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नए चालान नियमों से प्रदूषण सेंटरों पर बढ़ी भीड़
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ट्रैफिक नियमों में सख्ती का असर प्रदूषण सर्टिफिकेट लेने के लिए सेंटर पर भीड़ जुटने लगी
- फोटो : YAMUNA NAGAR
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ट्रैफिक नियमों में सख्ती का असर दिखने लगा है। अब प्रदूषण सर्टिफिकेट लेने के लिए सेंटर पर भीड़ जुटने लगी है। हर तरफ अफरातफरी मच गई है। महज 50 रुपये में मिलने वाले पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के नहीं होने से कई लोगों को दस हजार रुपये तक का चालान भरना पड़ा है। पहले ये जुर्माना केवल एक हजार रुपये का था। इसलिए पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने की होड़ मची है। आलम यह है कि जिले के 100 सेंटरों पर ही एक सप्ताह में 10 हजार से ज्यादा गाड़ियों के पीयूसी सर्टिफिकेट जारी हो चुके हैं। प्रदूषण जांच केंद्रों इन दिनों ऐसी गाड़ियां भी आ रही हैं, जिनका सालों से प्रदूषण चेक नहीं हुआ था।
प्रदूषण चेक करवाने वालों की बढ़ रही संख्या : एक सेंटर संचालक ने बताया कि पहले रोज 4-5 गाड़ियों का प्रदूषण चेक होता था। यह तादाद बढ़कर अब 20 तक पहुंच गई है। इससे लोगों को सेंटर में ज्यादा वक्त भी लग रहा है। सर्वर धीमा होने की समस्या से सिस्टम भी धीमा काम कर रहा है। पहले 3 से 5 मिनट में सर्टिफिकेट जारी हो जाता था, लेकिन अब 30 मिनट तक की देरी हो रही है।
भेजे जाएंगे एसएमएस : ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि गाड़ियों के प्रदूषण जांच करवाने वालों से मोबाइल नंबर भी लिया जा रहा है और सर्टिफिकेट की समय सीमा खत्म होने से एक हफ्ते पहले मेसेज भेजा जाएगा। उसके बाद जिस दिन सर्टिफिकेट खत्म होने वाला होता है, उस समय भी मेसेज भेजेंगे।
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बीमा, वाहन की प्रदूषण जांच पुलिस से बचने के लिए नहीं है। वाहन की जांच पुलिस आपकी जान बचाने के लिए कर रही है। इसे अन्यथा में नहीं लेना चाहिए। तमाम कागजात पूरे रखे और यातायात नियमों की पालना करें।-यादविंद्र सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक थाना।
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प्रदूषण चेक करवाने वालों की बढ़ रही संख्या : एक सेंटर संचालक ने बताया कि पहले रोज 4-5 गाड़ियों का प्रदूषण चेक होता था। यह तादाद बढ़कर अब 20 तक पहुंच गई है। इससे लोगों को सेंटर में ज्यादा वक्त भी लग रहा है। सर्वर धीमा होने की समस्या से सिस्टम भी धीमा काम कर रहा है। पहले 3 से 5 मिनट में सर्टिफिकेट जारी हो जाता था, लेकिन अब 30 मिनट तक की देरी हो रही है।
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भेजे जाएंगे एसएमएस : ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि गाड़ियों के प्रदूषण जांच करवाने वालों से मोबाइल नंबर भी लिया जा रहा है और सर्टिफिकेट की समय सीमा खत्म होने से एक हफ्ते पहले मेसेज भेजा जाएगा। उसके बाद जिस दिन सर्टिफिकेट खत्म होने वाला होता है, उस समय भी मेसेज भेजेंगे।
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बीमा, वाहन की प्रदूषण जांच पुलिस से बचने के लिए नहीं है। वाहन की जांच पुलिस आपकी जान बचाने के लिए कर रही है। इसे अन्यथा में नहीं लेना चाहिए। तमाम कागजात पूरे रखे और यातायात नियमों की पालना करें।-यादविंद्र सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक थाना।