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Yamuna Nagar News: अभिभावकों ने निजी स्कूलों के खिलाफ निकाली पदयात्रा
Mon, 11 May 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 11 May 2026 01:07 AM IST
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नेहरू पार्क के पोस्टर व बैनर लेकर खड़े अभिभावक समूह के सदस्य। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। निजी स्कूलों की मनमानी और शिक्षा में बढ़ती असमानता के खिलाफ अभिभावकों रविवार को सड़क पर उतर आए। इस दौरान शहर में अभिभावकों ने एक देश-एक किताब और एक समान फीस लागू करने की मांग को लेकर पदयात्रा निकाली।
पदयात्रा भाई कन्हैया साहिब चौक से शुरू होकर मेयर आवास और नेहरू पार्क गेट से होते हुए प्यारा चौक पर संपन्न हुई। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे अंकुश बख्शी ने कहा कि निजी स्कूल किताबों, कॉपियों और भारी-भरकम फीस के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। यह आंदोलन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा प्रणाली में समानता लाने के लिए है।
उन्होंने कहा कि अभिभावक लंबे समय से निजी स्कूलों की इस मनमानी और अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने पर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे देश में सभी छात्रों के लिए एक जैसा पाठ्यक्रम (एक देश-एक किताब) और एक समान फीस ढांचा तय होना चाहिए।
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इसके अलावा शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के नियमों को भी पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को उनका हक मिल सके। इस दौरान संजीव नंदा, राघव, जयराम, परविंद्र सैनी अन्य अभिभावकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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यमुनानगर। निजी स्कूलों की मनमानी और शिक्षा में बढ़ती असमानता के खिलाफ अभिभावकों रविवार को सड़क पर उतर आए। इस दौरान शहर में अभिभावकों ने एक देश-एक किताब और एक समान फीस लागू करने की मांग को लेकर पदयात्रा निकाली।
पदयात्रा भाई कन्हैया साहिब चौक से शुरू होकर मेयर आवास और नेहरू पार्क गेट से होते हुए प्यारा चौक पर संपन्न हुई। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे अंकुश बख्शी ने कहा कि निजी स्कूल किताबों, कॉपियों और भारी-भरकम फीस के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। यह आंदोलन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा प्रणाली में समानता लाने के लिए है।
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उन्होंने कहा कि अभिभावक लंबे समय से निजी स्कूलों की इस मनमानी और अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने पर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे देश में सभी छात्रों के लिए एक जैसा पाठ्यक्रम (एक देश-एक किताब) और एक समान फीस ढांचा तय होना चाहिए।
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इसके अलावा शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के नियमों को भी पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को उनका हक मिल सके। इस दौरान संजीव नंदा, राघव, जयराम, परविंद्र सैनी अन्य अभिभावकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।