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संगठनों ने चलाया समर्थन अभियान
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दमकल स्टेशन पर नारेबाजी करते कर्मचारी।
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वास्थ्य को मौलिक अधिकारों में शामिल करने सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ 25 जून को डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करेगा। इसे लेकर कर्मचारी संगठन विभिन्न विभागों का दौरा कर समर्थन जुटा रहे हैं। इसके चलते बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र स्थित दमकल स्टेशन पर बैठक हुई। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने समस्याओं पर चर्चा की।
एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सोढे, ब्लॉक प्रधान जोत सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत कर्मचारियों एवं जनता से जुड़ी मुख्य मांगों के बारे बताया। जिनमें स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार बनाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं मजबूती देने, सभी नागरिकों को कोविड वैक्सीन का मुफ्त टीकाकरण सुनिश्चित करने, जांच और फ्री इलाज मुफ्त करने, सभी गैर-कोविड स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त एवं बेहतर, बजट का तीन प्रतिशत तक सरकारी निवेश बढ़ाने, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों अनुसार स्वास्थ्य ढांचा मजबूत बनाने, ठेका प्रथा खत्म करने, ठेका कर्मचारियों एवं आशा वर्करों को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने, जन स्वास्थ्य विभाग के पंचायती कर्मियों, अनुबंध व ठेका सफाई कर्मियों को पक्का करने, बढ़ती जनसंख्या के अनुसार मेडिकल, पैरामेडिकल व स्पोर्टिंग स्टाफ के नए पद स्वीकृत करके नियमित भर्ती करने, संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए उपयुक्त कदम उठाने आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर बनी हुई है। वर्तमान में स्वास्थ्य का ढांचा सामान्य बीमारियों का इलाज देने में भी कारगर नहीं है। एसकेएस जिला सचिव गुलशन भारद्वाज, जिला कोषाध्यक्ष सतीश राणा ने कहा कि इस संकट की घड़ी में इलाज सबसे बड़ी मूल आवश्यकता है। सरकार को इसे मौलिक अधिकार बनाना चाहिए। वहीं स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी प्रधान सुमित ऋषि व विशाल बाजीगर ने स्वास्थ्य ढांचे के बारे बताया।
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यमुनानगर। स्वास्थ्य को मौलिक अधिकारों में शामिल करने सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ 25 जून को डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करेगा। इसे लेकर कर्मचारी संगठन विभिन्न विभागों का दौरा कर समर्थन जुटा रहे हैं। इसके चलते बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र स्थित दमकल स्टेशन पर बैठक हुई। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने समस्याओं पर चर्चा की।
एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सोढे, ब्लॉक प्रधान जोत सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत कर्मचारियों एवं जनता से जुड़ी मुख्य मांगों के बारे बताया। जिनमें स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार बनाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं मजबूती देने, सभी नागरिकों को कोविड वैक्सीन का मुफ्त टीकाकरण सुनिश्चित करने, जांच और फ्री इलाज मुफ्त करने, सभी गैर-कोविड स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त एवं बेहतर, बजट का तीन प्रतिशत तक सरकारी निवेश बढ़ाने, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों अनुसार स्वास्थ्य ढांचा मजबूत बनाने, ठेका प्रथा खत्म करने, ठेका कर्मचारियों एवं आशा वर्करों को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने, जन स्वास्थ्य विभाग के पंचायती कर्मियों, अनुबंध व ठेका सफाई कर्मियों को पक्का करने, बढ़ती जनसंख्या के अनुसार मेडिकल, पैरामेडिकल व स्पोर्टिंग स्टाफ के नए पद स्वीकृत करके नियमित भर्ती करने, संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए उपयुक्त कदम उठाने आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर बनी हुई है। वर्तमान में स्वास्थ्य का ढांचा सामान्य बीमारियों का इलाज देने में भी कारगर नहीं है। एसकेएस जिला सचिव गुलशन भारद्वाज, जिला कोषाध्यक्ष सतीश राणा ने कहा कि इस संकट की घड़ी में इलाज सबसे बड़ी मूल आवश्यकता है। सरकार को इसे मौलिक अधिकार बनाना चाहिए। वहीं स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी प्रधान सुमित ऋषि व विशाल बाजीगर ने स्वास्थ्य ढांचे के बारे बताया।
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