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पेड़ न पौधे, बस नाम की है ग्रीन बेल्ट
जगाधरी वर्कशाप/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2015 12:15 AM IST
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शहर का औद्योगिक क्षेत्र अब बदहाल हो रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया में पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन बेल्ट की जगह छोड़ी गई थी, मगर अब ये ग्रीन बेल्ट उद्योगपतियों के अतिक्रमण की जद में है। ग्रीन बेल्ट पर पेड़ पौधा लगाने की बजाए उद्योगपति इस जगह को निजी हित के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
स्थिति ये बन चुकी है कि कई जगह उद्योगपतियों ने अपने कारखाने के सामने पक्के निर्माण भी बनवा लिए हैं। ऐसे में देखा देखी अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है और अधिकतर फैक्टरी के सामने ग्रीन बेल्ट पर पक्के निर्माण बनते जा रहे हैं। लेकिन संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
इंडस्ट्रियल एरिया का ये क्षेत्र हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल डवेल्पमेंट कारपोरेशन के अधीन है। एचएसआईडीसी ही क्षेत्र में विकास कार्य करवाती है। मगर विभाग अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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अपने हिसाब से कर रहे इस्तेमाल
हर कोई ग्रीन बेल्ट की जगह को अपने हिसाब से प्रयोग कर रहा है। कई उद्योगपतियों ने पक्के निर्माण तक कर लिए हैं और इस जगह को स्टैंड के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है। बकायदा, ग्रिल या तार लगा कर जगह पर कब्जा कर लिया गया है, लेकिन वहां पेड़ पौधे नहीं है। इसी तरह कई उद्योगपति बेल्ट को कच्चा माल रखने के लिए उपयोग करते हैं।
गुजरना भी हुआ मुश्किल
क्षेत्र के हरविंद्र सिंह, मोहित व राजेश ने बताया कि अतिक्रमण की वजह से ट्रैफिक जाम की समस्या भी बन जाती है। सड़क तक सामान रखा होता है। कई बार सामान लेकर आए वाहन चालक सड़क किनारे वाहन खड़ा करके चले जाते है। जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। इसी तरह ग्रीन बेल्ट का इस्तेमाल निजी काम के लिए किया जाता है, लेेकिन साफ सफाई नहीं होती। जिससे गंदगी फैल जाती है।
नगर निगम भी कर सकता है कार्रवाई
इंडस्ट्रियल एरिया को विकसित करने की जिम्मेदारी एचएसआईडीसी के पास है। लेकिन साफ सफाई का जिम्मा नगर निगम के पास है। सीवरेज सिस्टम की व्यवस्था पब्लिक हेल्थ करता है। ऐसे में नगर निगम व एचएसआईडीसी दोनों विभाग ग्रीन बेल्ट पर कब्जे के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।
निरीक्षण करवा कर कार्रवाई की जाएगी
ऐसा नहीं होना चाहिए। ये अतिक्रमण है। जल्द ही इसका निरीक्षण करवाया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।
सुशील गुप्ता, स्टेट मैनेजर एचएसआईडीसी
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स्थिति ये बन चुकी है कि कई जगह उद्योगपतियों ने अपने कारखाने के सामने पक्के निर्माण भी बनवा लिए हैं। ऐसे में देखा देखी अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है और अधिकतर फैक्टरी के सामने ग्रीन बेल्ट पर पक्के निर्माण बनते जा रहे हैं। लेकिन संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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इंडस्ट्रियल एरिया का ये क्षेत्र हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल डवेल्पमेंट कारपोरेशन के अधीन है। एचएसआईडीसी ही क्षेत्र में विकास कार्य करवाती है। मगर विभाग अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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अपने हिसाब से कर रहे इस्तेमाल
हर कोई ग्रीन बेल्ट की जगह को अपने हिसाब से प्रयोग कर रहा है। कई उद्योगपतियों ने पक्के निर्माण तक कर लिए हैं और इस जगह को स्टैंड के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है। बकायदा, ग्रिल या तार लगा कर जगह पर कब्जा कर लिया गया है, लेकिन वहां पेड़ पौधे नहीं है। इसी तरह कई उद्योगपति बेल्ट को कच्चा माल रखने के लिए उपयोग करते हैं।
गुजरना भी हुआ मुश्किल
क्षेत्र के हरविंद्र सिंह, मोहित व राजेश ने बताया कि अतिक्रमण की वजह से ट्रैफिक जाम की समस्या भी बन जाती है। सड़क तक सामान रखा होता है। कई बार सामान लेकर आए वाहन चालक सड़क किनारे वाहन खड़ा करके चले जाते है। जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। इसी तरह ग्रीन बेल्ट का इस्तेमाल निजी काम के लिए किया जाता है, लेेकिन साफ सफाई नहीं होती। जिससे गंदगी फैल जाती है।
नगर निगम भी कर सकता है कार्रवाई
इंडस्ट्रियल एरिया को विकसित करने की जिम्मेदारी एचएसआईडीसी के पास है। लेकिन साफ सफाई का जिम्मा नगर निगम के पास है। सीवरेज सिस्टम की व्यवस्था पब्लिक हेल्थ करता है। ऐसे में नगर निगम व एचएसआईडीसी दोनों विभाग ग्रीन बेल्ट पर कब्जे के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।
निरीक्षण करवा कर कार्रवाई की जाएगी
ऐसा नहीं होना चाहिए। ये अतिक्रमण है। जल्द ही इसका निरीक्षण करवाया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।
सुशील गुप्ता, स्टेट मैनेजर एचएसआईडीसी