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ट्रामा सेंटर में आग से बचाव के लिए फायर लाइन नहीं, खतरे में मरीजों की जान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 02:00 AM IST
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No fire line to prevent fire in trauma center, patients' lives in danger
No fire line to prevent fire in trauma center, patients' lives in danger - फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। सिविल अस्पताल के भवन और इनमें भर्ती मरीज आगजनी की घटनाओं से कितने सुरक्षित हैं, इसकी हकीकत जानने के लिए दमकल विभाग ने सिविल अस्पताल जगाधरी और यमुनानगर में फायर ऑडिट किया। आडिट में सिविल अस्पताल यमुनानगर और अस्पताल परिसर में बने ट्रामा सेंटर को दमकल अधिकारियों ने निर्माणाधीन अस्पताल का हिस्सा बताया, जबकि ट्रामा सेंटर में कोई काम नहीं चल रहा। मौके पर की गई पड़ताल में पता चला कि ट्रामा सेंटर में आग बुझाने के लिए फायर लाइन तक नहीं है। कई अग्निशमन यंत्र एक अप्रैल के बाद चेक ही नहीं किए गए। दमकल अधिकारियों की यह लापरवाही यहां भर्ती मरीजों और ड्यूटी पर रहने वाले स्टॉफ की जान पर भारी पड़ सकती है।
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प्रदेश सरकार ने आए दिन कहीं न कहीं अस्पतालों में लग रही आग की घटनाओं को देखते हुए दमकल विभाग से प्रदेश के सभी सिविल अस्पतालों का फायर ऑडिट कराया था। शहर में जगाधरी व यमुनानगर में दो सिविल अस्पताल हैं। यमुनानगर अस्पताल के पुराने भवन को तोड़ कर नया बनाया जा रहा है। इसे 200 बेड का किया जा रहा है। इसमें प्रशासनिक खंड के अलावा मरीजों के लिए दो ब्लॉक बनाए गए हैं। निर्माणाधीन भवन में फायर लाइन डाली गई है। अस्पताल के परिसर में ही ट्रामा सेंटर है। रिपोर्ट में जगाधरी अस्पताल में आग से बचाव के सारे प्रबंध पाए गए। यमुनानगर के अस्पताल को निर्माणाधीन बताया गया। इसी के साथ ही ट्रॉमा सेंटर को भी निर्माणाधीन अस्पताल में दिखाया गया है। जबकि ट्रामा सेंटर को बने करीब 12 साल हो चुके हैं। इसमें आग से बचाव के प्रबंध बिल्कुल भी नहीं हैं। ऑपरेशन थिएटर की एंट्री पर बाल्टियों में रेत जरूर भरा गया है। इसके ऊपर लगे अग्निशमन यंत्रों को एक अप्रैल के बाद जांचा नहीं गया। इसी तरह ट्रॉमा सेंटर में ऐसा कोई नल भी नहीं हैं जिसमें पाइप लाइन लगाकर आग पर काबू पाया जा सके। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह से दमकल विभाग पर निर्भर है।
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नए भवन में इंतजाम कर रहे हैं : प्रमोद दुग्गल
जिला दमकल अधिकारी प्रमोद दुग्गल का कहना है कि सिविल अस्पताल जगाधरी में आग से निपटने के सारे प्रबंध हैं। यमुनानगर में अस्पताल का नया भवन बन रहा है। उसमें आग से बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर भी अस्पताल का ही हिस्सा है। जो कमियां थी उससे स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवा दिया है। ट्रामा सेंटर में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र रखे हुए हैं।
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