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दस्तावेज जांच में फंसी सरसों के तेल की जगह रुपये देने की योजना
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यमुनानगर। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को सरकार की ओर से तेल की जगह रुपये देने की योजना सत्यापन के फेर में फंस गई है। इसलिए दो माह से जिले के करीब 65 हजार परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन परिवार को हर माह दो लीटर सरसों का तेल दिया जाता था। कुछ समय पहले एक तरफ जहां सरसों के तेल की कीमत में इजाफा हुआ, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने कार्ड धारकों को मिलने वाला तेल बंद कर दिया।
जून माह में सरकार ने इन लोगों को तेल के बदले 250 रुपये देने की घोषणा की थी, जो सीधे लाभार्थियों के खाते में दिए जाने थे। अब ये योजना लोगों के लिए आफत बन गई है। पात्र कार्ड धारकों को प्रमाण देने के लिए विभाग के धक्के खाने पड़ रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से लाभार्थियों के जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद विभाग इसकी जांच में जुटा है, लेकिन तीन महीने में जांच पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में विभाग लोगों को ही अपना सत्यापन स्वयं करवाने की बात कह रहा है। विभाग ने कार्ड धारकों को अपने डिपो संचालक के पास परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता की जानकारी जमा करवाने की अधिसूचना जारी की है।
65 हजार परिवारों को राहत का इंतजार
जिला खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रण विभाग के पास जिले में कुल 146239 हैं। जिसमें छह लाख 60 हजार लोगों के नाम दर्ज हैं। इनमें से 9681 गुलाबी कार्ड धारक हैं। जबकि 55072 पीला कार्ड धारक परिवार हैं। पीले और गुलाबी कार्ड धारकों को विभाग की ओर से हर माह दो लीटर सरसों का तेल दिया जाता था। जिलेभर में विभाग हर माह करीब 14 हजार लीटर तेल इन जरूरतमंद परिवारों में वितरित करता था। अब इन परिवारों को न तो डिपो से तेल मिल रहा है और न ही सरकार की ओर से 250 मिल रहे हैं।
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दो सौ के करीब पहुंचा तेल
पेट्रोल डीजल की तरह सरसों के दामों में भी महंगाई की आग लग गई है। हर दिन तेल के दाम में इजाफा हो रहा है। सरकार की ओर से लोगों को 20 रुपये प्रति लीटर की दर से यह तेल दिया जाता था। जबकि बाजार में स्थानीय तेल की कीमत 145 से 160 रुपये है। जबकि चक्की के तेल की कीमत (कच्ची घानी) की कीमत दो सौ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं नामी ब्रांड के सरसों तेल 160 रुपये 180 रुपये के बीच बिक रहे हैं।
विभाग ने जारी की अधिसूचना
अधिकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा सभी बीपीएल तथा एपीएल कार्ड धारकों को सरसों के तेल की बजाए प्रति माह रुपये दिए जाएंगे। लाभार्थियों को बैंक खाता में रुपये पाने के लिए उनकी परिवार पहचान पत्र अपडेट करवा लें। जिन कार्ड धारकों के बैंक खाता उनकी पीपीपी से सही नहीं है या दर्ज नहीं है उनकी सूची खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा क्षेत्र के राशन डिपो पर उपलब्ध करवा दी जाए गई है। प्रत्येक बीपीएल तथा एपीएल कार्ड धारकों से अनुरोध है किया है कि वे अपने राशन डिपो पर पहुंचकर सूची में अपना ब्यौरा जांच लें। यदि नाम सूची में है तो वह तुरंत अपने नजदीकी अटल सेवा केंद्र व नागरिक सुविधा केंद्र पहुंचकर फैमली आईडी में खाता नंबर सही करवा लें।
