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देखिए एक स्कूल, जहां शिक्षकों के छुट्टी पर रहने पर विद्यार्थियों को पढ़ाती हैं बीएससी पास चपरासी
Wed, 26 Feb 2020 01:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, यमुनानगर(हरियाणा)
अमर उजाला नेटवर्क, यमुनानगर(हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2020 01:59 PM IST
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स्कूल में मौजूद अध्यापक
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बेहतर शिक्षा का दावा करने वाले शिक्षा तंत्र की एक और नाकामी ‘स्कूल से शिक्षक के छुट्टी रहने पर बीएससी पास चपरासी बच्चों को पढ़ाती है’ का सोमवार को उस समय खुलासा हो गया, जब अमर उजाला की खबर ‘बीएससी पास चपरासी से काम कराने में शर्माते हैं गुरुजन, छात्राओं से धुलवाते हैं बर्तन’ को संज्ञान में लेने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन और सीडब्लयूसी की टीम सरकारी स्कूल में पहुंची।
चार सदस्यीय टीम में कमेटी के लीगल एडवाइजर रंजन शर्मा, सोशल वर्कर गुरदीप सिंह, बाल कल्याण समिति सदस्य खुशबू भाटिया व चाइल्ड हेल्प लाइन की निदेशिका और चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी सदस्य अंजू वाजपेयी शामिल रहीं। उन्होंने अध्यापकों और बच्चों से इस संबंध में बातचीत की। इस दौरान अध्यापकों ने बताया कि स्कूल की चपरासी चंडीगढ़ से बीएससी नॉन मेडिकल और नर्सिंग पास आउट है।
स्कूल में वो चपरासी का भी सारा काम करती है। अध्यापकों ने टीम को बताया कि स्कूल में अध्यापकों की कमी है। ऐसे में जब भी कोई अध्यापक छुट्टी पर होता है तो उसकी कक्षाएं भी चपरासी ही लेती है। इसके अलावा बच्चों की एक्स्ट्रा कक्षाएं भी वो ले रही है। बच्चों की पढ़ाई में वो पूरा सहयोग दे रही है।
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कार्यवाहक प्रिंसिपल पूनम कौशिक का कहना है कि बच्चे केवल अपने लंच बॉक्स धोते है। बच्चों से स्कूल में कोई काम नहीं करवाया जाता। सारा काम चपरासी ही करती है।
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चार सदस्यीय टीम में कमेटी के लीगल एडवाइजर रंजन शर्मा, सोशल वर्कर गुरदीप सिंह, बाल कल्याण समिति सदस्य खुशबू भाटिया व चाइल्ड हेल्प लाइन की निदेशिका और चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी सदस्य अंजू वाजपेयी शामिल रहीं। उन्होंने अध्यापकों और बच्चों से इस संबंध में बातचीत की। इस दौरान अध्यापकों ने बताया कि स्कूल की चपरासी चंडीगढ़ से बीएससी नॉन मेडिकल और नर्सिंग पास आउट है।
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स्कूल में वो चपरासी का भी सारा काम करती है। अध्यापकों ने टीम को बताया कि स्कूल में अध्यापकों की कमी है। ऐसे में जब भी कोई अध्यापक छुट्टी पर होता है तो उसकी कक्षाएं भी चपरासी ही लेती है। इसके अलावा बच्चों की एक्स्ट्रा कक्षाएं भी वो ले रही है। बच्चों की पढ़ाई में वो पूरा सहयोग दे रही है।
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कार्यवाहक प्रिंसिपल पूनम कौशिक का कहना है कि बच्चे केवल अपने लंच बॉक्स धोते है। बच्चों से स्कूल में कोई काम नहीं करवाया जाता। सारा काम चपरासी ही करती है।