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एनआरआई से प्लाइवुड खरीदकर राजस्थान के व्यापारी ने पौने 23 लाख ठगे
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अमादलपुर रोड स्थित मेसर्स गमट्री प्लाइवुड इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं एनआरआई कपिल गोगिया से राजस्थान के एक व्यापारी ने प्लाइवुड लेकर पौने 23 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। इस धोखाधड़ी में प्लाइवुड व्यापारी के साथ पत्नी, बेटे व पुत्रवधू पर भी मिलीभगत का आरोप है।
आरोपियों ने उनसे प्लाइवुड लेकर राजस्थान की कुछ फर्मों को बेच दी। इस दौरान आरोपियों ने फर्मों के नाम पर 1879652 रुपये की प्लाइवुड ले ली। आरोपियों ने फर्मों से पेमेंट ले ली, लेकिन वह कंपनी में नहीं दी। इस दौरान आरोपियों ने 3.90 लाख रुपये उधार भी लिए। लेकिन आरोपियों ने उसकी पेमेंट नहीं लौटाई। जांच करने पर उसे पता चला कि आरोपियों ने बिना कॉपी राइट लिए जयपुर में भी उसकी गमट्री प्लाइवुड के नाम पर दूसरी कंपनी खोलकर दूसरी फर्मों से पेमेंट ली। उसने आरोपियों से अपनी पेमेंट मांगी तो आरोपियों ने देने से मना कर दिया।
अक्तूबर 2018 में आरोपियों को प्लाइवुड देना शुरू किया : कपिल गोगिया ने बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया का नागरिक है। उसने भारत सरकार द्वारा विदेशी धन को भारत में निवेश करने की सरकार की नीतियों के तहत गमट्री प्लाइवुड इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाई हुई है। इस कंपनी का काम प्लाइवुड, ब्लाक बोर्ड एवं प्लस डोरस बनाना है। कंपनी के द्वारा बनाया गया माल विभिन्न राज्यों में विभिन्न व्यापारियों को सप्लाई किया जाता है। अक्तूबर 2018 में राजस्थान के जयपुर के सुमित्रा पथ निवासी हनुमान प्रसाद बागला व उसके बेटे कौशल बागला ने उससे संपर्क किया। प्लाइवुड खरीदने के लिए आरोपी उसकी कंपनी के दफ्तर में आए। आरोपियों ने बताया कि उनकी जयपुर में मॉडर्न प्लाइवुड के नाम से फर्म है। तब से आरोपी उनकी कंपनी से प्लाइवुड माल की खरीददारी करने लगे। कई बार आरोपियों ने उससे माल खरीदा और उसकी साथ ही पेमेंट कर दी। जिससे उनमें उनके प्रति विश्वास पैदा हो गया। इस दौरान माल खरीदने का आर्डर फोन पर भी पूरे किए जाने लगे।
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दूसरी फर्मों के दिलवाए ऑर्डर, उनसे पेमेंट लेकर नहीं दी : विश्वास जमने के बाद आरोपी हनुमान प्रसाद व उसके बेटे कौशल बागला ने फोन पर राजस्थान की गलोरियन प्लाई जयपुर, लक्ष्मी ट्रेडर्स इलाहाबाद, पुष्कर प्लाइवुड कोल नगर, अजमेर व आरके प्लाइवुड अजमेर से प्लाइवुड खरीदने के ऑर्डर उनकी कंपनी को दिलवाए। इसकी एवज में आरोपियों ने उससे कमीशन भी लिया। आरोपियों ने उसे कहा कि वे बतौर कमीशन जयपुर में काम करेंगे। इसके बाद आरोपियों ने इन सभी फर्मों की उसकी कंपनी में प्लाइवुड खरीदने के लिए ऑर्डर दिलवाए। कंपनी द्वारा आरोपियों की बताई हुई फर्मों पर माल भेजना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने उक्त फर्मों के नाम पर उससे लाखों रुपये की प्लाइवुड खरीदी। इस दौरान आरोपियों ने कुछ पेमेंट कर दी। लेकिन 1879652 रुपये की पेमेंट नहीं की।
