{"_id":"69b5d2d858537c76a20e4a1f","slug":"people-are-forced-to-cook-food-on-earthen-stoves-and-fireplaces-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-152842-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मजबूरी में मिट्टी के चूल्हे और अंगीठी पर खाना बना रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मजबूरी में मिट्टी के चूल्हे और अंगीठी पर खाना बना रहे लोग
Sun, 15 Mar 2026 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 15 Mar 2026 02:57 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। घरेलू गैस सिलिंडर नहीं मिलने से लोग बेहाल हो गए है। नियम के मुताबिक एक सिलिंडर लेने के बाद 25 दिन से पहले दूसरा सिलिंडर नहीं मिल सकता। डेढ़ माह पहले सिलिंडर लेने के बावजूद भी उनकी बुकिंग नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को मजबूरी में चूल्हे और अंगीठी पर खाना बनाना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की ऑनलाइन बुकिंग के लिए जारी टोल फ्री नंबर बंद आ रहा है, जिससे सिलिंडर बुक कराना मुश्किल हो गया है। एक-एक उपभोक्ता दिन में 50 बार से अधिक बार नंबर डायल कर चुका है, लेकिन हर बार नंबर बंद ही मिला। वहीं एजेंसी संचालक सर्वर डाउन होने की बात कह रहे हैं। एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं को दिन के बजाय रात 12 बजे से तड़के चार बजे के बीच ऑनलाइन बुकिंग करने की सलाह दे रहे हैं।
एजेंसी संचालक भले ही गैस की कोई कमी नहीं होने का दावा कर रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि गैस एजेंसियों के बाहर सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी कई लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। वहीं कामर्शियल सिलिंडर की डिलीवरी बंद होने का असर गैस पर आधारित छोटे-मोटे काम पर दिखने लगा है। फास्ट फूड, चाय, कढ़ी-चावल आदि की रेहड़ियां बाजार में कम दिखने लगी हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की ऑनलाइन बुकिंग के लिए जारी टोल फ्री नंबर बंद आ रहा है, जिससे सिलिंडर बुक कराना मुश्किल हो गया है। एक-एक उपभोक्ता दिन में 50 बार से अधिक बार नंबर डायल कर चुका है, लेकिन हर बार नंबर बंद ही मिला। वहीं एजेंसी संचालक सर्वर डाउन होने की बात कह रहे हैं। एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं को दिन के बजाय रात 12 बजे से तड़के चार बजे के बीच ऑनलाइन बुकिंग करने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन
एजेंसी संचालक भले ही गैस की कोई कमी नहीं होने का दावा कर रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि गैस एजेंसियों के बाहर सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी कई लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। वहीं कामर्शियल सिलिंडर की डिलीवरी बंद होने का असर गैस पर आधारित छोटे-मोटे काम पर दिखने लगा है। फास्ट फूड, चाय, कढ़ी-चावल आदि की रेहड़ियां बाजार में कम दिखने लगी हैं। संवाद
विज्ञापन