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पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित : वरुण

Mon, 25 May 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 25 May 2026 01:03 AM IST
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Paper Leaks Impact the Future of Youth: Varun
कार्यकर्ता के घर शोकसभा में पहुंचे वरुण मुलाना। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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छछरौली। अंबाला लोकसभा सीट से सांसद वरुण मुलाना ने रविवार को छछरौली क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान सांसद वरुण ने नीट पेपर लीक को लेकर सवार की व्यवस्था व युवाओं के हाल के लिए सरकार को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने शोक सभाओं में शामिल होकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। वहीं, वे कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गनौली के निवास पर पहुंचे और उनके पिता के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली। ग्रामीणों व कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान सांसद ने केंद्र और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
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उन्होंने नीट पेपर लीक, बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था और बाढ़ प्रबंधन इत्यादि मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले ने शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है।
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परीक्षा रद्द होने और अनिश्चितता के कारण अनेक छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। इसके लिए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सफल नहीं हो पाई है। उनके अनुसार, युवाओं को रोजगार के अवसर देने के बजाय उनकी उम्मीदों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
सांसद ने बाढ़ और बरसाती नदियों के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बरसात में अंबाला क्षेत्र में मारकंडा और टांगरी नदी तथा यमुनानगर में सोम, पथराला और यमुना से किसानों और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते नदियों और खालों की सफाई तथा बाढ़ बचाव कार्य पूरे नहीं किए जाते हैं, जिस कारण बाढ़ आती है।

उन्होंने कहा कि सोम नदी पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला गया। सांसद ने कहा कि 31 मई से मारकंडा क्षेत्र से किसानों के हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसे सोम और यमुना नदी किनारे के गांवों तक पहुंचाया जाएगा।
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