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Yamuna Nagar News: कृषि विभाग कार्यालय पर लगाया फसल अवशेष का ढेर
Tue, 30 Sep 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 30 Sep 2025 01:34 AM IST
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कृषि विभाग कार्यालय पर डाले गए धान के अवशेष। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी व अन्य किसान यूनियन के किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर आ रही परेशानियों के चलते साढौरा कृषि विभाग कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर धान की फसल के अवशेष डालकर रोष प्रदर्शन किया। किसानों ने दरी बिछाकर कार्यालय परिसर में नारेबाजी की।
भाकियू नेता संजीव सैनी ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर 1200 रुपये की राशि उनके खाते में डाली जाती है। इसी बीच किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन में परेशानियां भी झेलनी पड़ रही है। जिसके चलते गुस्साए किसानों ने सोमवार को ट्राली में धान फसल के अवशेष लादकर साढौरा कृषि विभाग कार्यालय पर पहुंचे और दरवाजे पर अवशेष डालकर नारेबाजी की। वहीं किसानों ने
संजीव सैनी ने बताया कि सरकार किसानों को लेकर एक तरफ तो खूब सख्ती बरत रही है। वहीं पिछले 10 दिन से किसानों की फसल कट रही है मगर उनका अभी तक भी प्रबंधन सुचारू रूप से नहीं हो पाया। अगर किसान उसमें आग लगाए तो उसके ऊपर एफआईआर कर दी जाती है। किसानों को फसल प्रबंधन के लिए आवश्यकता अनुसार संसाधन मुहैया नहीं कराए गए।
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उन्होंने बताया कि साढौरा ब्लॉक में विभाग के अनुसार केवल चार बेलर है जो किसानों से 500 से 800 रुपये प्रति एकड़ नकद वसूल कर रहे हैं। जो किसान बेलर चालक को नगद पैसे नहीं दे रहा जब इस संदर्भ में कृषि विभाग के बीओ विवेक से बात की उन्होंने कहा की बेलर प्राइवेट हैं। सरकार से अनुदान राशि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए दी जाती है। वहीं मिलीभगत को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा ये आरोप निराधार है जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।
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साढौरा। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी व अन्य किसान यूनियन के किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर आ रही परेशानियों के चलते साढौरा कृषि विभाग कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर धान की फसल के अवशेष डालकर रोष प्रदर्शन किया। किसानों ने दरी बिछाकर कार्यालय परिसर में नारेबाजी की।
भाकियू नेता संजीव सैनी ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर 1200 रुपये की राशि उनके खाते में डाली जाती है। इसी बीच किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन में परेशानियां भी झेलनी पड़ रही है। जिसके चलते गुस्साए किसानों ने सोमवार को ट्राली में धान फसल के अवशेष लादकर साढौरा कृषि विभाग कार्यालय पर पहुंचे और दरवाजे पर अवशेष डालकर नारेबाजी की। वहीं किसानों ने
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संजीव सैनी ने बताया कि सरकार किसानों को लेकर एक तरफ तो खूब सख्ती बरत रही है। वहीं पिछले 10 दिन से किसानों की फसल कट रही है मगर उनका अभी तक भी प्रबंधन सुचारू रूप से नहीं हो पाया। अगर किसान उसमें आग लगाए तो उसके ऊपर एफआईआर कर दी जाती है। किसानों को फसल प्रबंधन के लिए आवश्यकता अनुसार संसाधन मुहैया नहीं कराए गए।
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उन्होंने बताया कि साढौरा ब्लॉक में विभाग के अनुसार केवल चार बेलर है जो किसानों से 500 से 800 रुपये प्रति एकड़ नकद वसूल कर रहे हैं। जो किसान बेलर चालक को नगद पैसे नहीं दे रहा जब इस संदर्भ में कृषि विभाग के बीओ विवेक से बात की उन्होंने कहा की बेलर प्राइवेट हैं। सरकार से अनुदान राशि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए दी जाती है। वहीं मिलीभगत को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा ये आरोप निराधार है जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।