{"_id":"6578bcdf8906409119016db5","slug":"now-hospitals-will-get-medicines-from-civil-surgeon-store-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-10503-2023-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: अब अस्पतालों को सिविल सर्जन स्टोर से मिलेगी दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: अब अस्पतालों को सिविल सर्जन स्टोर से मिलेगी दवाएं
विज्ञापन
प्रदेश में सभी जिला नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी अब अपने स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के वेयरहाउस से दवाई नहीं ले सकेंगे। इन सभी को मरीजों के लिए दवाइयां अब सिविल सर्जन स्टोर से उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से जिला अस्पताल के पीएमओ, सीएचसी, पीएचसी के एसएमओ व एमओ को फायदा होगा, क्योंकि उन्हें दवाई लेने के लिए वेयरहाउस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इन आदेशों से सिविल सर्जन कार्यालय की दिक्कत बढ़ गई है। ऐसा इसलिए है कि वेयरहाउस के अलावा जो दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ेंगी उनके लिए बजट कहां से आएगा। किसी भी सिविल सर्जन कार्यालय के पास इतना ज्यादा बजट नहीं है कि वह अपने स्तर पर इतनी दवाइयां खरीद सकें।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के सभी अस्पतालों को विभाग के ही वेयरहाउस से दवाइयां मिलती हैं। जिला नागरिक अस्पताल, सब डिवीजन अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी अपने स्तर पर ही वेयरहाउस को डिमांड भेज कर वहां से दवाइयां लेते हैं। यदि वेयरहाउस में किसी कारणवश दवाई न हो तो अस्पतालों को निजी दवा कंपनियों से दवाई खरीदनी पड़ती है। इसके लिए अस्पताल को वेयरहाउस से एनएसी (अनुपलब्धता प्रमाण पत्र) लेना पड़ता है। इसके बाद ही निजी कंपनियों से अपने बजट के हिसाब से दवाई खरीदी जा सकती है।
विज्ञापन
अब स्वास्थ्य विभाग ने इसमें बड़ा बदलाव किया है। वेयरहाउस से दवाई केवल सिविल सर्जन स्टोर को ही मिलेंगी। यदि दवा कंपनियों से खरीदनी है तो सिविल सर्जन स्टोर ही दवाई खरीदेगा। फिर सिविल सर्जन स्टोर से जिला नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी को दवाई मिलेगी।
सिविल सर्जन स्टोर अचानक कई गुणा ज्यादा दवाई कैसे खरीदेगा यह अभी तय नहीं हुआ है। इसकी वजह सिविल सर्जन स्टोर में बजट की कमी होना है। यमुनानगर की बात करें तो सिविल सर्जन स्टोर पर निजी दवा कंपनियों का करीब 52 लाख रुपये बकाया है। इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिख कर मार्गदर्शन भी मांगा है। ऐसी समस्या सभी जिलों में सिविल सर्जन की है। वहीं दवा देने के लिए स्टाफ का भी इंतजाम करना होगा।
सिविल सर्जन यमुनानगर डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि सीधे वेयरहाउस के बजाय अब सिविल सर्जन स्टोर से ही अस्पताल व सीएचसी, पीएचसी को दवाई मिलेगी। वेयरहाउस या दवा कंपनियों से सिविल सर्जन ही दवाई लेंगे। बाहर से दवा खरीदने के लिए कौन बजट का प्रावधान कैसे होगा इसके लिए महानिदेशक को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से जिला अस्पताल के पीएमओ, सीएचसी, पीएचसी के एसएमओ व एमओ को फायदा होगा, क्योंकि उन्हें दवाई लेने के लिए वेयरहाउस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इन आदेशों से सिविल सर्जन कार्यालय की दिक्कत बढ़ गई है। ऐसा इसलिए है कि वेयरहाउस के अलावा जो दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ेंगी उनके लिए बजट कहां से आएगा। किसी भी सिविल सर्जन कार्यालय के पास इतना ज्यादा बजट नहीं है कि वह अपने स्तर पर इतनी दवाइयां खरीद सकें।
विज्ञापन
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के सभी अस्पतालों को विभाग के ही वेयरहाउस से दवाइयां मिलती हैं। जिला नागरिक अस्पताल, सब डिवीजन अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी अपने स्तर पर ही वेयरहाउस को डिमांड भेज कर वहां से दवाइयां लेते हैं। यदि वेयरहाउस में किसी कारणवश दवाई न हो तो अस्पतालों को निजी दवा कंपनियों से दवाई खरीदनी पड़ती है। इसके लिए अस्पताल को वेयरहाउस से एनएसी (अनुपलब्धता प्रमाण पत्र) लेना पड़ता है। इसके बाद ही निजी कंपनियों से अपने बजट के हिसाब से दवाई खरीदी जा सकती है।
विज्ञापन
अब स्वास्थ्य विभाग ने इसमें बड़ा बदलाव किया है। वेयरहाउस से दवाई केवल सिविल सर्जन स्टोर को ही मिलेंगी। यदि दवा कंपनियों से खरीदनी है तो सिविल सर्जन स्टोर ही दवाई खरीदेगा। फिर सिविल सर्जन स्टोर से जिला नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी को दवाई मिलेगी।
सिविल सर्जन स्टोर अचानक कई गुणा ज्यादा दवाई कैसे खरीदेगा यह अभी तय नहीं हुआ है। इसकी वजह सिविल सर्जन स्टोर में बजट की कमी होना है। यमुनानगर की बात करें तो सिविल सर्जन स्टोर पर निजी दवा कंपनियों का करीब 52 लाख रुपये बकाया है। इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिख कर मार्गदर्शन भी मांगा है। ऐसी समस्या सभी जिलों में सिविल सर्जन की है। वहीं दवा देने के लिए स्टाफ का भी इंतजाम करना होगा।
सिविल सर्जन यमुनानगर डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि सीधे वेयरहाउस के बजाय अब सिविल सर्जन स्टोर से ही अस्पताल व सीएचसी, पीएचसी को दवाई मिलेगी। वेयरहाउस या दवा कंपनियों से सिविल सर्जन ही दवाई लेंगे। बाहर से दवा खरीदने के लिए कौन बजट का प्रावधान कैसे होगा इसके लिए महानिदेशक को पत्र लिखा गया है।