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Yamuna Nagar News: गर्मी और पसीने से बढ़ी फंगस व एलर्जी के मरीजों की संख्या
Sat, 04 Jul 2026 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 04 Jul 2026 12:42 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी की पर्ची बनवाने को लगी भीड़। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लगातार पड़ रही उमस भरी गर्मी और अत्यधिक पसीने के कारण जिले में त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में फंगल संक्रमण, एलर्जी, घमौरियां और फुंसियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचने वाले करीब 50 प्रतिशत मरीज इन्हीं समस्याओं से जूझ रहे हैं।
आयुष विभाग के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार ने बताया कि गर्मी और उमस के कारण शरीर पर लंबे समय तक पसीना बना रहता है। यदि त्वचा को साफ और सूखा न रखा जाए तो फंगस तेजी से पनपता है। इसका सबसे अधिक असर गर्दन, बगल, कमर, जांघों और शरीर के उन हिस्सों पर होता है, जहां पसीना ज्यादा आता है। इसके अलावा एलर्जी और फुंसियों की शिकायत भी बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि गर्मियों में जींस और अन्य टाइट कपड़े पहनने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे कपड़ों में हवा का संचार कम होने के कारण त्वचा लंबे समय तक नम रहती है, जिससे फंगल संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है। कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता है। उन्होंने सलाह दी कि गर्मी के मौसम में ढीले और सूती कपड़ों का प्रयोग करें। दिन में कम से कम दो बार स्नान करें और पसीना आने पर शरीर को अच्छी तरह साफ कर सूखा रखें। तौलिया, कपड़े और अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और संतुलित आहार लेने से भी त्वचा स्वस्थ रहती है। गर्मी में गीले कपड़े पहनने से बचे।
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उन्होंने कहा कि त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते, जलन, दाने या सफेद धब्बे दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बिना सलाह के स्टेरॉयड युक्त क्रीम लगाने से संक्रमण और गंभीर हो सकता है। थोड़ी-सी सावधानी और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाकर गर्मी के मौसम में होने वाले अधिकांश त्वचा रोगों से बचाव किया जा सकता है।
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यमुनानगर। लगातार पड़ रही उमस भरी गर्मी और अत्यधिक पसीने के कारण जिले में त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में फंगल संक्रमण, एलर्जी, घमौरियां और फुंसियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचने वाले करीब 50 प्रतिशत मरीज इन्हीं समस्याओं से जूझ रहे हैं।
आयुष विभाग के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार ने बताया कि गर्मी और उमस के कारण शरीर पर लंबे समय तक पसीना बना रहता है। यदि त्वचा को साफ और सूखा न रखा जाए तो फंगस तेजी से पनपता है। इसका सबसे अधिक असर गर्दन, बगल, कमर, जांघों और शरीर के उन हिस्सों पर होता है, जहां पसीना ज्यादा आता है। इसके अलावा एलर्जी और फुंसियों की शिकायत भी बढ़ रही है।
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उन्होंने बताया कि गर्मियों में जींस और अन्य टाइट कपड़े पहनने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे कपड़ों में हवा का संचार कम होने के कारण त्वचा लंबे समय तक नम रहती है, जिससे फंगल संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है। कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता है। उन्होंने सलाह दी कि गर्मी के मौसम में ढीले और सूती कपड़ों का प्रयोग करें। दिन में कम से कम दो बार स्नान करें और पसीना आने पर शरीर को अच्छी तरह साफ कर सूखा रखें। तौलिया, कपड़े और अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और संतुलित आहार लेने से भी त्वचा स्वस्थ रहती है। गर्मी में गीले कपड़े पहनने से बचे।
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उन्होंने कहा कि त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते, जलन, दाने या सफेद धब्बे दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बिना सलाह के स्टेरॉयड युक्त क्रीम लगाने से संक्रमण और गंभीर हो सकता है। थोड़ी-सी सावधानी और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाकर गर्मी के मौसम में होने वाले अधिकांश त्वचा रोगों से बचाव किया जा सकता है।