उधार लिए रुपये नहीं लौटाएं, चेक भी बाउंस : उसने बताया कि बीती अप्रैल में आरोपी कौशल बागला ने उसे 3,90,000 रुपये उधार देने को कहा। आरोपी ने यह पेमेंट जून माह के पहले सप्ताह में उसे लौटाने का वादा किया। उसने कंपनी के खाते से एक अप्रैल को 75,000 रुपये, दो अप्रैल को दो लाख रुपये व नौ अप्रैल को एक लाख 15 हजार रुपये आरोपी कौशल बागला के खाते में ट्रांसफर कर दिए। अप्रैल 2019 के आखिरी सप्ताह में जब कंपनी से प्लाइवुड बेचने की पेमेंट नहीं आई तब उसने आरोपी कौशल व हनुमान प्रसाद से फोन पर व कई बार व्हाट्सअप पर बात की। आरोपियों ने उसे दूसरी फर्मों से पैसा वसूल कर उसकी पेमेंट देने का आश्वासन दिया। बार-बार पेमेंट मांगने पर आरोपी कौशल ने 28 मई को 18,79,652 रुपये का चेक मेरी कंपनी में भिजवाया। जब उन्होंने चेक बैंक में लगाया तो खाते में पैसा न होने के कारण वह बाउंस हो गया।
जयपुर गया तो उसकी फर्म के नाम पर खोली हुई थी दूसरी फर्म : राजस्थान में वह अपने दोस्त रवि इंटर प्राइजेज के मालिक विकास कुमार व संजय जैन से मिले। उस समय उसे पता लगा कि आरोपी हनुमान प्रसाद उसके बेटे कौशल बागला, पत्नी ज्योति बागला व पुत्रवधू स्नेहा जसवाल ने मिलकर उसकी कंपनी का नाम व मार्का चोरी करके उसकी कंपनी के नाम की तरह गमट्री प्लाइवुड के नाम से एक फर्म जयपुर में खोली है। आरोप है कि आरोपियों ने उसकी कंपनी का ट्रेड मार्का व कॉपी राइट की चोरी करने की नीयत से व्यापार किया है। उसने जब आरोपियों से इस बारे में बातचीत की तो आरोपियों ने उसे उसकी पेमेंट देने से मना कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
मामले में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्जकर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के लिए पुलिस राजस्थान भी जा सकती है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई करेंगे।
सुनील कुमार, एसएचओ, थाना बुड़िया।
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आरोपियों ने उनसे प्लाइवुड लेकर राजस्थान की कुछ फर्मों को बेच दी। इस दौरान आरोपियों ने फर्मों के नाम पर 1879652 रुपये की प्लाइवुड ले ली। आरोपियों ने फर्मों से पेमेंट ले ली, लेकिन वह कंपनी में नहीं दी। इस दौरान आरोपियों ने 3.90 लाख रुपये उधार भी लिए। लेकिन आरोपियों ने उसकी पेमेंट नहीं लौटाई। जांच करने पर उसे पता चला कि आरोपियों ने बिना कॉपी राइट लिए जयपुर में भी उसकी गमट्री प्लाइवुड के नाम पर दूसरी कंपनी खोलकर दूसरी फर्मों से पेमेंट ली। उसने आरोपियों से अपनी पेमेंट मांगी तो आरोपियों ने देने से मना कर दिया।
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अक्तूबर 2018 में आरोपियों को प्लाइवुड देना शुरू किया : कपिल गोगिया ने बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया का नागरिक है। उसने भारत सरकार द्वारा विदेशी धन को भारत में निवेश करने की सरकार की नीतियों के तहत गमट्री प्लाइवुड इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाई हुई है। इस कंपनी का काम प्लाइवुड, ब्लाक बोर्ड एवं प्लस डोरस बनाना है। कंपनी के द्वारा बनाया गया माल विभिन्न राज्यों में विभिन्न व्यापारियों को सप्लाई किया जाता है। अक्तूबर 2018 में राजस्थान के जयपुर के सुमित्रा पथ निवासी हनुमान प्रसाद बागला व उसके बेटे कौशल बागला ने उससे संपर्क किया। प्लाइवुड खरीदने के लिए आरोपी उसकी कंपनी के दफ्तर में आए। आरोपियों ने बताया कि उनकी जयपुर में मॉडर्न प्लाइवुड के नाम से फर्म है। तब से आरोपी उनकी कंपनी से प्लाइवुड माल की खरीददारी करने लगे। कई बार आरोपियों ने उससे माल खरीदा और उसकी साथ ही पेमेंट कर दी। जिससे उनमें उनके प्रति विश्वास पैदा हो गया। इस दौरान माल खरीदने का आर्डर फोन पर भी पूरे किए जाने लगे।
