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म्हारे बॉक्सर के पंच से विदेशी भी हुए ढेर
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Wed, 03 Jun 2015 12:12 AM IST
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कामनवेल्थ गेम्स (2008) में कांस्य पदक जीत चुके जिले के बॉक्सर नीरज गोयत ने अब प्रोफेशनल बॉक्सिंग में भी जौहर दिखाए हैं।
इस बार नीरज ने चार देशों के बॉक्सरों को पंच से ढेर कर एशियन चैंपियनशिप अपने नाम की। यह मुकाम पाकर नीरज ने न केवल जिले व प्रदेश बल्कि देश का नाम भी रोशन किया है।
दिल्ली के साकेत स्थित एक मॉल में प्रो-बॉक्सिंग चैंपियन फाइट नाइट हुई। इसमें चार देशों भारत, फिलिपींस, अमेरिका व थाईलैंड के बॉक्सरों ने हिस्सा लिया। इसमें यमुनानगर से नीरज गोयत और भिवानी से दिलबाग सिंह व दिल्ली से बलबीर और गुरलाल व विकास हुडा ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
चैंपियनशिप के 66 किलो भार वर्ग में यमुनानगर के नीरज फिलिपींस के नेलसन गुल्पे को हराकर एशिया के चैंपियन बने जबकि भिवानी के दिलबाग सिंह ने 72 किलो भार वर्ग में अमेरिका के क्लिनटन स्मिथ को हराया और 56 किलो भार वर्ग में दिल्ली के बलबीर ने थाईलैंड के खूंखीर वोर विसारथ को हराया।
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चैंपियनशिप जीतने पर नीरज गोयत ने कहा कि प्रोफेशनल बॉक्सिंग आर्गनाइजेशन इंडिया की मदद से भारत के बॉक्सरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल पाएगी। भारतीय बॉक्सरों के लिए यह एक सुनहरा मौका है कि प्रोफेशनल बॉक्सिंग को देश में लाया जा रहा है।
नीरज के घर में खुशी का माहौल
तेजली सेक्टर-17 निवासी नीरज के छोटे भाई कुनाल गोयत ने बताया कि जैसे ही उन्हें फोन पर नीरज ने अपनी जीत की सूचना दी, घर पर खुशी का माहौल छा गया। पिता जोगिंद्र सिंह व माता कमला देवी बेटे की कामयाबी पर फूले नहीं समा रहे हैं। परिजनों ने नीरज की जीत पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
कुनाल गोयत ने कहा कि नीरज दो-तीन दिन में दिल्ली से लौटेगा। उसके जोरदार स्वागत के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कुनाल ने बताया कि नीरज ने 2008 में कामनवेल्थ में कांस्य मेडल हासिल किया था जबकि छह माह से भिवानी में कोच राम सिंह की देखरेख में प्रोफेशनल बॉक्सिंग में जीतोड़ मेहनत कर रहा था। इसी के बलबूते उसने एशियन चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया।
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इस बार नीरज ने चार देशों के बॉक्सरों को पंच से ढेर कर एशियन चैंपियनशिप अपने नाम की। यह मुकाम पाकर नीरज ने न केवल जिले व प्रदेश बल्कि देश का नाम भी रोशन किया है।
दिल्ली के साकेत स्थित एक मॉल में प्रो-बॉक्सिंग चैंपियन फाइट नाइट हुई। इसमें चार देशों भारत, फिलिपींस, अमेरिका व थाईलैंड के बॉक्सरों ने हिस्सा लिया। इसमें यमुनानगर से नीरज गोयत और भिवानी से दिलबाग सिंह व दिल्ली से बलबीर और गुरलाल व विकास हुडा ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
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चैंपियनशिप के 66 किलो भार वर्ग में यमुनानगर के नीरज फिलिपींस के नेलसन गुल्पे को हराकर एशिया के चैंपियन बने जबकि भिवानी के दिलबाग सिंह ने 72 किलो भार वर्ग में अमेरिका के क्लिनटन स्मिथ को हराया और 56 किलो भार वर्ग में दिल्ली के बलबीर ने थाईलैंड के खूंखीर वोर विसारथ को हराया।
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चैंपियनशिप जीतने पर नीरज गोयत ने कहा कि प्रोफेशनल बॉक्सिंग आर्गनाइजेशन इंडिया की मदद से भारत के बॉक्सरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल पाएगी। भारतीय बॉक्सरों के लिए यह एक सुनहरा मौका है कि प्रोफेशनल बॉक्सिंग को देश में लाया जा रहा है।
नीरज के घर में खुशी का माहौल
तेजली सेक्टर-17 निवासी नीरज के छोटे भाई कुनाल गोयत ने बताया कि जैसे ही उन्हें फोन पर नीरज ने अपनी जीत की सूचना दी, घर पर खुशी का माहौल छा गया। पिता जोगिंद्र सिंह व माता कमला देवी बेटे की कामयाबी पर फूले नहीं समा रहे हैं। परिजनों ने नीरज की जीत पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
कुनाल गोयत ने कहा कि नीरज दो-तीन दिन में दिल्ली से लौटेगा। उसके जोरदार स्वागत के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कुनाल ने बताया कि नीरज ने 2008 में कामनवेल्थ में कांस्य मेडल हासिल किया था जबकि छह माह से भिवानी में कोच राम सिंह की देखरेख में प्रोफेशनल बॉक्सिंग में जीतोड़ मेहनत कर रहा था। इसी के बलबूते उसने एशियन चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया।