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Yamuna Nagar News: 103 होटलों को नोटिस, जांच हुई न कार्रवाई
Sun, 05 Jul 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 05 Jul 2026 01:18 AM IST
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होटलों की जांच के दौरान नोटिस देती दमकल विभाग की टीम। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में दमकल विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। विभाग की ओर से पिछले दिनों जिले के 103 होटल संचालकों को फायर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस जारी होने के बाद न तो इन होटलों की दोबारा जांच की गई और न ही नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
जिले में 200 से अधिक छोटे-बड़े होटल संचालित हैं, लेकिन इनमें से केवल 103 होटलों को ही नोटिस जारी किए गए थे। शेष होटलों की स्थिति की जांच तक नहीं की गई। जिन होटलों को नोटिस मिले, वहां भी विभाग की ओर से अनुपालन की समीक्षा नहीं की गई। सवाल उठ रहे हैं कि यदि नियमों का पालन नहीं कराया जाना था तो नोटिस जारी करने का उद्देश्य क्या था।
विभागीय अधिकारियों ने उस समय यह भी कहा था कि होटलों की जांच पूरी होने के बाद जिले के कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। लेकिन अब तक किसी भी कोचिंग सेंटर में दमकल विभाग की टीम जांच के लिए नहीं पहुंची है। जबकि जिले में करीब 170 कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं और इनमें से किसी के पास भी फायर एनओसी नहीं है।
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कोचिंग सेंटरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आग जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और फायर एनओसी होना आवश्यक माना जाता है। इसके बावजूद इन संस्थानों की जांच शुरू नहीं होने से अभिभावकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
दमकल विभाग की तरफ से होटलों की जांच करते हुए एक महीने का समय नोटिस में दिया गया था। जो नोटिस का जवाब नहीं देंगे और वह अपने यहां आग से निपटने के बंदोबस्त नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -कपिल, जिला दमकल अधिकारी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। जिले में दमकल विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। विभाग की ओर से पिछले दिनों जिले के 103 होटल संचालकों को फायर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस जारी होने के बाद न तो इन होटलों की दोबारा जांच की गई और न ही नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
जिले में 200 से अधिक छोटे-बड़े होटल संचालित हैं, लेकिन इनमें से केवल 103 होटलों को ही नोटिस जारी किए गए थे। शेष होटलों की स्थिति की जांच तक नहीं की गई। जिन होटलों को नोटिस मिले, वहां भी विभाग की ओर से अनुपालन की समीक्षा नहीं की गई। सवाल उठ रहे हैं कि यदि नियमों का पालन नहीं कराया जाना था तो नोटिस जारी करने का उद्देश्य क्या था।
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विभागीय अधिकारियों ने उस समय यह भी कहा था कि होटलों की जांच पूरी होने के बाद जिले के कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। लेकिन अब तक किसी भी कोचिंग सेंटर में दमकल विभाग की टीम जांच के लिए नहीं पहुंची है। जबकि जिले में करीब 170 कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं और इनमें से किसी के पास भी फायर एनओसी नहीं है।
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कोचिंग सेंटरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आग जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और फायर एनओसी होना आवश्यक माना जाता है। इसके बावजूद इन संस्थानों की जांच शुरू नहीं होने से अभिभावकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
दमकल विभाग की तरफ से होटलों की जांच करते हुए एक महीने का समय नोटिस में दिया गया था। जो नोटिस का जवाब नहीं देंगे और वह अपने यहां आग से निपटने के बंदोबस्त नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -कपिल, जिला दमकल अधिकारी, यमुनानगर।