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Yamuna Nagar News: आरोपी राममेहर व प्रॉपर्टी डीलर की याचिका की खारिज, जल्द होगी गिरफ्तारी
Sat, 14 Sep 2024 06:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 14 Sep 2024 06:36 AM IST
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यमुनानगर। उच्च न्यायालय ने फर्जी दस्तावेजों बनाकर एनआरआई राकेश कपूर की प्राॅपर्टी बेचने के मामले में आरोपी एसडीएम कार्यालय का कर्मी राममेहर व प्राॅपर्टी डीलर अश्विनी की याचिका खारिज कर दी। याचिका खारिज होते ही दोनों आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई। अब पुलिस जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। दोनों आरोपियों ने इस केस में बेवजह फंसाए जाने का तर्क देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
याचिका में आरोपियों ने पुलिस पर बेवजह फंसाने और परेशान करने के आरोप लगाए थे। जिस पर उच्च न्यायालय ने पुलिस को भी तलब किया। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। पुलिस की ओर से इस केस की जांच कर रहे आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज सुभाष पेश हुए। उन्होंने तथ्यों के साथ न्यायालय में पुख्ता सबूत रखे। जिसमें आरोपियों के खातों में लेन देन, उनकी बातचीत की रिकार्डिंग समेत कई अन्य सबूत थे। जिसके बाद न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों की याचिका खारिज कर दी।
आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज सुभाष ने बताया कि उच्च न्यायालय ने आरोपी राममेहर व प्रॉपर्टी डीलर अश्वनी की याचिका खारिज कर दी। अब पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। अब तक इस केस में आरोपी परमजीत कौर, उर्दू अनुवादक इस्लाम व उसकी भाभी इमराना व भाई रमजान को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। आरोपियों से फर्जी दस्तावेज व नकदी बरामद की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़ा में मुख्य कड़ी राममेहर ही है। आरोपी राममेहर उर्दू अनुवादक इस्लाम के माध्यम से परमजीत कौर से मिला था। जिसके बाद एनआरआई की प्राॅपर्टी के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
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राममेहर के हिस्से में आए थे दो करोड़ रुपये
पुलिस के अनुसार राममेहर एसडीएम कार्यालय में तैनात है। इसका फायदा उठाकर उसने व अन्य ने फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। इस फर्जीवाड़ा में आरोपी राममेहर के हिस्से में लगभग दो करोड़ रुपये आए थे। पुलिस ने इस केस से जुड़े आरोपियों के खाते सीज कराए हैं। पुलिस को राममेहर के साथ प्राॅपर्टी डीलर अश्वनी व अन्य की तलाश है। अब तक जो आरोपी काबू किए गए हैं। उनसे दस्तावेज बरामद किए गए हैं। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस केस से जुड़े अन्य आरोपी भूमिगत हैं। इस केस में प्रापर्टी डीलर अश्विनी कुमार, एसडीएम कार्यालय का कर्मी राम मेहर, करनैल सिंह, परमजीत कौर की बेटी मनिका कौर, सुषमा क्वात्रा, निधि गर्ग, मलिका अग्रवाल, रिचा गर्ग भी आरोपी हैं। जिनकी पुलिस को तलाश है। आरोपी राममेहर पर प्राेफेसर काॅलोनी में एक प्राॅपर्टी को बेचने के मामले में भी केस दर्ज है।
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याचिका में आरोपियों ने पुलिस पर बेवजह फंसाने और परेशान करने के आरोप लगाए थे। जिस पर उच्च न्यायालय ने पुलिस को भी तलब किया। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। पुलिस की ओर से इस केस की जांच कर रहे आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज सुभाष पेश हुए। उन्होंने तथ्यों के साथ न्यायालय में पुख्ता सबूत रखे। जिसमें आरोपियों के खातों में लेन देन, उनकी बातचीत की रिकार्डिंग समेत कई अन्य सबूत थे। जिसके बाद न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों की याचिका खारिज कर दी।
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आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज सुभाष ने बताया कि उच्च न्यायालय ने आरोपी राममेहर व प्रॉपर्टी डीलर अश्वनी की याचिका खारिज कर दी। अब पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। अब तक इस केस में आरोपी परमजीत कौर, उर्दू अनुवादक इस्लाम व उसकी भाभी इमराना व भाई रमजान को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। आरोपियों से फर्जी दस्तावेज व नकदी बरामद की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़ा में मुख्य कड़ी राममेहर ही है। आरोपी राममेहर उर्दू अनुवादक इस्लाम के माध्यम से परमजीत कौर से मिला था। जिसके बाद एनआरआई की प्राॅपर्टी के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
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राममेहर के हिस्से में आए थे दो करोड़ रुपये
पुलिस के अनुसार राममेहर एसडीएम कार्यालय में तैनात है। इसका फायदा उठाकर उसने व अन्य ने फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। इस फर्जीवाड़ा में आरोपी राममेहर के हिस्से में लगभग दो करोड़ रुपये आए थे। पुलिस ने इस केस से जुड़े आरोपियों के खाते सीज कराए हैं। पुलिस को राममेहर के साथ प्राॅपर्टी डीलर अश्वनी व अन्य की तलाश है। अब तक जो आरोपी काबू किए गए हैं। उनसे दस्तावेज बरामद किए गए हैं। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस केस से जुड़े अन्य आरोपी भूमिगत हैं। इस केस में प्रापर्टी डीलर अश्विनी कुमार, एसडीएम कार्यालय का कर्मी राम मेहर, करनैल सिंह, परमजीत कौर की बेटी मनिका कौर, सुषमा क्वात्रा, निधि गर्ग, मलिका अग्रवाल, रिचा गर्ग भी आरोपी हैं। जिनकी पुलिस को तलाश है। आरोपी राममेहर पर प्राेफेसर काॅलोनी में एक प्राॅपर्टी को बेचने के मामले में भी केस दर्ज है।