सरकार ने लोगों को सरसों तेल बजाए हर माह 250 रुपये देने की योजना बनाई है। जिसके लिए सभी लाभार्थियों की जांच की जा रही है। जिन लोगों की परिवार पहचान पत्र आईडी बैंक खाता से लिंक नहीं है उन्हें सब्सिडी नहीं मिल पाएगी। इसलिए सभी को इसे डिपो पहुंचकर लिंक करवाने के लिए कहा जा रहा है।-कुशलपाल बूरा, डीएफएससी, यमुनानगर।
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जून माह में सरकार ने इन लोगों को तेल के बदले 250 रुपये देने की घोषणा की थी, जो सीधे लाभार्थियों के खाते में दिए जाने थे। अब ये योजना लोगों के लिए आफत बन गई है। पात्र कार्ड धारकों को प्रमाण देने के लिए विभाग के धक्के खाने पड़ रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से लाभार्थियों के जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद विभाग इसकी जांच में जुटा है, लेकिन तीन महीने में जांच पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में विभाग लोगों को ही अपना सत्यापन स्वयं करवाने की बात कह रहा है। विभाग ने कार्ड धारकों को अपने डिपो संचालक के पास परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता की जानकारी जमा करवाने की अधिसूचना जारी की है।
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65 हजार परिवारों को राहत का इंतजार
जिला खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रण विभाग के पास जिले में कुल 146239 हैं। जिसमें छह लाख 60 हजार लोगों के नाम दर्ज हैं। इनमें से 9681 गुलाबी कार्ड धारक हैं। जबकि 55072 पीला कार्ड धारक परिवार हैं। पीले और गुलाबी कार्ड धारकों को विभाग की ओर से हर माह दो लीटर सरसों का तेल दिया जाता था। जिलेभर में विभाग हर माह करीब 14 हजार लीटर तेल इन जरूरतमंद परिवारों में वितरित करता था। अब इन परिवारों को न तो डिपो से तेल मिल रहा है और न ही सरकार की ओर से 250 मिल रहे हैं।
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दो सौ के करीब पहुंचा तेल
पेट्रोल डीजल की तरह सरसों के दामों में भी महंगाई की आग लग गई है। हर दिन तेल के दाम में इजाफा हो रहा है। सरकार की ओर से लोगों को 20 रुपये प्रति लीटर की दर से यह तेल दिया जाता था। जबकि बाजार में स्थानीय तेल की कीमत 145 से 160 रुपये है। जबकि चक्की के तेल की कीमत (कच्ची घानी) की कीमत दो सौ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं नामी ब्रांड के सरसों तेल 160 रुपये 180 रुपये के बीच बिक रहे हैं।
विभाग ने जारी की अधिसूचना
अधिकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा सभी बीपीएल तथा एपीएल कार्ड धारकों को सरसों के तेल की बजाए प्रति माह रुपये दिए जाएंगे। लाभार्थियों को बैंक खाता में रुपये पाने के लिए उनकी परिवार पहचान पत्र अपडेट करवा लें। जिन कार्ड धारकों के बैंक खाता उनकी पीपीपी से सही नहीं है या दर्ज नहीं है उनकी सूची खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा क्षेत्र के राशन डिपो पर उपलब्ध करवा दी जाए गई है। प्रत्येक बीपीएल तथा एपीएल कार्ड धारकों से अनुरोध है किया है कि वे अपने राशन डिपो पर पहुंचकर सूची में अपना ब्यौरा जांच लें। यदि नाम सूची में है तो वह तुरंत अपने नजदीकी अटल सेवा केंद्र व नागरिक सुविधा केंद्र पहुंचकर फैमली आईडी में खाता नंबर सही करवा लें।
सरकार ने लोगों को सरसों तेल बजाए हर माह 250 रुपये देने की योजना बनाई है। जिसके लिए सभी लाभार्थियों की जांच की जा रही है। जिन लोगों की परिवार पहचान पत्र आईडी बैंक खाता से लिंक नहीं है उन्हें सब्सिडी नहीं मिल पाएगी। इसलिए सभी को इसे डिपो पहुंचकर लिंक करवाने के लिए कहा जा रहा है।-कुशलपाल बूरा, डीएफएससी, यमुनानगर।