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Yamuna Nagar News: बाजार में लटक रहे बिजली के तार, लोगों को सता रही हादसे की आशंका
Fri, 26 Jun 2026 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:21 AM IST
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ईएसआई अस्पताल के सामने लटके बिजली के तार। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर बिजली के लटकते तार लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। मीरा बाजार, खेड़ा बाजार, बर्तन बाजार, छोटी लाइन, पत्थर वाला बाजार, बूड़िया चूंगी रोड, रेलवे स्टेशन रोड, न्यू मार्केट और पुराना रादौर रोड सहित कई क्षेत्रों में बिजली और अन्य केबलों का जाल सड़कों के ऊपर झूलता दिखाई देता है। इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कई स्थानों पर तार इतने नीचे लटक रहे हैं कि बड़े वाहनों को निकलने में भी परेशानी होती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में स्थिति और अधिक गंभीर है। संकरी गलियों और बाजारों में तारों का जाल इस कदर फैला हुआ है कि किसी आपात स्थिति में दमकल विभाग के वाहन भी प्रभावित हो सकते हैं। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मरों और लाइनों पर अतिरिक्त लोड पड़ता है।
ऐसे में पुराने और लटकते तारों के गर्म होने, शॉर्ट सर्किट होने या चिंगारी निकलने की संभावना बढ़ जाती है। यदि किसी भीड़भाड़ वाले बाजार में आग लग जाती है तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। बाजारों में बड़ी संख्या में कपड़ा, प्लास्टिक, लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री की दुकानें होने के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा रहता है।
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हैरानी की बात यह है कि शहर में नियमित रूप से अग्नि सुरक्षा को लेकर अभियान चलाने वाले दमकल विभाग की ओर से भी इस समस्या को लेकर बिजली निगम को कोई औपचारिक पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं बिजली निगम की ओर से भी लटकते तारों को व्यवस्थित करने और पुराने नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए कोई व्यापक अभियान नजर नहीं आता।
दुकानदार राजकुमार, रमन, अभिषेक का कहना है कि संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में यह समस्या लाई जा चुकी है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलता। कोई काम करने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए।
देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही आग की घटनाओं से भी प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा। शहरवासियों ने प्रशासन, बिजली निगम और दमकल विभाग से मांग की है कि बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का संयुक्त सर्वे कराया जाए तथा लटकते तारों को तत्काल हटाकर सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
बिजली के लटकते तार समय-समय पर ठीक कराए जाते हैं। फिर भी कहीं तार लटक रहे हैं तो कर्मचारियों को मौके पर भेज कर उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा। - मनिंद्र सिंह, एसई, बिजली निगम।
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यमुनानगर। शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर बिजली के लटकते तार लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। मीरा बाजार, खेड़ा बाजार, बर्तन बाजार, छोटी लाइन, पत्थर वाला बाजार, बूड़िया चूंगी रोड, रेलवे स्टेशन रोड, न्यू मार्केट और पुराना रादौर रोड सहित कई क्षेत्रों में बिजली और अन्य केबलों का जाल सड़कों के ऊपर झूलता दिखाई देता है। इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कई स्थानों पर तार इतने नीचे लटक रहे हैं कि बड़े वाहनों को निकलने में भी परेशानी होती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में स्थिति और अधिक गंभीर है। संकरी गलियों और बाजारों में तारों का जाल इस कदर फैला हुआ है कि किसी आपात स्थिति में दमकल विभाग के वाहन भी प्रभावित हो सकते हैं। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मरों और लाइनों पर अतिरिक्त लोड पड़ता है।
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ऐसे में पुराने और लटकते तारों के गर्म होने, शॉर्ट सर्किट होने या चिंगारी निकलने की संभावना बढ़ जाती है। यदि किसी भीड़भाड़ वाले बाजार में आग लग जाती है तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। बाजारों में बड़ी संख्या में कपड़ा, प्लास्टिक, लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री की दुकानें होने के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा रहता है।
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हैरानी की बात यह है कि शहर में नियमित रूप से अग्नि सुरक्षा को लेकर अभियान चलाने वाले दमकल विभाग की ओर से भी इस समस्या को लेकर बिजली निगम को कोई औपचारिक पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं बिजली निगम की ओर से भी लटकते तारों को व्यवस्थित करने और पुराने नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए कोई व्यापक अभियान नजर नहीं आता।
दुकानदार राजकुमार, रमन, अभिषेक का कहना है कि संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में यह समस्या लाई जा चुकी है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलता। कोई काम करने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए।
देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही आग की घटनाओं से भी प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा। शहरवासियों ने प्रशासन, बिजली निगम और दमकल विभाग से मांग की है कि बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का संयुक्त सर्वे कराया जाए तथा लटकते तारों को तत्काल हटाकर सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
बिजली के लटकते तार समय-समय पर ठीक कराए जाते हैं। फिर भी कहीं तार लटक रहे हैं तो कर्मचारियों को मौके पर भेज कर उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा। - मनिंद्र सिंह, एसई, बिजली निगम।

ईएसआई अस्पताल के सामने लटके बिजली के तार। संवाद