{"_id":"611aca0c8ebc3e42e7524eed","slug":"parshwanath-moksha-kalyan-diwas-celebrated-yamunanagar-yamuna-nagar-news-knl80110730","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धा से मनाया पार्श्वनाथ मोक्ष कल्याण दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धा से मनाया पार्श्वनाथ मोक्ष कल्याण दिवस
विज्ञापन
शोभा यात्रा निकालते जैन धर्म के अनुयायी। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जमना गली रेस्ट हाउस रोड स्थित श्रीमहावीर दिगंबर जैन मंदिर में 23वां तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक लाडू चढ़ा व पूजा कर श्रद्धा से मनाया गया। कार्यक्रम दौरान भगवान की पालकी के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंदिर प्रधान अजय जैन ने की। संचालन बाल ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी व पं. शीलचंद जैन ने किया।
सुनीता दीदी ने कहा कि मोक्ष सप्तमी को जैन धर्म के 23वें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा कर कल्याणक लाडू चढ़ाया जाता है। मनुष्य के जीवन का उद्देश्य चिंताओं को छोड़ मोक्ष प्राप्त करना होना चाहिए। चूंकि धर्म के अनुसार मोक्ष प्राप्ति ही जीवन की सफलता है। मोक्ष से मनुष्य जीवन मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।
इसके अलावा श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर ब्रह्मण चौक जगाधरी के साथ, श्री पार्श्वनाथ जैन चैताल्य कन्हैया चौक, श्री शांतिनाथ चैताल्य मॉडल कॉलोनी, बुड़िया व साढौरा के जैन मंदिरों में भी कार्यक्रम हुए। जगाधरी मंदिर में कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान नरेंद्र जैन ने की। संचालन महामंत्री अरविंद जैन ने किया।
विज्ञापन
नरेंद्र जैन ने कहा कि हमें अपनी आत्मा को परमात्मा से मिलाने के लिए मोह रूपी शत्रु का नाश करना पड़ता है। हमें सभी का सम्मान करना चाहिए, सभी बड़ों के प्रति विनय भाव रखना चाहिए। चूंकि विनय ही मोक्ष का द्वार है, इसीलिए सभी को चैतन्य प्रभु से रिश्ता जोड़ना चाहिए। मुकेश जैन ने बताया कि इस दिन खास तौर पर जैन समाज की बालिकाएं सामूहिक रूप से निर्जला उपवास करती है। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
यमुनानगर। जमना गली रेस्ट हाउस रोड स्थित श्रीमहावीर दिगंबर जैन मंदिर में 23वां तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक लाडू चढ़ा व पूजा कर श्रद्धा से मनाया गया। कार्यक्रम दौरान भगवान की पालकी के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंदिर प्रधान अजय जैन ने की। संचालन बाल ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी व पं. शीलचंद जैन ने किया।
सुनीता दीदी ने कहा कि मोक्ष सप्तमी को जैन धर्म के 23वें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा कर कल्याणक लाडू चढ़ाया जाता है। मनुष्य के जीवन का उद्देश्य चिंताओं को छोड़ मोक्ष प्राप्त करना होना चाहिए। चूंकि धर्म के अनुसार मोक्ष प्राप्ति ही जीवन की सफलता है। मोक्ष से मनुष्य जीवन मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।
विज्ञापन
इसके अलावा श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर ब्रह्मण चौक जगाधरी के साथ, श्री पार्श्वनाथ जैन चैताल्य कन्हैया चौक, श्री शांतिनाथ चैताल्य मॉडल कॉलोनी, बुड़िया व साढौरा के जैन मंदिरों में भी कार्यक्रम हुए। जगाधरी मंदिर में कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान नरेंद्र जैन ने की। संचालन महामंत्री अरविंद जैन ने किया।
विज्ञापन
नरेंद्र जैन ने कहा कि हमें अपनी आत्मा को परमात्मा से मिलाने के लिए मोह रूपी शत्रु का नाश करना पड़ता है। हमें सभी का सम्मान करना चाहिए, सभी बड़ों के प्रति विनय भाव रखना चाहिए। चूंकि विनय ही मोक्ष का द्वार है, इसीलिए सभी को चैतन्य प्रभु से रिश्ता जोड़ना चाहिए। मुकेश जैन ने बताया कि इस दिन खास तौर पर जैन समाज की बालिकाएं सामूहिक रूप से निर्जला उपवास करती है। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।