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संदिग्ध डेंगू से किशोरी की मौत
यमुनानगर।
Updated Sun, 22 Sep 2013 12:11 AM IST
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कैंप की गड्ढा कॉलोनी के बाद अब शिव कॉलोनी बी में भी संदिग्ध डेंगू ने पैर पसार लिए हैं। शुक्रवार को एक किशोरी की संदिग्ध डेंगू से मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि इलाके में जिन लोगों को बुखार हुआ है। वे डेंगू से पीड़ित हैं। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
कॉलोनी में कई अन्य बच्चे और महिलाएं भी इसकी चपेट में हैं। लोगों को कहना है कि कई दिनों से यहां पर बुखार से लोग पीड़ित हैं। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की कोई भी टीम नहीं पहुंच पाई है। न ही यहां पर फोगिंग कराई गई है। किशोरी की माता शीला देवी ने बताया कि कुसुम को बुखार था।
वीरवार को वह स्कूल से जैसे ही घर आई, उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। शाम को उसके पिता घर पर आए और पास के ही एक डॉक्टर को दिखा दिया। वहां से दवा लेकर आ गए। सुबह होते-होते लड़की की हालत काफी खराब हो गई थी। शुक्रवार सुबह साढे़ पांच बजे उसे यमुनानगर के निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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ये लोग भी हैं बीमार
कॉलोनी में कई अन्य लोग भी संदिग्ध डेंगू की चपेट में हैं। इसमें ज्यादातर बच्चे हैं। बुखार से शीला देवी, रविंद्र कौर, धर्मेेंद्र, रत्ना, रिंकी और रवेदा भी पीड़ित है। इन लोगों को पिछले एक सप्ताह से बुखार की शिकायत है। ये सभी लोग आसपास के झोलाछाप डॉक्टरों से ही इलाज करा रहे हैं।
नहीं मिल पाया समय पर इलाज
असल में बच्ची को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। क्योंकि परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। पहले उनकी ओर से आसपास के ही झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराया गया। जब हालत बिगड़ गई, तब उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यहां पर आसपास कोई भी सरकारी अस्पताल नहीं है।
नहीं पहुंच पाई टीम
कैंप की विभिन्न कॉलोनियों में लोग संदिग्ध डेंगू की चपेट में हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई कॉलोनियों में फोगिंग और टीम को सैंपल लेने के लिए भेजा गया था। यहां पर एक सप्ताह तक टीम बीमार लोगों के सैंपल और उन्हें दवा देती रही है, लेकिन शिव कॉलोनी में टीम नहीं पहुंच पाई।
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कॉलोनी में कई अन्य बच्चे और महिलाएं भी इसकी चपेट में हैं। लोगों को कहना है कि कई दिनों से यहां पर बुखार से लोग पीड़ित हैं। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की कोई भी टीम नहीं पहुंच पाई है। न ही यहां पर फोगिंग कराई गई है। किशोरी की माता शीला देवी ने बताया कि कुसुम को बुखार था।
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वीरवार को वह स्कूल से जैसे ही घर आई, उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। शाम को उसके पिता घर पर आए और पास के ही एक डॉक्टर को दिखा दिया। वहां से दवा लेकर आ गए। सुबह होते-होते लड़की की हालत काफी खराब हो गई थी। शुक्रवार सुबह साढे़ पांच बजे उसे यमुनानगर के निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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ये लोग भी हैं बीमार
कॉलोनी में कई अन्य लोग भी संदिग्ध डेंगू की चपेट में हैं। इसमें ज्यादातर बच्चे हैं। बुखार से शीला देवी, रविंद्र कौर, धर्मेेंद्र, रत्ना, रिंकी और रवेदा भी पीड़ित है। इन लोगों को पिछले एक सप्ताह से बुखार की शिकायत है। ये सभी लोग आसपास के झोलाछाप डॉक्टरों से ही इलाज करा रहे हैं।
नहीं मिल पाया समय पर इलाज
असल में बच्ची को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। क्योंकि परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। पहले उनकी ओर से आसपास के ही झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराया गया। जब हालत बिगड़ गई, तब उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यहां पर आसपास कोई भी सरकारी अस्पताल नहीं है।
नहीं पहुंच पाई टीम
कैंप की विभिन्न कॉलोनियों में लोग संदिग्ध डेंगू की चपेट में हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई कॉलोनियों में फोगिंग और टीम को सैंपल लेने के लिए भेजा गया था। यहां पर एक सप्ताह तक टीम बीमार लोगों के सैंपल और उन्हें दवा देती रही है, लेकिन शिव कॉलोनी में टीम नहीं पहुंच पाई।