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30 हजार रुपये में खरीदकर राइस मिल मालिक को 40 हजार में बेची थी पिस्तौल
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सेक्टर 17 निवासी आढ़ती प्रदीप मित्तल से गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के गुर्गे के नाम से दो करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले के आरोपी राइस मिल मालिक गुरमुख सिंह को पिस्टल बेचने वाले आरोपी को भी सीआईए वन की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सहारनपुर के गांव रणखंडी निवासी आकाश के रूप में हुई। आरोपी ने अपने गांव से ही 30 हजार रुपये में पिस्टर खरीदकर राइस मिल मालिक को 40 हजार रुपये में बिेची थी।
सीआईए वन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी आकाश को कलावड़ मोड के नजदीक से दबोचा। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस आरोपी राइस मिल मालिक गुरमुख सिंह, रणबीर सिंह व सोनीपत के गांव अगवानपुर निवासी मनजीत सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों आरोपियों का वीरवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सीआईए वन टीम के मुताबिक सूचना मिली थी कि आरोपी आकाश की जागधोली गांव में रिश्तेदारी है। वह अक्सर वहां आता रहता था। इस दौरान उसकी मुलाकात गुरमुख से हो गई। आरोपी गुरमुख को आकाश ने 40 हजार रुपये की पिस्टल बेची। आरोपी आकाश यह पिस्टल 30 हजार रुपये में अपने गांव के एक व्यक्ति से खरीद कर लाया था। उस व्यक्ति की कुछ दिन पहले ही मौत हो चुकी है।
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यह है मामला
सेक्टर 17 निवासी प्रदीप मित्तल ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि उनके मोबाइल पर सात जुलाई की रात फोन कर पैसे मांगे व जान से मारने की धमकी दी। उसने अपना मोबाइल रिकार्डिंग पर लगाकर अपने दोस्त मनोज गोयल को दे दिया। इसके बाद दोबारा फोन आया, तो दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। रुपये नहीं देने पर उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। फोन करने वाले ने अपना नाम लारेंस बिश्नोई गैंग से अक्षय पालड़ा बताया। इस शिकायत पर सेक्टर-17 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। मामले में सीआईए वन की टीम ने सोमवार को जागधौली निवासी गुरमुख सिंह, रणबीर सिंह व सोनीपत के गांव अगवानपुर निवासी मनजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। गुरमुख सिंह राइस मिल का मालिक है। पूछताछ में उसने बताया था कि व्यापार में घाटा होने पर वह कर्जदार बन गया। हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन के चावल नहीं लौटाने पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पंजाब भाग गया था। वहां मनजीत सिंह के साथ मिलकर उसने लारेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे अक्षय पलड़ा का नाम लेकर आढ़ती से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
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सीआईए वन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी आकाश को कलावड़ मोड के नजदीक से दबोचा। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस आरोपी राइस मिल मालिक गुरमुख सिंह, रणबीर सिंह व सोनीपत के गांव अगवानपुर निवासी मनजीत सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों आरोपियों का वीरवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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सीआईए वन टीम के मुताबिक सूचना मिली थी कि आरोपी आकाश की जागधोली गांव में रिश्तेदारी है। वह अक्सर वहां आता रहता था। इस दौरान उसकी मुलाकात गुरमुख से हो गई। आरोपी गुरमुख को आकाश ने 40 हजार रुपये की पिस्टल बेची। आरोपी आकाश यह पिस्टल 30 हजार रुपये में अपने गांव के एक व्यक्ति से खरीद कर लाया था। उस व्यक्ति की कुछ दिन पहले ही मौत हो चुकी है।
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यह है मामला
सेक्टर 17 निवासी प्रदीप मित्तल ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि उनके मोबाइल पर सात जुलाई की रात फोन कर पैसे मांगे व जान से मारने की धमकी दी। उसने अपना मोबाइल रिकार्डिंग पर लगाकर अपने दोस्त मनोज गोयल को दे दिया। इसके बाद दोबारा फोन आया, तो दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। रुपये नहीं देने पर उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। फोन करने वाले ने अपना नाम लारेंस बिश्नोई गैंग से अक्षय पालड़ा बताया। इस शिकायत पर सेक्टर-17 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। मामले में सीआईए वन की टीम ने सोमवार को जागधौली निवासी गुरमुख सिंह, रणबीर सिंह व सोनीपत के गांव अगवानपुर निवासी मनजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। गुरमुख सिंह राइस मिल का मालिक है। पूछताछ में उसने बताया था कि व्यापार में घाटा होने पर वह कर्जदार बन गया। हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन के चावल नहीं लौटाने पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पंजाब भाग गया था। वहां मनजीत सिंह के साथ मिलकर उसने लारेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे अक्षय पलड़ा का नाम लेकर आढ़ती से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।