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Yamuna Nagar News: प्रॉपर्टी डीलर से नौ लाख रुपये, दो मोबाइल और गहने बरामद
Sat, 21 Sep 2024 08:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 21 Sep 2024 08:47 AM IST
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यमुनानगर। एनआरआई राकेश कपूर की माॅडल टाउन स्थित करोड़ों रुपये की प्रापर्टी बेचने के मामले में रिमांड पर चल रहे प्रॉपर्टी डीलर माॅडल टाउन निवासी अश्विनी कुमार से पुलिस ने लगभग नौ लाख रुपये, दो मोबाइल व करीब तीन लाख रुपये के गहने बरामद किए है। प्रॉपर्टी फर्जीवाड़े में आरोपी के हिस्से में आए 36 लाख रुपये आए थे। इसमें से कुछ रुपये उसने हाईकोर्ट से जमानत लेने के लिए खर्च किए तो कुछ रुपये एनआरआई की कोठी खरीदने वाले को लौटा दिए थे।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अश्विनी केस दर्ज होने के बाद एक सप्ताह तक आरोपी एसडीएम कार्यालय का कर्मी राममेहर व करनैल सिंह के साथ रहा। तीनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए सहारनपुर, अंबाला व चंडीगढ़ में छिपते रहे। बाद में आरोपी अश्विनी वृंदावन चला गया। जिसके बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा। रिमांड के दौरान आरोपी से इस खेल में शामिल नगर निगम, तहसील व एसडीएम कार्यालय के कर्मियों व अधिकारियों के भी नाम खुलने की उम्मीद है। क्योंकि यह पूरा फर्जीवाड़ा नगर निगम व तहसील के माध्यम से हुआ।
नगर निगम से प्राॅपर्टी की फर्जी आईडी तैयार की गई। जबकि तहसील से इसकी रजिस्ट्री कराई गई। प्रॉपर्टी आईडी बदलने से लेकर उसकी रजिस्ट्री कराने का कार्य एसडीएम कार्यालय का कर्मी राममेहर व करनैल सिंह कराते थे। अश्विनी शहर में विवादित व खाली पड़ी जमीन, प्लाट व मकानों के बारे में इन्हें बताता था। इसके बाद ये दोनों ही नगर निगम व तहसील में सांठगांठ कराते थे। इसके साथ ही उनकी उर्दू अनुवादक इस्लाम से मिलीभगत रही। उर्दू अनुवादक इस्लाम तहसील में निजी कर्मी था। इसलिए उसे पूरे रिकार्ड की जानकारी होती थी। वह इन प्राॅपर्टी के फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर उसे बेचते थे। आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी सुभाष का कहना है कि आरोपी अश्विनी कुमार से पूछताछ की जा रही है। रिमांड में आरोपी से कुछ नकदी, गहने व अन्य सामान बरामद किया गया है। आरोपी से राममेहर व करनैल के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। इस केस में इन तीनों आरोपियों का अहम रोल है। जल्द ही अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जाएंगे।
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ये आरोपी चढ़ चुके पुलिस के हत्थे -
प्रॉपर्टी आईडी बदलकर किए गए इस फर्जीवाड़े में आर्थिक अपराध शाखा ने दिल्ली निवासी परमजीत कौर, उर्दू अनुवादक इस्लाम उर्फ इस्लामुद्दीन, उसकी भाभी इमराना व भाई रमजान को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। अब प्राॅपर्टी डीलर अश्विनी कुमार को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। एसडीएम कार्यालय कर्मी राममेहर व करनैल समेत कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस उनकी भी तलाश में लगी है। पूछताछ में कई अन्य आरोपियों के नाम भी निकलकर सामने आ सकते है।
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पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अश्विनी केस दर्ज होने के बाद एक सप्ताह तक आरोपी एसडीएम कार्यालय का कर्मी राममेहर व करनैल सिंह के साथ रहा। तीनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए सहारनपुर, अंबाला व चंडीगढ़ में छिपते रहे। बाद में आरोपी अश्विनी वृंदावन चला गया। जिसके बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा। रिमांड के दौरान आरोपी से इस खेल में शामिल नगर निगम, तहसील व एसडीएम कार्यालय के कर्मियों व अधिकारियों के भी नाम खुलने की उम्मीद है। क्योंकि यह पूरा फर्जीवाड़ा नगर निगम व तहसील के माध्यम से हुआ।
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नगर निगम से प्राॅपर्टी की फर्जी आईडी तैयार की गई। जबकि तहसील से इसकी रजिस्ट्री कराई गई। प्रॉपर्टी आईडी बदलने से लेकर उसकी रजिस्ट्री कराने का कार्य एसडीएम कार्यालय का कर्मी राममेहर व करनैल सिंह कराते थे। अश्विनी शहर में विवादित व खाली पड़ी जमीन, प्लाट व मकानों के बारे में इन्हें बताता था। इसके बाद ये दोनों ही नगर निगम व तहसील में सांठगांठ कराते थे। इसके साथ ही उनकी उर्दू अनुवादक इस्लाम से मिलीभगत रही। उर्दू अनुवादक इस्लाम तहसील में निजी कर्मी था। इसलिए उसे पूरे रिकार्ड की जानकारी होती थी। वह इन प्राॅपर्टी के फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर उसे बेचते थे। आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी सुभाष का कहना है कि आरोपी अश्विनी कुमार से पूछताछ की जा रही है। रिमांड में आरोपी से कुछ नकदी, गहने व अन्य सामान बरामद किया गया है। आरोपी से राममेहर व करनैल के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। इस केस में इन तीनों आरोपियों का अहम रोल है। जल्द ही अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जाएंगे।
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ये आरोपी चढ़ चुके पुलिस के हत्थे -
प्रॉपर्टी आईडी बदलकर किए गए इस फर्जीवाड़े में आर्थिक अपराध शाखा ने दिल्ली निवासी परमजीत कौर, उर्दू अनुवादक इस्लाम उर्फ इस्लामुद्दीन, उसकी भाभी इमराना व भाई रमजान को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। अब प्राॅपर्टी डीलर अश्विनी कुमार को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। एसडीएम कार्यालय कर्मी राममेहर व करनैल समेत कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस उनकी भी तलाश में लगी है। पूछताछ में कई अन्य आरोपियों के नाम भी निकलकर सामने आ सकते है।