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Yamuna Nagar News: अध्यापकों की भूख हड़ताल को संगठनों ने दिया समर्थन
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अनाजमंडी में चल रही अध्यापकों की भूख हड़ताल वीरवार को भी जारी रही। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी के साथ अध्यापकों की भूख हड़ताल को 40 दिन हो गए हैं। सोमवार को भूख हड़ताल का नेतृत्व गुरुग्राम से राज्य उपप्रधान सतनारायण यादव ने किया। अध्यापकों का यह अनशन हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर 23 अप्रैल से चल रहा है। 40 दिन होने के बाद भी अभी तक किसी जनप्रतिनिधि ने अध्यापकों की सुध नहीं ली है। जिससे अध्यापकों में भारी रोष है। वहीं वीरवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी, टिकैत गुट, किसान सभा, अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस, आंगनबाड़ी वर्कर्स, मिड-डे-मील, आशा वर्कर्स, मजदूर संघ, सर्व कर्मचारी संघ, सीआईटीयू, सर्व समाज जागरूक संघ सहित अन्य संगठनों ने अध्यापकों को समर्थन दिया।
इस दौरान जिला प्रधान संजय कांबोज, सीटू नेता विनोद त्यागी ने कहा कि अध्यापकों की भूख हड़ताल को 40 दिन हो गए हैं। परंतु सरकार शिक्षा से इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। सरकार शिक्षा विरोधी नीतियां लागू कर रही है। सरकार को आबादी के अनुसार शहरों, कस्बों व गांवों में स्कूल खोलने चाहिए, लेकिन मर्जर के नाम पर स्कूल बंद किए जा रहे हैं। सुविधा देने के नाम पर सरकारी स्कूल सीबीएसई को सौंप दिए गए हैं। इन स्कूलों में दाखिला व मासिक फीस ली जा रही है। 134ए खत्म करके सरकार ने चिराग योजना लागू की है। चिराग योजना सार्वजनिक शिक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। हर बच्चे को शिक्षा देना राज्य का कर्तव्य संविधान के निहित है। केंद्र सरकार व राज्य सरकारों का दायित्व है कि हर बच्चे को बिना भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। प्रदेश में 50 हजार शिक्षक पद खाली पड़े हैं।
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इस दौरान जिला प्रधान संजय कांबोज, सीटू नेता विनोद त्यागी ने कहा कि अध्यापकों की भूख हड़ताल को 40 दिन हो गए हैं। परंतु सरकार शिक्षा से इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। सरकार शिक्षा विरोधी नीतियां लागू कर रही है। सरकार को आबादी के अनुसार शहरों, कस्बों व गांवों में स्कूल खोलने चाहिए, लेकिन मर्जर के नाम पर स्कूल बंद किए जा रहे हैं। सुविधा देने के नाम पर सरकारी स्कूल सीबीएसई को सौंप दिए गए हैं। इन स्कूलों में दाखिला व मासिक फीस ली जा रही है। 134ए खत्म करके सरकार ने चिराग योजना लागू की है। चिराग योजना सार्वजनिक शिक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। हर बच्चे को शिक्षा देना राज्य का कर्तव्य संविधान के निहित है। केंद्र सरकार व राज्य सरकारों का दायित्व है कि हर बच्चे को बिना भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। प्रदेश में 50 हजार शिक्षक पद खाली पड़े हैं।
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