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रेलवे फाटक का रास्ता बंदकर किए गड्ढे, अब बिजली के तार हटाने की विभाग को आई याद
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ओवरब्रिज के पिलर निर्माण के लिए लगाए सरिये व गुजरते लोग।
- फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। पुराना रेलवे रोड पर जिस रेलवे फाटक को तीन माह से लोगों की आवाजाही के लिए बंद कर रखा था, अब पीडब्ल्यूडी को वहां से बिजली के तार हटाने की याद आई। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से रोजाना हजारों लोग जाम में फंसने के साथ-साथ कई किलोमीटर का लंबा सफर तय कर दूसरे रास्तों से आना जाना कर रहे थे। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को तार हटाने के लिए एनओसी लेनी पड़ेगी। जब तक एनओसी नहीं मिलेगी तब तक रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का काम भी शुरू हो नहीं हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि विभाग कई मामलों में बिना एनओसी लिए काम शुरू कर चुका है, जिन्हें बाद में बीच में ही रोकना पड़ा। यह फाटक शहर को जोड़ता है। इस रास्ते से शादीपुर, जठलाना, खजूरी, गुमथला सहित शहर की पुराना हमीदा, ट्रक अड्डा, गढ़ी रोड, कैंप, जम्मू कॉलोनी, ममीदी, जोड़िया, दामला, रादौर क्षेत्र को जोड़ता है। इसे सहारनपुर-कुरुक्षेत्र हाईवे का सिटी एंट्री प्वाइंट भी कहा जाता है। रेलवे स्टेशन जाने के लिए भी इस तरफ के हजारों लोग इसी रास्ते का प्रयोग करते थे।
पीडब्ल्यूडी ने एनओसी के लिए बिजली निगम को पत्र लिखा है। बिजली निगम पीडब्ल्यूडी को एस्टीमेट बनाकर देगा। पीडब्ल्यूडी एस्टीमेट की पेमेंट बिजली निगम को जमा करवाएगा। इसके बाद निगम की ओर से खंभे और तार हटाने का काम शुरू होगा। इन्हीं खंभों से यहां स्थित दुकानों को बिजली सप्लाई दी जाती है। यदि बिजली निगम यहां से तारें शिफ्ट करता है, तो उसे नई जगह भी देखनी होगी।
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18 महीने में बनाने का लक्ष्य
करीब साढ़े दस करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण के लिए 18 महीने का समय लिया गया है। सबसे पहले पिलर खड़े करने के लिए फाउंडेशन तैयार की जा रही है। इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी और रेलवे मिल कर करवा रहे हैं। रेलवे ट्रैक के ऊपर का हिस्सा करीब 150 फीट का निर्माण करेगा, जबकि पीडब्ल्यूडी दोनों तरफ 300-300 फीट का निर्माण करेगा। पीडब्ल्यूडी का काम जल्दबाजी के चक्कर में बिजली की तारों में उलझ गया है, जबकि रेलवे ने अपने हिस्से के ब्लॉक तैयार भी कर लिए हैं।
लापरवाही लोगों को पड़ रही भारी: मुकेश
दुकानदार मुकेश सैनी ने कहा कि यह पीडब्ल्यूडी की बड़ी लापरवाही है, जो अब लोगों पर भारी पड़ रही है। विभाग ने काम बीच में ही छोड़ दिया है। खंभे व तारे हटाने में काफी समय लगेगा। वहीं एक माह बाद बरसात शुरू हो जाएगी, इस दौरान भी काम नहीं किया जा सकेगा।
12 किमी अतिरिक्त रास्ता तय कर रहे: भानू
भानू प्रताप ने बताया कि वह दामला स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज का विद्यार्थी है। वह और उसके साथी पुराना हमीदा फाट से सहारनपुर-कुरुक्षेत्र रोड से दामला संस्थान में जाते थे। फाटक बंद करने से उन्हें कमानी चौक से होते हुए जाना पड़ता है। वह रोजना आने जाने में 10 से 12 किलोमीटर अतिरिक्त रास्ता तय कर रहे हैं। उन्हें समय व धन की हानि हो रही है।
