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Yamuna Nagar News: किसानों के तेवर भांप नहीं सका प्रशासन, कम पड़ी पुलिस फोर्स
Mon, 05 Oct 2026 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:58 AM IST
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औरंगाबाद में आयोजित महापंचायत में उपस्थित किसान। संवाद
- फोटो : credit
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। औरंगाबाद में रविवार को हुई भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में किसानों के तेवर प्रशासन नहीं भांप सका। महापंचायत में किसान नेताओं ने मंच से कई बार कड़ा निर्णय लेने के संकेत दिए, लेकिन इसके बावजूद ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ गई।
राकेश टिकैत ने हाईवे जाम करने की घोषणा की तो देखते ही देखते बड़ी संख्या में किसान सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे-344 पर पहुंच गए। भीड़ के आगे मौके पर तैनात पुलिस बल कम पड़ गया और किसान हाईवे पर बैठ गए। किसानों का जोश देख कर पुलिस ने भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की।
सुबह से ही किसान ट्रैक्टर लेकर औरंगाबाद स्थित हाईवे के रेस्ट एरिया में पहुंचने लगे थे। महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर और प्रदेशाध्यक्ष रतनमान समेत कई किसान नेता मौजूद रहे। किसानों की पांच प्रमुख मांगों को लेकर चर्चा की गई।
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महापंचायत के बाद किसान अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपना चाहते थे। मौके पर किसी अधिकारी के नहीं होने की सूचना पर राकेश टिकैत व प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने नाराजगी जताते हुए हाईवे जाम करने की घोषणा कर दी।
धान खरीद पर टिकैत ने उठाए सवाल
राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा की मंडियों में धान की खरीद नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो किसानों की फसल की सही तरीके से तौल हो रही है और न ही खरीद की व्यवस्था बनी है। टिकैत ने मुख्यमंत्री के मंडियों का दौरा करने का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल दौरे से किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि फसल खरीद के समय किसानों को कम भाव मिलता है, जबकि बाद में अनाज महंगे दाम पर बेचा जाता है। किसान अगर दिल्ली में 13 महीने बैठ सकते हैं तो चंडीगढ़ कौन सा दूर है।
दो दिन में बात नहीं बनी तो फिर हाईवे जाम
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि यदि दो दिन में किसानों की मांगों को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई तो फिर आंदोलन किया जाएगा। रतनमान ने बताया कि 12 अक्तूबर को करनाल में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक आयोजित की जाएगी। किन्नर समाज के प्रतिनिधि भी महापंचायत में पहुंचकर किसानों के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। महापंचायत का आयोजन भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर की अगुवाई में किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर, रतनमान, प्रदेश महासचिव अरविन कांबोज, जिला उपाध्यक्ष यादविंद्र कांबोज मौजूद रहे।
हाईवे पर किसानों के बीच बैठे एसडीएम
जाम की सूचना मिलने के बाद एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के बीच हाईवे पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और ज्ञापन लिया। एसडीएम ने बताया कि उपायुक्त रविवार को जिले से बाहर हैं। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जिला स्तर पर पूरी होने वाली मांगों को लेकर उपायुक्त से किसान नेताओं की बातचीत कराई जाएगी। प्रदेश स्तर की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
जाम में फंसे वाहन, लगी लंबी कतार
किसानों के हाईवे पर बैठने और ट्रैक्टर सड़क के बीच खड़े करने से एनएच-344 के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। जाम में फंसे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने सड़क खाली की। थाना यातायात प्रभारी संदीप कुमार ने टीम के साथ यातायात बहाल कराया।
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यमुनानगर। औरंगाबाद में रविवार को हुई भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में किसानों के तेवर प्रशासन नहीं भांप सका। महापंचायत में किसान नेताओं ने मंच से कई बार कड़ा निर्णय लेने के संकेत दिए, लेकिन इसके बावजूद ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ गई।
राकेश टिकैत ने हाईवे जाम करने की घोषणा की तो देखते ही देखते बड़ी संख्या में किसान सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे-344 पर पहुंच गए। भीड़ के आगे मौके पर तैनात पुलिस बल कम पड़ गया और किसान हाईवे पर बैठ गए। किसानों का जोश देख कर पुलिस ने भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की।
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सुबह से ही किसान ट्रैक्टर लेकर औरंगाबाद स्थित हाईवे के रेस्ट एरिया में पहुंचने लगे थे। महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर और प्रदेशाध्यक्ष रतनमान समेत कई किसान नेता मौजूद रहे। किसानों की पांच प्रमुख मांगों को लेकर चर्चा की गई।
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महापंचायत के बाद किसान अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपना चाहते थे। मौके पर किसी अधिकारी के नहीं होने की सूचना पर राकेश टिकैत व प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने नाराजगी जताते हुए हाईवे जाम करने की घोषणा कर दी।
धान खरीद पर टिकैत ने उठाए सवाल
राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा की मंडियों में धान की खरीद नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो किसानों की फसल की सही तरीके से तौल हो रही है और न ही खरीद की व्यवस्था बनी है। टिकैत ने मुख्यमंत्री के मंडियों का दौरा करने का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल दौरे से किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि फसल खरीद के समय किसानों को कम भाव मिलता है, जबकि बाद में अनाज महंगे दाम पर बेचा जाता है। किसान अगर दिल्ली में 13 महीने बैठ सकते हैं तो चंडीगढ़ कौन सा दूर है।
दो दिन में बात नहीं बनी तो फिर हाईवे जाम
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि यदि दो दिन में किसानों की मांगों को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई तो फिर आंदोलन किया जाएगा। रतनमान ने बताया कि 12 अक्तूबर को करनाल में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक आयोजित की जाएगी। किन्नर समाज के प्रतिनिधि भी महापंचायत में पहुंचकर किसानों के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। महापंचायत का आयोजन भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर की अगुवाई में किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर, रतनमान, प्रदेश महासचिव अरविन कांबोज, जिला उपाध्यक्ष यादविंद्र कांबोज मौजूद रहे।
हाईवे पर किसानों के बीच बैठे एसडीएम
जाम की सूचना मिलने के बाद एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के बीच हाईवे पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और ज्ञापन लिया। एसडीएम ने बताया कि उपायुक्त रविवार को जिले से बाहर हैं। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जिला स्तर पर पूरी होने वाली मांगों को लेकर उपायुक्त से किसान नेताओं की बातचीत कराई जाएगी। प्रदेश स्तर की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
जाम में फंसे वाहन, लगी लंबी कतार
किसानों के हाईवे पर बैठने और ट्रैक्टर सड़क के बीच खड़े करने से एनएच-344 के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। जाम में फंसे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने सड़क खाली की। थाना यातायात प्रभारी संदीप कुमार ने टीम के साथ यातायात बहाल कराया।

औरंगाबाद में आयोजित महापंचायत में उपस्थित किसान। संवाद- फोटो : credit

औरंगाबाद में आयोजित महापंचायत में उपस्थित किसान। संवाद- फोटो : credit