{"_id":"621d29834dc0167f062d56c9","slug":"officers-suggest-you-to-make-garbage-before-road-survey-yamuna-nagar-news-knl100469987","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले कूड़ा बना गले की फांस तो अधिकारी मांगने लगे लोगों से सुझाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले कूड़ा बना गले की फांस तो अधिकारी मांगने लगे लोगों से सुझाव
विज्ञापन
शहर में जिमखाना क्लब के बाहर डस्टबिन के चारों तरफ फैला कचरा।
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। शहर को स्वच्छ बनाने में नगर निगम द्वारा अपनाए जा रहे तरीके फेल साबित हो रहे हैं। शहर की सड़कों, कालोनियों, गलियों में गंदगी के लगे ढेर लगे हुए हैं। वहीं अब स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान शहर में जगह जगह लगे गंदगी व कूड़े के ढेर गले की फांस बनने लगे तो अधिकारी इसके लिए लोगों से सुझाव मांग रहे हैं।
मार्च शुरू हो चुका है, स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के लिए टीम कभी भी गुपचुप तरीके से सर्वे कर सकती है। ऐसे में अब नुक्कड़ नाटकों व पंफलेट बांट कर लोगों को शहर को सुंदर बनाने की अपील की जा रही है। वहीं 11 से 22 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का टेंडर खत्म हुए इतने दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दोबारा टेंडर नहीं लग सका।
निगम की तरफ से चलाया जा रहा जागरुकता कार्यक्रम
स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल आने के लिए निगम की तरफ से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके तहत लोगों से अपील की जा रही है कि वह अपने जन्मदिन व सालगिरह पर किसी चौक, सड़क, गली व मोहल्ले को गोद लेकर उसे साफ व सुंदर बनाएं। जबकि निगम अधिकारियों ने खुद चौक, सड़कों को सुंदर बनाने के क्या प्रयास किए वह कहीं दिखाई नहीं देते हैं। सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है।
विज्ञापन
अब मांग रहे सुझाव, फिर पूरा साल पूछेंगे भी नहीं
नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में शहर को अव्वल बनाने के लिए सेल्फ हेल्प ग्रुप, आशा वर्कर्स, सीएससी संचालक, धार्मिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, सफाई कर्मचारी, सामाजिक संस्थाओं, होटल, ढाबों, आरडब्लूए, मार्केट कमेटी प्रधान का सहयोग लेने की बात कह रहा है। यहां तक की विद्यार्थियों व शहरवासियों से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। यहां तक की बेहतर सहयोग देने वाले लोगों नगर निगम द्वारा सम्मानित करने की बात भी कही जा रही है। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण के बाद फिर से वही लापरवाही शुरू हो जाएगी। फिर साल भर न तो लोगों से कोई सुझाव लेगा और न ही उनके योगदान पर चर्चा होगी।
पार्षद बोले - सफाई का बुरा हाल है
पार्षद निर्मल चौहान, देवेंद्र सिंह व हरमीन कोहली का कहना है कि शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। जिन कर्मचारियों को सफाई करनी चाहिए उनमें से ज्यादातर नेताओं व अधिकारियों की कोठियों में काम कर रहे हैं। जब स्वच्छ सर्वेक्षण होने वाला होता है तो सफाई के लिए अधिकारी लोगों से सहयोग मांगते हैं। 12 से 22 वार्डों में सफाई के लिए अब तक टेंडर नहीं लग पाया है।
लोगों की भी है जिम्मेदारी: मदन चौहान
नगर निगम के मेयर मदन चौहान ने बताया कि शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में बेहतर रैंकिंग दिलवाना नगर निगम के साथ सभी लोगों की भी जिम्मेदारी है। सभी पार्षद को अपने वार्ड में लोगों के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाना चाहिए। निगम की टीम चौक, चौराहों अस्पताल, पार्कों, होटल, धार्मिक संस्थानों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है।
विज्ञापन
मार्च शुरू हो चुका है, स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के लिए टीम कभी भी गुपचुप तरीके से सर्वे कर सकती है। ऐसे में अब नुक्कड़ नाटकों व पंफलेट बांट कर लोगों को शहर को सुंदर बनाने की अपील की जा रही है। वहीं 11 से 22 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का टेंडर खत्म हुए इतने दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दोबारा टेंडर नहीं लग सका।
विज्ञापन
निगम की तरफ से चलाया जा रहा जागरुकता कार्यक्रम
स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल आने के लिए निगम की तरफ से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके तहत लोगों से अपील की जा रही है कि वह अपने जन्मदिन व सालगिरह पर किसी चौक, सड़क, गली व मोहल्ले को गोद लेकर उसे साफ व सुंदर बनाएं। जबकि निगम अधिकारियों ने खुद चौक, सड़कों को सुंदर बनाने के क्या प्रयास किए वह कहीं दिखाई नहीं देते हैं। सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है।
विज्ञापन
अब मांग रहे सुझाव, फिर पूरा साल पूछेंगे भी नहीं
नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में शहर को अव्वल बनाने के लिए सेल्फ हेल्प ग्रुप, आशा वर्कर्स, सीएससी संचालक, धार्मिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, सफाई कर्मचारी, सामाजिक संस्थाओं, होटल, ढाबों, आरडब्लूए, मार्केट कमेटी प्रधान का सहयोग लेने की बात कह रहा है। यहां तक की विद्यार्थियों व शहरवासियों से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। यहां तक की बेहतर सहयोग देने वाले लोगों नगर निगम द्वारा सम्मानित करने की बात भी कही जा रही है। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण के बाद फिर से वही लापरवाही शुरू हो जाएगी। फिर साल भर न तो लोगों से कोई सुझाव लेगा और न ही उनके योगदान पर चर्चा होगी।
पार्षद बोले - सफाई का बुरा हाल है
पार्षद निर्मल चौहान, देवेंद्र सिंह व हरमीन कोहली का कहना है कि शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। जिन कर्मचारियों को सफाई करनी चाहिए उनमें से ज्यादातर नेताओं व अधिकारियों की कोठियों में काम कर रहे हैं। जब स्वच्छ सर्वेक्षण होने वाला होता है तो सफाई के लिए अधिकारी लोगों से सहयोग मांगते हैं। 12 से 22 वार्डों में सफाई के लिए अब तक टेंडर नहीं लग पाया है।
लोगों की भी है जिम्मेदारी: मदन चौहान
नगर निगम के मेयर मदन चौहान ने बताया कि शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में बेहतर रैंकिंग दिलवाना नगर निगम के साथ सभी लोगों की भी जिम्मेदारी है। सभी पार्षद को अपने वार्ड में लोगों के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाना चाहिए। निगम की टीम चौक, चौराहों अस्पताल, पार्कों, होटल, धार्मिक संस्थानों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है।