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वर्जन
बिजली के तार व पोल के कारण ओवरब्रिज का निर्माण रोका गया है। तारों के कारण काम नहीं किया जा सकता, इससे हादसे की संभावना है। इसके लिए बिजली निगम को पत्र भेजा गया है। निगम की ओर से एस्टीमेट जारी होते ही पेमेंट करवाकर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
जसमेर सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, यमुनानगर।
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उल्लेखनीय है कि विभाग कई मामलों में बिना एनओसी लिए काम शुरू कर चुका है, जिन्हें बाद में बीच में ही रोकना पड़ा। यह फाटक शहर को जोड़ता है। इस रास्ते से शादीपुर, जठलाना, खजूरी, गुमथला सहित शहर की पुराना हमीदा, ट्रक अड्डा, गढ़ी रोड, कैंप, जम्मू कॉलोनी, ममीदी, जोड़िया, दामला, रादौर क्षेत्र को जोड़ता है। इसे सहारनपुर-कुरुक्षेत्र हाईवे का सिटी एंट्री प्वाइंट भी कहा जाता है। रेलवे स्टेशन जाने के लिए भी इस तरफ के हजारों लोग इसी रास्ते का प्रयोग करते थे।
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पीडब्ल्यूडी ने एनओसी के लिए बिजली निगम को पत्र लिखा है। बिजली निगम पीडब्ल्यूडी को एस्टीमेट बनाकर देगा। पीडब्ल्यूडी एस्टीमेट की पेमेंट बिजली निगम को जमा करवाएगा। इसके बाद निगम की ओर से खंभे और तार हटाने का काम शुरू होगा। इन्हीं खंभों से यहां स्थित दुकानों को बिजली सप्लाई दी जाती है। यदि बिजली निगम यहां से तारें शिफ्ट करता है, तो उसे नई जगह भी देखनी होगी।
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18 महीने में बनाने का लक्ष्य
करीब साढ़े दस करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण के लिए 18 महीने का समय लिया गया है। सबसे पहले पिलर खड़े करने के लिए फाउंडेशन तैयार की जा रही है। इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी और रेलवे मिल कर करवा रहे हैं। रेलवे ट्रैक के ऊपर का हिस्सा करीब 150 फीट का निर्माण करेगा, जबकि पीडब्ल्यूडी दोनों तरफ 300-300 फीट का निर्माण करेगा। पीडब्ल्यूडी का काम जल्दबाजी के चक्कर में बिजली की तारों में उलझ गया है, जबकि रेलवे ने अपने हिस्से के ब्लॉक तैयार भी कर लिए हैं।
लापरवाही लोगों को पड़ रही भारी: मुकेश
दुकानदार मुकेश सैनी ने कहा कि यह पीडब्ल्यूडी की बड़ी लापरवाही है, जो अब लोगों पर भारी पड़ रही है। विभाग ने काम बीच में ही छोड़ दिया है। खंभे व तारे हटाने में काफी समय लगेगा। वहीं एक माह बाद बरसात शुरू हो जाएगी, इस दौरान भी काम नहीं किया जा सकेगा।
12 किमी अतिरिक्त रास्ता तय कर रहे: भानू
भानू प्रताप ने बताया कि वह दामला स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज का विद्यार्थी है। वह और उसके साथी पुराना हमीदा फाट से सहारनपुर-कुरुक्षेत्र रोड से दामला संस्थान में जाते थे। फाटक बंद करने से उन्हें कमानी चौक से होते हुए जाना पड़ता है। वह रोजना आने जाने में 10 से 12 किलोमीटर अतिरिक्त रास्ता तय कर रहे हैं। उन्हें समय व धन की हानि हो रही है।
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वर्जन
बिजली के तार व पोल के कारण ओवरब्रिज का निर्माण रोका गया है। तारों के कारण काम नहीं किया जा सकता, इससे हादसे की संभावना है। इसके लिए बिजली निगम को पत्र भेजा गया है। निगम की ओर से एस्टीमेट जारी होते ही पेमेंट करवाकर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
जसमेर सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, यमुनानगर।