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Yamuna Nagar News: कांवड़िये बनकर यात्रा पर नजर रखेंगे, पुलिसकर्मी, दूरबीन से होगी निगरानी
Mon, 14 Jul 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था व शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मी कांवड़िये बनकर घूमेंगे। इस दौरान पुलिस कर्मी कांवड़ियों के वेश में एक से दूसरे शिविर पहुंचकर निगरानी करेंगे। वहीं हर थाना क्षेत्र में राइडर व ईआरवी लगातार गश्त करेंगी। वहीं, वॉच टॉवर से पुलिस कर्मचारी दूरबीन से क्षेत्रों की निगरानी करेंगे। इसके अलावा शिविरों पर भी पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।
सुरक्षित कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की है। यात्रा को लेकर पुलिस ने जिले को पांच जोन में विभाजित किया है। इसके लिए डीएसपी हेडक्वार्टर कंवलजीत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कांवड़ यात्रा 23 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान यमुनानगर से पड़ोसी जिलों व राज्यों के सैकड़ों कांवड़िये यहां से गुजरेंगे। ऐसे में यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त किए हैं।
जिले से पैदल व डाक कांवड़ लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़ के सैकड़ों कावड़िये अपने गंतव्य के लिए गुजरेंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों की पर भारी भीड़ रहती है। जिससे कांवड़ियों के साथ अन्य लोगों को भी परेशानी होती है। ऐसे में इसे लेकर पुलिस ने कांवड़ियों के रास्तों को पांच जोन में विभाजित किया है। कांवड़ यात्रा के दौरान इन पांच जोन के निर्धारित रास्तों पर भारी व माल वाहक वाहनों का प्रवेश नहीं होगा।
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इस दौरान दस क्रेन, नौ एंबुलेंस, नौ फायर ब्रिगेड की गाड़ियां व छह रिकवरी वैन 24 घंटे तैनात रहेगी। वहीं, वॉकी-टॉकी से लैस 22 राइडर व सात ईआरवी क्षेत्रों में दिन रात गश्त करती रहेंगी। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सभी जोन में डीएसपी की जिम्मेदारी लगाई है। जिले में 19 नाके लगाकर निगरानी की जा रही है। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।
इन रास्तों पर वाहनों का प्रवेश बंद
पुलिस ने पहले जोन में उत्तर प्रदेश यमुनानगर सीमा से नए बाइपास, कलानौर, दूधला, औरंगाबाद, सुढल, कैल गुरुद्वारा, कैल, भंभौली, गधौला, गधौली, छप्पर, कलावड़ चौक को रखा है। यह वे गांव हैं जो नेशनल हाईवे से सटे हैं। इस रास्ते से अंबाला, चंडीगढ़ सहित हिमाचल प्रदेश के कांवड़िए निकलते हैं। जोन दो में खजूरी मोड़ से जठलाना गुमथला राव तक, औरंगाबाद, किशनपुरा दामला, कुंजल मोड, रतनगढ़, जुब्बल, कांजनू, जेएमआइटी रादौर, त्रिवेणी रादौर, नाका सांगीपुर मार्ग रखे गए हैं। इस रास्ते कांवड़िये लाडवा, कुरुक्षेत्र, बबैन, पिहोवा, कैथल, इंद्री, करनाल सहित पटियाला जाते हैं। जिस मार्ग पर पंजाब व जम्मू कश्मीर के कांवड़ियों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। जोन तीन में कलानौर बाईपास से मंडोली मोड, दुसानी पांसरा, खजूरी मोड से नहरपुल, खानचंद चौक, गन्ना यार्ड, विश्वकर्मा चौक, नाका जोडिया औरंगाबाद बाईपास तक, इसके बाद विश्वकर्मा चौक, रेलवे ओवरब्रिज, चांदपुर, कमानी चौक, भाई कन्हैया साहिब चौक, जगाधरी बस अड्डा, जगाधरी मटका चौक, झोटा चौक, तेजली, भोजपुर नहर पुल, फतेहपुर मोड़, बहरामपुर चौक, कैत मंडी, लापरा, कलानौर रेलवे पुल तक, इसके बाद जगाधरी बस अड्डा, रक्षक विहार, कैल गुरुद्वारा, नए बाईपास तक के मार्ग को शामिल किया गया है। यह सभी मार्ग व स्थान शहर के बीच है। कांवड़ यात्री मुख्य सड़क के बजाए यमुनानगर शहर के भीतर से निकलना ज्यादा पसंद करते हैं। यहां से कांवड़िये अंबाला, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश निकलते हैं। जोन चार में रक्षक विहार, गुलाबनगर चौक, महलांवाली, शाहकमेशपुर, मंधार, बाल छप्पर, पाबनी, चाहड़वाला, सरावां तक, गुलाबनगर चौक, हरनौली, महमूदपुर, भेड़थल, व्यासपुर, भीलछप्पर, मारवां, तुंबी, भोगपुर, दोसड़का चौक, साढौरा, पहाड़ीपुर, कालाआंब, दोसड़का चौक साढौरा से सरावां मार्ग हैं। इस मार्ग का प्रयोग कांवड़िये नारायणगढ़, पिंजौर, मोरनी, पंचकूला, चंडीगढ़ सिरमौर, कालाआंब से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए करते हैं। वहीं, जोन पांच में व्यासपुर से छछरौली से प्रताप नगर तक, झोटा चौक से बूड़िया चौक, मानकपुर, पंजेटो, छछरौली मार्ग शामिल किए गए हैं। यहां से कांवड़िये पांवटा साहिब व जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए जाते हैं।
