{"_id":"651f1f2db9efcbf3e90311e9","slug":"pran-vayu-devta-pension-will-start-in-haryana-from-november-1-kanwarpal-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-6937-2023-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में एक नवंबर से शुरू होगी प्राण वायु देवता पेंशन : कंवरपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में एक नवंबर से शुरू होगी प्राण वायु देवता पेंशन : कंवरपाल
Fri, 06 Oct 2023 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 06 Oct 2023 02:10 AM IST
विज्ञापन
प्रतापनगर (यमुनानगर)। हरियाणा सरकार अब 70 साल से अधिक पुराने पेड़ों को 2750 रुपये सालाना पेंशन देगी। इसकी शुरूआत एक नवंबर से होगी। पेड़ों के लिए ये पेंशन हरियाणा प्राण वायु देवता योजना के तहत दी जाएगी। पेंशन की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाएगी। इस प्रकार की योजना शुरू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। सरकार की ओर से ये योजना पुराने पेड़ों के संरक्षण के लिए शुरू की गई है। ये जानकारी पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री कंवरपाल ने व्यक्त किए। वे खंड प्रतापनगर में हथिनी कुंड बैराज पर आयोजित राज्य स्तरीय वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कलेसर जंगल सफारी की जल्द शुरूआत होने की भी बात कही। ऐसे में पर्यटक यहां जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
सरकार ने गिद्ध संरक्षण के प्रयासों को दी नई दिशा : कंवरपाल
मंत्री कंवरपाल ने कहा कि वन्य जीव मनुष्य के सच्चे साथी हैं। वह मनुष्य की खुशहाली के आधार भी हैं। पक्षी हमारे जीवन को आनंदमय बनाने के साथ पर्यावरण को संतुलित रखने में मदद करते हैं। ये फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों मक्खी, मच्छर, दीमक आदि को खाकर फसलों को नष्ट होने से बचाते हैं। चील, गिद्ध और कौआ पर्यावरण का साफ रखते हैं। सरकार ने गिद्ध संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा दी और पिंजौर में दुनिया के प्रथम गिद्ध प्रजनन केंद्र की स्थापना कर इस केंद्र से गिद्धों का संवर्धन करके इन्हें जंगलों में छोड़कर उनकी घर वापसी कराई। वहीं राज्य में मोर, चिंकारा, मगरमच्छ और लाल जंगली मुर्गा प्रजाति को विलुप्त होने से बचाने के लिए इनके प्रजनन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
-- -- -- -- -- -- -
बढ़ते प्रदूषण से लुप्त हो रहे वन्य प्राणी : गोंदर
हरियाणा वन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मपाल गोंदर ने कहा कि बढ़ते औद्योगिकीकरण, के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके अलावा विश्व में वन्यजीवों के बढ़ते व्यापार के कारण वन्य जीवों की कुछ प्रजातियां लुप्त हो चुकी है और कुछ लुप्त होने के कगार पर हैं। उन्हें बताया कि हरियाणा में बाघ व भालू एक जमाने में स्वछन्द विचरण करते नजर आते थे और हिसार के हिरनों की लखी डार काफी प्रसिद्ध थी। शेर एवं बाघ की तो बात दूर, हिरणों की संख्या में भी काफी कमी आई है। राज्य सरकार के प्रयासों से वन्यजीवों के संरक्षण के लिए राज्य में तीन चिड़ियाघर, एक डियर पार्क की स्थापना की गई है। भिवानी स्थित केरू गांव में चिंकारा प्रजनन केंद्र में आशातीत सफलता मिली है और कुरुक्षेत्र के पास भोर सैयंदा में मगरमच्छ प्रजनन केंद्र बनाया गया है। राज्य में दो राष्ट्रीय उद्यान, 8 प्राणी विहार, दो सरंक्षण आरक्ष क्षेत्र स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने गिद्ध संरक्षण के प्रयासों को दी नई दिशा : कंवरपाल
मंत्री कंवरपाल ने कहा कि वन्य जीव मनुष्य के सच्चे साथी हैं। वह मनुष्य की खुशहाली के आधार भी हैं। पक्षी हमारे जीवन को आनंदमय बनाने के साथ पर्यावरण को संतुलित रखने में मदद करते हैं। ये फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों मक्खी, मच्छर, दीमक आदि को खाकर फसलों को नष्ट होने से बचाते हैं। चील, गिद्ध और कौआ पर्यावरण का साफ रखते हैं। सरकार ने गिद्ध संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा दी और पिंजौर में दुनिया के प्रथम गिद्ध प्रजनन केंद्र की स्थापना कर इस केंद्र से गिद्धों का संवर्धन करके इन्हें जंगलों में छोड़कर उनकी घर वापसी कराई। वहीं राज्य में मोर, चिंकारा, मगरमच्छ और लाल जंगली मुर्गा प्रजाति को विलुप्त होने से बचाने के लिए इनके प्रजनन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन
बढ़ते प्रदूषण से लुप्त हो रहे वन्य प्राणी : गोंदर
हरियाणा वन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मपाल गोंदर ने कहा कि बढ़ते औद्योगिकीकरण, के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके अलावा विश्व में वन्यजीवों के बढ़ते व्यापार के कारण वन्य जीवों की कुछ प्रजातियां लुप्त हो चुकी है और कुछ लुप्त होने के कगार पर हैं। उन्हें बताया कि हरियाणा में बाघ व भालू एक जमाने में स्वछन्द विचरण करते नजर आते थे और हिसार के हिरनों की लखी डार काफी प्रसिद्ध थी। शेर एवं बाघ की तो बात दूर, हिरणों की संख्या में भी काफी कमी आई है। राज्य सरकार के प्रयासों से वन्यजीवों के संरक्षण के लिए राज्य में तीन चिड़ियाघर, एक डियर पार्क की स्थापना की गई है। भिवानी स्थित केरू गांव में चिंकारा प्रजनन केंद्र में आशातीत सफलता मिली है और कुरुक्षेत्र के पास भोर सैयंदा में मगरमच्छ प्रजनन केंद्र बनाया गया है। राज्य में दो राष्ट्रीय उद्यान, 8 प्राणी विहार, दो सरंक्षण आरक्ष क्षेत्र स्थापित किए गए हैं।
विज्ञापन