{"_id":"66e8b0eb2b3ad9e3d407c234","slug":"parking-reached-the-door-of-the-district-civil-hospital-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-125416-2024-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: जिला नागरिक अस्पताल के दरवाजे तक पहुंची पार्किंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: जिला नागरिक अस्पताल के दरवाजे तक पहुंची पार्किंग
Tue, 17 Sep 2024 03:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 17 Sep 2024 03:57 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में पार्किंग का ठेका न होने से वाहन अस्पताल के दरवाजे तक पहुंच गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज व उनके तीमारदार अपने मर्जी से जहां देखा वहीं वाहनों को खड़ा कर देते हैं।
कई बार तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि किसी मरीज को लेकर आई एंबुलेंस को भी अंदर जाने का रास्ता नहीं मिल पाता। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल में नो पार्किंग या यहां वाहन खड़ा करने पर टायर की हवा निकाल दी जाएगी जैसे बैनर लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। वहीं बेतरतीब हो चुकी इस पार्किंग में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।
जिला अस्पताल में हर साल लाखों रुपये में पार्किंग का ठेका दिया जाता है। इस साल ठेका 31 मार्च को खत्म हो गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ठेका खत्म होने से पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं की। जिस कारण ठेकेदार का ठेका दो माह के लिए आगे बढ़ा दिया गया। पहले लोकसभा चुनाव के कारण लगी आचार संहिता के कारण पार्किंग का ठेका नहीं दिया जा सका।
विज्ञापन
इसके बाद तीन माह का समय भी मिला फिर भी अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। अब विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लग चुकी है। इसलिए अब भी मतगणना होने तक नया टेंडर नहीं लगाया जा सकता। तीन माह तक टेंडर नहीं लगाने के पीछे अधिकारियों के पास कोई तर्क नहीं है। बताया जा रहा है कि चुनाव होने तक अस्पताल में पार्किंग फीस नहीं लेने को कहा गया है। इस निर्णय से अस्पताल को हर माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
रोजाना 1500 से अधिक मरीजों की ओपीडी
प्रदेश सरकार ने 105 करोड़ रुपये से जिला नागरिक अस्पताल का नया भवन बनाया है। इसके बाद मरीजों की ओपीडी काफी बढ़ गई है। अब अस्पताल में रोजाना औसतन 1500 या इससे अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। करीब 60 प्रतिशत मरीज अपने वाहनों पर आते हैं। अस्पताल के नए भवन में गेट से एंट्री करते ही मरीजों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। कोई भी वहां वाहन खड़ा नहीं करता। इसलिए सारे अपने वाहन को लेकर अंदर ही जाते हैं। जिसका जहां मन किया, वहीं वाहन को खड़ा कर देता है। इससे रास्ता संकरा हो जाता है। अन्य वाहनों को भी निकलने में दिक्कत होती है।
आचार संहिता के कारण टेंडर नहीं हो सका : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि पहले लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लगी रही। इसके बाद एनएचएम के तहत लगा स्टाफ हड़ताल पर चला गया था। इससे पार्किंग का टेंडर नहीं किया जा सका। अब विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगी है। इसके हटते ही टेंडर लगा दिया जाएगा।
विज्ञापन
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में पार्किंग का ठेका न होने से वाहन अस्पताल के दरवाजे तक पहुंच गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज व उनके तीमारदार अपने मर्जी से जहां देखा वहीं वाहनों को खड़ा कर देते हैं।
कई बार तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि किसी मरीज को लेकर आई एंबुलेंस को भी अंदर जाने का रास्ता नहीं मिल पाता। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल में नो पार्किंग या यहां वाहन खड़ा करने पर टायर की हवा निकाल दी जाएगी जैसे बैनर लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। वहीं बेतरतीब हो चुकी इस पार्किंग में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में हर साल लाखों रुपये में पार्किंग का ठेका दिया जाता है। इस साल ठेका 31 मार्च को खत्म हो गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ठेका खत्म होने से पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं की। जिस कारण ठेकेदार का ठेका दो माह के लिए आगे बढ़ा दिया गया। पहले लोकसभा चुनाव के कारण लगी आचार संहिता के कारण पार्किंग का ठेका नहीं दिया जा सका।
विज्ञापन
इसके बाद तीन माह का समय भी मिला फिर भी अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। अब विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लग चुकी है। इसलिए अब भी मतगणना होने तक नया टेंडर नहीं लगाया जा सकता। तीन माह तक टेंडर नहीं लगाने के पीछे अधिकारियों के पास कोई तर्क नहीं है। बताया जा रहा है कि चुनाव होने तक अस्पताल में पार्किंग फीस नहीं लेने को कहा गया है। इस निर्णय से अस्पताल को हर माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
रोजाना 1500 से अधिक मरीजों की ओपीडी
प्रदेश सरकार ने 105 करोड़ रुपये से जिला नागरिक अस्पताल का नया भवन बनाया है। इसके बाद मरीजों की ओपीडी काफी बढ़ गई है। अब अस्पताल में रोजाना औसतन 1500 या इससे अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। करीब 60 प्रतिशत मरीज अपने वाहनों पर आते हैं। अस्पताल के नए भवन में गेट से एंट्री करते ही मरीजों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। कोई भी वहां वाहन खड़ा नहीं करता। इसलिए सारे अपने वाहन को लेकर अंदर ही जाते हैं। जिसका जहां मन किया, वहीं वाहन को खड़ा कर देता है। इससे रास्ता संकरा हो जाता है। अन्य वाहनों को भी निकलने में दिक्कत होती है।
आचार संहिता के कारण टेंडर नहीं हो सका : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि पहले लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लगी रही। इसके बाद एनएचएम के तहत लगा स्टाफ हड़ताल पर चला गया था। इससे पार्किंग का टेंडर नहीं किया जा सका। अब विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगी है। इसके हटते ही टेंडर लगा दिया जाएगा।