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जगाधरी। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था व शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मी कांवड़िये बनकर घूमेंगे। इस दौरान पुलिस कर्मी कांवड़ियों के वेश में एक से दूसरे शिविर पहुंचकर निगरानी करेंगे। वहीं हर थाना क्षेत्र में राइडर व ईआरवी लगातार गश्त करेंगी। वहीं, वॉच टॉवर से पुलिस कर्मचारी दूरबीन से क्षेत्रों की निगरानी करेंगे। इसके अलावा शिविरों पर भी पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।
सुरक्षित कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की है। यात्रा को लेकर पुलिस ने जिले को पांच जोन में विभाजित किया है। इसके लिए डीएसपी हेडक्वार्टर कंवलजीत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कांवड़ यात्रा 23 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान यमुनानगर से पड़ोसी जिलों व राज्यों के सैकड़ों कांवड़िये यहां से गुजरेंगे। ऐसे में यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त किए हैं।
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जिले से पैदल व डाक कांवड़ लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़ के सैकड़ों कावड़िये अपने गंतव्य के लिए गुजरेंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों की पर भारी भीड़ रहती है। जिससे कांवड़ियों के साथ अन्य लोगों को भी परेशानी होती है। ऐसे में इसे लेकर पुलिस ने कांवड़ियों के रास्तों को पांच जोन में विभाजित किया है। कांवड़ यात्रा के दौरान इन पांच जोन के निर्धारित रास्तों पर भारी व माल वाहक वाहनों का प्रवेश नहीं होगा।
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इस दौरान दस क्रेन, नौ एंबुलेंस, नौ फायर ब्रिगेड की गाड़ियां व छह रिकवरी वैन 24 घंटे तैनात रहेगी। वहीं, वॉकी-टॉकी से लैस 22 राइडर व सात ईआरवी क्षेत्रों में दिन रात गश्त करती रहेंगी। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सभी जोन में डीएसपी की जिम्मेदारी लगाई है। जिले में 19 नाके लगाकर निगरानी की जा रही है। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।
इन रास्तों पर वाहनों का प्रवेश बंद
पुलिस ने पहले जोन में उत्तर प्रदेश यमुनानगर सीमा से नए बाइपास, कलानौर, दूधला, औरंगाबाद, सुढल, कैल गुरुद्वारा, कैल, भंभौली, गधौला, गधौली, छप्पर, कलावड़ चौक को रखा है। यह वे गांव हैं जो नेशनल हाईवे से सटे हैं। इस रास्ते से अंबाला, चंडीगढ़ सहित हिमाचल प्रदेश के कांवड़िए निकलते हैं। जोन दो में खजूरी मोड़ से जठलाना गुमथला राव तक, औरंगाबाद, किशनपुरा दामला, कुंजल मोड, रतनगढ़, जुब्बल, कांजनू, जेएमआइटी रादौर, त्रिवेणी रादौर, नाका सांगीपुर मार्ग रखे गए हैं। इस रास्ते कांवड़िये लाडवा, कुरुक्षेत्र, बबैन, पिहोवा, कैथल, इंद्री, करनाल सहित पटियाला जाते हैं। जिस मार्ग पर पंजाब व जम्मू कश्मीर के कांवड़ियों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। जोन तीन में कलानौर बाईपास से मंडोली मोड, दुसानी पांसरा, खजूरी मोड से नहरपुल, खानचंद चौक, गन्ना यार्ड, विश्वकर्मा चौक, नाका जोडिया औरंगाबाद बाईपास तक, इसके बाद विश्वकर्मा चौक, रेलवे ओवरब्रिज, चांदपुर, कमानी चौक, भाई कन्हैया साहिब चौक, जगाधरी बस अड्डा, जगाधरी मटका चौक, झोटा चौक, तेजली, भोजपुर नहर पुल, फतेहपुर मोड़, बहरामपुर चौक, कैत मंडी, लापरा, कलानौर रेलवे पुल तक, इसके बाद जगाधरी बस अड्डा, रक्षक विहार, कैल गुरुद्वारा, नए बाईपास तक के मार्ग को शामिल किया गया है। यह सभी मार्ग व स्थान शहर के बीच है। कांवड़ यात्री मुख्य सड़क के बजाए यमुनानगर शहर के भीतर से निकलना ज्यादा पसंद करते हैं। यहां से कांवड़िये अंबाला, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश निकलते हैं। जोन चार में रक्षक विहार, गुलाबनगर चौक, महलांवाली, शाहकमेशपुर, मंधार, बाल छप्पर, पाबनी, चाहड़वाला, सरावां तक, गुलाबनगर चौक, हरनौली, महमूदपुर, भेड़थल, व्यासपुर, भीलछप्पर, मारवां, तुंबी, भोगपुर, दोसड़का चौक, साढौरा, पहाड़ीपुर, कालाआंब, दोसड़का चौक साढौरा से सरावां मार्ग हैं। इस मार्ग का प्रयोग कांवड़िये नारायणगढ़, पिंजौर, मोरनी, पंचकूला, चंडीगढ़ सिरमौर, कालाआंब से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए करते हैं। वहीं, जोन पांच में व्यासपुर से छछरौली से प्रताप नगर तक, झोटा चौक से बूड़िया चौक, मानकपुर, पंजेटो, छछरौली मार्ग शामिल किए गए हैं। यहां से कांवड़िये पांवटा साहिब व जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए जाते हैं।