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हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा, गेहूं कटाई भी कारण, एक्यूआई 211 पर पहुंचा
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यमुनानगर। जिले में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से बढ़ गया। सोमवार को जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 211 प्रति घनमीटर दर्ज किया गया। राहत की बात यह है कि एक दिन पहले यह 265 था। फिर भी इस वक्त जो एक्यूआई दर्ज किया जा रहा है वह भी काफी खतरनाक है। एक्यूआई बढ़ने के पीछे फैक्ट्रियों व वाहनों से निकलने वाला धुंआ तो है ही साथ में इस वक्त गेहूं की कटाई भी चल रही है। जिससे भूसा हवा में मिल गया है। ऐसे में अभी एक माह तक प्रदूषण के कम होने की कोई संभावना नहीं है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए डाक्टर लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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पर्यावरणविद् डॉ. अजय गुप्ता का कहना है कि कूड़े में अगर पॉलीथिन है और उसमें आग लगाई जाती है, तो डायोक्सीन नामक गैस निकलती है। जो अत्याधिक प्रदूषण करती है। अगर कूड़े में प्लास्टिक भी शामिल है, तो कार्बनडाइ आक्साइड, कार्बन मोनोआक्साइड व अन्य जहरीली गैस निकलती है। जो पर्यावरण के लिए तो हानिकारक हैं ही, साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालती है। फैक्टरियों से निकलने वाले जहरीले धुएं की वजह से जीवनदायिनी हवा, अब मौत का सबब बन रही है। इनमें पीएम 2.5 कणों की मात्रा ज्यादा होती है। ये इतने महीन कण होते हैं कि सांस के जरिए सीधे फेफड़ों व शरीर के दूसरे अंगों पर प्रहार करते हैं। लोग कैंसर, दमा सहित अन्य गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। लेकिन प्रशासन व संबंधित विभाग के अधिकारियों को किसी की चिंता नहीं है।
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हवा की गुणवत्ता का पैमाना :
एयर क्वालिटी इंडेक्स की मात्रा यदि 0 से 50 के बीच है, तो उसे अच्छा माना जाता है। 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बेहद खराब तथा 401 से 500 के बीच की स्थिति गंभीर श्रेणी में मानी जाती है। सोमवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब स्थिति में दर्ज किया गया।
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अप्रैल माह जिले का एक्यूआई:
तारीख एक्यूआई
1 166
2 193
3 203
4 257
5 188
6 163
7 184
8 206
9 195
10 265
11 211
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पर्यावरणविद् डॉ. अजय गुप्ता का कहना है कि कूड़े में अगर पॉलीथिन है और उसमें आग लगाई जाती है, तो डायोक्सीन नामक गैस निकलती है। जो अत्याधिक प्रदूषण करती है। अगर कूड़े में प्लास्टिक भी शामिल है, तो कार्बनडाइ आक्साइड, कार्बन मोनोआक्साइड व अन्य जहरीली गैस निकलती है। जो पर्यावरण के लिए तो हानिकारक हैं ही, साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालती है। फैक्टरियों से निकलने वाले जहरीले धुएं की वजह से जीवनदायिनी हवा, अब मौत का सबब बन रही है। इनमें पीएम 2.5 कणों की मात्रा ज्यादा होती है। ये इतने महीन कण होते हैं कि सांस के जरिए सीधे फेफड़ों व शरीर के दूसरे अंगों पर प्रहार करते हैं। लोग कैंसर, दमा सहित अन्य गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। लेकिन प्रशासन व संबंधित विभाग के अधिकारियों को किसी की चिंता नहीं है।
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हवा की गुणवत्ता का पैमाना :
एयर क्वालिटी इंडेक्स की मात्रा यदि 0 से 50 के बीच है, तो उसे अच्छा माना जाता है। 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बेहद खराब तथा 401 से 500 के बीच की स्थिति गंभीर श्रेणी में मानी जाती है। सोमवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब स्थिति में दर्ज किया गया।
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अप्रैल माह जिले का एक्यूआई:
तारीख एक्यूआई
1 166
2 193
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4 257
5 188
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