Yamuna Nagar: सवा साल में प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरी बार की मधुमक्खी पालक सुभाष की तारीफ, यह है वजह
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में सुभाष कांबोज का जिक्र किया। सुभाष कांबोज ने कहा कि मेरे लिए गर्व की बात है जो दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी ने तारीफ की है। सुभाष कांबोज ने बताया कि वह पूरे भारत में खुद शहद की बिक्री करते हैं।
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मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हरियाणा के यमुनानगर जिले के गांव हाफिजपुर निवासी प्रगतिशील किसान सुभाष कांबोज का जिक्र किया। यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में सुभाष कांबोज की मेहनत व तारीफों के पुल बांधे हैं। इससे पहले मार्च 2021 में भी मोदी ने सुभाष का जिक्र मन की बात में किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा के यमुनानगर में सुभाष कांबोज जी रहते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद उन्होंने केवल छह बॉक्स के साथ अपना काम शुरू किया था। आज वह करीब दो हजार बॉक्स में मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। वैज्ञानिक तरीके से किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।
मेरे लिए गर्व की बात है : सुभाष कांबोज
54 वर्षीय सुभाष कांबोज ने बताया कि यह उनके लिए बड़े गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में दूसरी बार उनका जिक्र किया है। प्रधानमंत्री के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर वह बहुत खुश हैं। सुभाष ने बताया कि उन्होंने मधुमक्खी पालन केवल व्यवसाय के तौर पर शुरू किया था। आज वह दो हजार से ज्यादा बॉक्स में मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है। वह स्नातक पास हैं और उन्होंने डीपीएड का डिप्लोमा भी किया हुआ है। 1996 से पहले उन्होंने निजी विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्य किया।
कई राज्यों के अलावा अमेरिका में भी करते हैं निर्यात
सुभाष कांबोज ने बताया कि वह पूरे भारत में खुद शहद की बिक्री करते हैं। उनका शहद हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल आदि में बिकता है। वहीं दूसरी ओर सरसों के फूलों का शहद अमेरिका समेत कई अन्य देशों में जाता है। सरसों के फूलों से मधुमक्खियों द्वारा तैयार किए गए शहद की बाहर के देशों में ज्यादा मांग है। वह 10 एकड़ में खेती करते हैं।
1996 में खादी ग्राम उद्योग से मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मधुमक्खी पालन के छह बॉक्स से उन्होंने काम शुरू किया था। इन बॉक्स को वे मौसम व फूलों की उपलब्धता के आधार पर अन्य राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर आदि में स्थानांतरित करते हैं।
अब तक वह हजार से ज्यादा लोगों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना चुके हैं। मधुमक्खी पालन से शहद के अतिरिक्त छह उत्पाद- मोम, कोम्ब हनी, बी प्रोपोलिस, बी पोलन, वीवनम व रायल जैली भी तैयार करते हैं। आईबीडीसी कुरुक्षेत्र में उनको मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, उदयपुर विश्वविद्यालय व यमुनानगर के उपायुक्त रहे रोहतास खर्ब द्वारा मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में सम्मानित किया जा चुका है।