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दूसरी फर्मों के दिलवाए ऑर्डर, उनसे पेमेंट लेकर नहीं दी : विश्वास जमने के बाद आरोपी हनुमान प्रसाद व उसके बेटे कौशल बागला ने फोन पर राजस्थान की गलोरियन प्लाई जयपुर, लक्ष्मी ट्रेडर्स इलाहाबाद, पुष्कर प्लाइवुड कोल नगर, अजमेर व आरके प्लाइवुड अजमेर से प्लाइवुड खरीदने के ऑर्डर उनकी कंपनी को दिलवाए। इसकी एवज में आरोपियों ने उससे कमीशन भी लिया। आरोपियों ने उसे कहा कि वे बतौर कमीशन जयपुर में काम करेंगे। इसके बाद आरोपियों ने इन सभी फर्मों की उसकी कंपनी में प्लाइवुड खरीदने के लिए ऑर्डर दिलवाए। कंपनी द्वारा आरोपियों की बताई हुई फर्मों पर माल भेजना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने उक्त फर्मों के नाम पर उससे लाखों रुपये की प्लाइवुड खरीदी। इस दौरान आरोपियों ने कुछ पेमेंट कर दी। लेकिन 1879652 रुपये की पेमेंट नहीं की।
उधार लिए रुपये नहीं लौटाएं, चेक भी बाउंस : उसने बताया कि बीती अप्रैल में आरोपी कौशल बागला ने उसे 3,90,000 रुपये उधार देने को कहा। आरोपी ने यह पेमेंट जून माह के पहले सप्ताह में उसे लौटाने का वादा किया। उसने कंपनी के खाते से एक अप्रैल को 75,000 रुपये, दो अप्रैल को दो लाख रुपये व नौ अप्रैल को एक लाख 15 हजार रुपये आरोपी कौशल बागला के खाते में ट्रांसफर कर दिए। अप्रैल 2019 के आखिरी सप्ताह में जब कंपनी से प्लाइवुड बेचने की पेमेंट नहीं आई तब उसने आरोपी कौशल व हनुमान प्रसाद से फोन पर व कई बार व्हाट्सअप पर बात की। आरोपियों ने उसे दूसरी फर्मों से पैसा वसूल कर उसकी पेमेंट देने का आश्वासन दिया। बार-बार पेमेंट मांगने पर आरोपी कौशल ने 28 मई को 18,79,652 रुपये का चेक मेरी कंपनी में भिजवाया। जब उन्होंने चेक बैंक में लगाया तो खाते में पैसा न होने के कारण वह बाउंस हो गया।
जयपुर गया तो उसकी फर्म के नाम पर खोली हुई थी दूसरी फर्म : राजस्थान में वह अपने दोस्त रवि इंटर प्राइजेज के मालिक विकास कुमार व संजय जैन से मिले। उस समय उसे पता लगा कि आरोपी हनुमान प्रसाद उसके बेटे कौशल बागला, पत्नी ज्योति बागला व पुत्रवधू स्नेहा जसवाल ने मिलकर उसकी कंपनी का नाम व मार्का चोरी करके उसकी कंपनी के नाम की तरह गमट्री प्लाइवुड के नाम से एक फर्म जयपुर में खोली है। आरोप है कि आरोपियों ने उसकी कंपनी का ट्रेड मार्का व कॉपी राइट की चोरी करने की नीयत से व्यापार किया है। उसने जब आरोपियों से इस बारे में बातचीत की तो आरोपियों ने उसे उसकी पेमेंट देने से मना कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
मामले में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्जकर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के लिए पुलिस राजस्थान भी जा सकती है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई करेंगे।
सुनील कुमार, एसएचओ, थाना बुड़िया।