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Yamuna Nagar News: अमान्य स्कूलों पर कार्रवाई नहीं
Mon, 07 Jul 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 07 Jul 2025 12:41 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले के अमान्य स्कूलों के करीब 20 हजार विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है। नए सत्र से पहले बोर्ड ने जिले के 40 गैर मान्य स्कूलों की सूची जारी की थी। निदेशालय ने उनके दाखिला करने पर रोक लगाकर इन पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बावजूद स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तमाम अमान्य स्कूलों ने दाखिले भी किए और कक्षाएं भी लगा रहे हैं।
बोर्ड ने गैर मान्य शिक्षण संस्थानों के स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट भी अमान्य कर दिया है। ऐसे में जिले के इन गैर मान्य स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में फंसता नजर आ रहा है। जिले के तमाम गैर मान्य स्कूलों में करीब 20 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। निदेशालय और बोर्ड के आदेशों के बाद भी जिला शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं की। विभाग इन स्कूलों के प्रति उदार बना हुआ है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सूची में जारी नाम के स्कूलों के विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं ली जाएगी। एक तरफ जहां विद्यार्थियों का एक साल खराब होने के कगार पर है। वहीं, अभिभावकों की गाढ़ी कमाई भी डूबने का भय है। बोर्ड की जारी सूची में सबसे ज्यादा स्कूल शहर में चल रहे हैं।
शहर में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, उपजिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा अधिकारी सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी बैठते हैं। सूची के अनुसार शहर में दो दर्जन स्कूल गैर कानूनी रूप से चल रहे हैं। इन स्कूलों के पास मान्यता और अनुमति नहीं है। वहीं, इन स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं है।
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किन क्षेत्रों में चल रहे कितने अमान्य स्कूल
बोर्ड ने खंड शिक्षा के अनुसार अमान्य स्कूलों की सूची जारी की है। सूची के अनुसार छछरौली खंड में दो स्कूल गैर-कानूनी है। जबकि रादौर व सरस्वतीनगर में दो-दो और साढ़ौरा में चार स्कूल गैर-मान्य है। इसी तरह बिलासपुर में छह स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। वहीं, शहर में सबसे ज्यादा 24 स्कूल गैर-मान्य हैं। यमुनानगर शहर की केवल हमीदा कॉलोनी में नौ स्कूल चल रहे हैं। जबकि जगाधरी शहर में छह स्कूल चल रहे हैं। अन्य जगाधरी खंड के ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
जिले में चल रहे सभी गैर-मान्य स्कूलों को दाखिला न करने व कक्षाएं न लगाने के आदेश दिए गए हैं। सूची में शामिल स्कूलों को दस्तावेज दिखाने का समय दिया था। ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई थी। अब इस पर कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। - धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। जिले के अमान्य स्कूलों के करीब 20 हजार विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है। नए सत्र से पहले बोर्ड ने जिले के 40 गैर मान्य स्कूलों की सूची जारी की थी। निदेशालय ने उनके दाखिला करने पर रोक लगाकर इन पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बावजूद स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तमाम अमान्य स्कूलों ने दाखिले भी किए और कक्षाएं भी लगा रहे हैं।
बोर्ड ने गैर मान्य शिक्षण संस्थानों के स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट भी अमान्य कर दिया है। ऐसे में जिले के इन गैर मान्य स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में फंसता नजर आ रहा है। जिले के तमाम गैर मान्य स्कूलों में करीब 20 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। निदेशालय और बोर्ड के आदेशों के बाद भी जिला शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं की। विभाग इन स्कूलों के प्रति उदार बना हुआ है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सूची में जारी नाम के स्कूलों के विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं ली जाएगी। एक तरफ जहां विद्यार्थियों का एक साल खराब होने के कगार पर है। वहीं, अभिभावकों की गाढ़ी कमाई भी डूबने का भय है। बोर्ड की जारी सूची में सबसे ज्यादा स्कूल शहर में चल रहे हैं।
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शहर में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, उपजिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा अधिकारी सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी बैठते हैं। सूची के अनुसार शहर में दो दर्जन स्कूल गैर कानूनी रूप से चल रहे हैं। इन स्कूलों के पास मान्यता और अनुमति नहीं है। वहीं, इन स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं है।
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किन क्षेत्रों में चल रहे कितने अमान्य स्कूल
बोर्ड ने खंड शिक्षा के अनुसार अमान्य स्कूलों की सूची जारी की है। सूची के अनुसार छछरौली खंड में दो स्कूल गैर-कानूनी है। जबकि रादौर व सरस्वतीनगर में दो-दो और साढ़ौरा में चार स्कूल गैर-मान्य है। इसी तरह बिलासपुर में छह स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। वहीं, शहर में सबसे ज्यादा 24 स्कूल गैर-मान्य हैं। यमुनानगर शहर की केवल हमीदा कॉलोनी में नौ स्कूल चल रहे हैं। जबकि जगाधरी शहर में छह स्कूल चल रहे हैं। अन्य जगाधरी खंड के ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
जिले में चल रहे सभी गैर-मान्य स्कूलों को दाखिला न करने व कक्षाएं न लगाने के आदेश दिए गए हैं। सूची में शामिल स्कूलों को दस्तावेज दिखाने का समय दिया था। ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई थी। अब इस पर कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। - धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।