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Yamuna Nagar News: साढौरा मंडी में निकासी बाधित होने से भीगा धान
Fri, 16 Oct 2026 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:54 AM IST
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साढौरा अनाज मंडी में निकासी बाधित होने से भीगा धान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। अनाज मंडी के आढ़तियों ने बरसात होने के अनुमान से प्लेटफार्म व मंडी की सड़कों पर रखे धान को तरपालों से तो ढक दिया, लेकिन बरसात के पानी की निकासी बाधित होने से हुए जलभराव की वजह से धान भीग गया। इससे धान में नमी की मात्रा बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसान जसपाल सिंह, रामनरेश व सतपाल सिंह ने बताया कि खराब मौसम के कारण किसानों को धान कटाई के लिए खेत में तो परेशानी हो ही रही है, लेकिन मंडी में उपज पहुंचाने के बाद भी किसानों की समस्याएं खत्म नहीं हो रही है।
साढौरा अनाज मंडी में लगभग एक लाख 37 हजार क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से लगभग 98 हजार क्विंटल धान हैफेड और हरियाणा वेयरहाउस की ओर से खरीदा जा चुका है। बकाया लगभग 40 हजार क्विंटल धान की अभी खरीद होनी बाकी है। जबकि खरीदे हुए धान में से भी केवल 38 हजार क्विंटल धान का ही उठान हुआ है। बाकी 60 हजार क्विंटल धान उठान न होने के कारण अभी तक अनाज मंडी में ही पड़ा है।
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इस कारण मंडी में जगह की कमी हो रही है। मंडी सचिव राजीव चोपड़ा ने बताया कि मंडी का ड्रेनेज सिस्टम सही काम कर रहा है। जलनिकासी के पास धान के ढेर पड़े होने के कारण निकासी न होने से अस्थाई जलभराव हुआ था। शेड में से भी गेंहू उठवाकर धान रखने के लिए जगह खाली कर दी गई है।
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साढौरा। अनाज मंडी के आढ़तियों ने बरसात होने के अनुमान से प्लेटफार्म व मंडी की सड़कों पर रखे धान को तरपालों से तो ढक दिया, लेकिन बरसात के पानी की निकासी बाधित होने से हुए जलभराव की वजह से धान भीग गया। इससे धान में नमी की मात्रा बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसान जसपाल सिंह, रामनरेश व सतपाल सिंह ने बताया कि खराब मौसम के कारण किसानों को धान कटाई के लिए खेत में तो परेशानी हो ही रही है, लेकिन मंडी में उपज पहुंचाने के बाद भी किसानों की समस्याएं खत्म नहीं हो रही है।
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साढौरा अनाज मंडी में लगभग एक लाख 37 हजार क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से लगभग 98 हजार क्विंटल धान हैफेड और हरियाणा वेयरहाउस की ओर से खरीदा जा चुका है। बकाया लगभग 40 हजार क्विंटल धान की अभी खरीद होनी बाकी है। जबकि खरीदे हुए धान में से भी केवल 38 हजार क्विंटल धान का ही उठान हुआ है। बाकी 60 हजार क्विंटल धान उठान न होने के कारण अभी तक अनाज मंडी में ही पड़ा है।
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इस कारण मंडी में जगह की कमी हो रही है। मंडी सचिव राजीव चोपड़ा ने बताया कि मंडी का ड्रेनेज सिस्टम सही काम कर रहा है। जलनिकासी के पास धान के ढेर पड़े होने के कारण निकासी न होने से अस्थाई जलभराव हुआ था। शेड में से भी गेंहू उठवाकर धान रखने के लिए जगह खाली कर दी गई है।