। एक लाख रुपये से अधिक बकाया वाले डिफाल्टरों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।