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Yamuna Nagar News: अब जिला अस्पताल में प्रसव कराएंगी निजी चिकित्सक
Wed, 26 Feb 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 26 Feb 2025 12:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में गर्भवतियों को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब उन्हें प्रसव के लिए सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में भी भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। जिला अस्पताल में गर्भवतियों का प्रसव अब निजी अस्पतालों की महिला गायनी डॉक्टर कराएंगी। इसके लिए अस्पताल ने छह निजी गायनी के अनुबंध किया है। यह डॉक्टर 24 घंटे डिलीवरी कराएंगी।
जिला नागरिक अस्पताल में गर्भवतियों की डिलीवरी के लिए एक भी गायनी नहीं है। अस्पताल में गत वर्ष जो गायनी थीं, वह मेटरनिटी लीव पर गई हुई हैं। तब से अस्पताल में गर्भवतियों की केवल नॉर्मल डिलीवरी ही हो रही थी। यह डिलीवरी भी अस्पताल का स्टाफ या फिर एमबीबीएस डॉक्टर ही करवा रही थी।
अब अस्पताल की पीएमओ डॉ. नवजोत किरण टिवाना ने निजी अस्पताल की गायनी डॉ. शिमांकु गुप्ता, डॉ. कविता जैन, डॉ. सरिता गुलाटी, डॉ. दिव्या शर्मा, डॉ. रितु मग्गो व डॉ. संतोष जैन को पैनल पर लिया है। ये गायनी रात के अलावा दिन में भी गर्भवतियों की सिजेरियन डिलीवरी करवाएंगी।
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स्वास्थ्य विभाग में यदि गायनी की कमी हो तो संबंधित सरकारी अस्पताल प्राइवेट अस्पतालों की गायनी डॉक्टर को अपने पैनल पर रख सकता है। इन गायनी को केवल सिजेरियन से ही महिलाओं की डिलीवरी करनी होती है। इसके लिए अस्पताल प्रत्येक डिलीवरी की एवज में 3500 रुपये गायनी को भुगतान करता है।
जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. नवजोत किरण टिवाना का कहना है कि निजी अस्पतालों की छह गायनी को पैनल पर लिया गया है। वह केवल सिजेरियन डिलीवरी ही कराएंगी। वहीं अस्पताल की अपनी गायनी की व्यवस्था करने के लिए सिविल सर्जन को पत्र लिखा हुआ है।
जगाधरी अस्पताल करना पड़ रहा था रेफल
जिला नागरिक अस्पताल में गायनी के न होने से गर्भवतियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिन महिलाओं की डिलीवरी सिजेरियन से होनी थी, उन्हें जिला अस्पताल से सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में रेफर किया जा रहा है। जगाधरी में भी केवल एक ही गायनी डॉक्टर है। उन्हें भी दिनभर आठ से दस घंटे काम करने के बाद रेस्ट देना पड़ता है। वहां भी रात को सिजेरियन डिलीवरी के लिए निजी अस्पतालों की गायनी को पैनल पर रखा गया है। ऐसे में सब डिवीजन अस्पताल में डिलीवरी के लिए गर्भवतियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है और जिला अस्पताल में घट रही हैं। जगाधरी अस्पताल में हर माह औसतन 500 से ज्यादा गर्भवतियों की डिलीवरी होती है। वहीं जिला अस्पताल में यह आंकड़ा 100 को भी मुश्किल से छू पाता है।
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में गर्भवतियों को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब उन्हें प्रसव के लिए सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में भी भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। जिला अस्पताल में गर्भवतियों का प्रसव अब निजी अस्पतालों की महिला गायनी डॉक्टर कराएंगी। इसके लिए अस्पताल ने छह निजी गायनी के अनुबंध किया है। यह डॉक्टर 24 घंटे डिलीवरी कराएंगी।
जिला नागरिक अस्पताल में गर्भवतियों की डिलीवरी के लिए एक भी गायनी नहीं है। अस्पताल में गत वर्ष जो गायनी थीं, वह मेटरनिटी लीव पर गई हुई हैं। तब से अस्पताल में गर्भवतियों की केवल नॉर्मल डिलीवरी ही हो रही थी। यह डिलीवरी भी अस्पताल का स्टाफ या फिर एमबीबीएस डॉक्टर ही करवा रही थी।
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अब अस्पताल की पीएमओ डॉ. नवजोत किरण टिवाना ने निजी अस्पताल की गायनी डॉ. शिमांकु गुप्ता, डॉ. कविता जैन, डॉ. सरिता गुलाटी, डॉ. दिव्या शर्मा, डॉ. रितु मग्गो व डॉ. संतोष जैन को पैनल पर लिया है। ये गायनी रात के अलावा दिन में भी गर्भवतियों की सिजेरियन डिलीवरी करवाएंगी।
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स्वास्थ्य विभाग में यदि गायनी की कमी हो तो संबंधित सरकारी अस्पताल प्राइवेट अस्पतालों की गायनी डॉक्टर को अपने पैनल पर रख सकता है। इन गायनी को केवल सिजेरियन से ही महिलाओं की डिलीवरी करनी होती है। इसके लिए अस्पताल प्रत्येक डिलीवरी की एवज में 3500 रुपये गायनी को भुगतान करता है।
जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. नवजोत किरण टिवाना का कहना है कि निजी अस्पतालों की छह गायनी को पैनल पर लिया गया है। वह केवल सिजेरियन डिलीवरी ही कराएंगी। वहीं अस्पताल की अपनी गायनी की व्यवस्था करने के लिए सिविल सर्जन को पत्र लिखा हुआ है।
जगाधरी अस्पताल करना पड़ रहा था रेफल
जिला नागरिक अस्पताल में गायनी के न होने से गर्भवतियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिन महिलाओं की डिलीवरी सिजेरियन से होनी थी, उन्हें जिला अस्पताल से सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में रेफर किया जा रहा है। जगाधरी में भी केवल एक ही गायनी डॉक्टर है। उन्हें भी दिनभर आठ से दस घंटे काम करने के बाद रेस्ट देना पड़ता है। वहां भी रात को सिजेरियन डिलीवरी के लिए निजी अस्पतालों की गायनी को पैनल पर रखा गया है। ऐसे में सब डिवीजन अस्पताल में डिलीवरी के लिए गर्भवतियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है और जिला अस्पताल में घट रही हैं। जगाधरी अस्पताल में हर माह औसतन 500 से ज्यादा गर्भवतियों की डिलीवरी होती है। वहीं जिला अस्पताल में यह आंकड़ा 100 को भी मुश्किल से छू पाता है।