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फर्जी चेक लगाकर खाते से निकाले नौ लाख 40 हजार रुपये
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यमुनानगर। फर्जी चेक लगाकर गांव भूरे का माजरा निवासी रिषिपाल के खाते से नौ लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए। यह धनराशि कुरुक्षेत्र की भूसा शाखा से निकाली गई। इस मामले में रिषिपाल ने पुलिस को शिकायत दी। आरोप है कि वह पुलिस के चक्कर काटता रहा लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की। उसे पुलिसकर्मियों ने धमका दिया। बाद में स्टेट क्राइम ब्रांच को शिकायत दी। अब थाना छप्पर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव भूरे माजरा निवासी रिषिपाल ने बताया कि उसका बचत खाता इंडसइंड बैंक सरस्वतीनगर शाखा में है। इस खाता की उन्होंने चेकबुक जारी कराई हुई है। एक दिन उनके पास बैंक के शाखा प्रबंधक अभिषेक का फोन आया। उसने पूछा कि क्या आपने खाते से रकम निकलवाई है। जिस पर मना कर दिया। वह बैंक में गया तो पता चला कि उसके खाते से 29 जुलाई की दोपहर को दो अलग-अलग चेक लगाकर 9 लाख 40 हजार रुपये निकाले गए हैं। यह देख रिषिपाल हैरान रह गया, क्योंकि चेकबुक उसके पास ही थी। इस मामले को लेकर वह दो अगस्त को छप्पर थाने में शिकायत करने गया लेकिन वहां पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने शिकायत नहीं ली और उसे साइबर सेल में भेज दिया। जब वह साइबर सेल में गया, तो वहां भी उसकी शिकायत दर्ज नहीं हुई। वह कभी थाने, तो कभी साइबर सेल के चक्कर काटता रहा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे धमका कर चलता कर दिया। जिस पर उसने स्टेट क्राइम ब्यूरो चंडीगढ़ में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। यह साइबर सेल के पास कार्रवाई के लिए ट्रांसफर हो गई। यहां पर उसके बयान लिखवाए गए। आरोप है कि इसके बाद जब भी वह कार्रवाई के बारे में साइबर सेल में फोन करता तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है।
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पुलिस को दी शिकायत में गांव भूरे माजरा निवासी रिषिपाल ने बताया कि उसका बचत खाता इंडसइंड बैंक सरस्वतीनगर शाखा में है। इस खाता की उन्होंने चेकबुक जारी कराई हुई है। एक दिन उनके पास बैंक के शाखा प्रबंधक अभिषेक का फोन आया। उसने पूछा कि क्या आपने खाते से रकम निकलवाई है। जिस पर मना कर दिया। वह बैंक में गया तो पता चला कि उसके खाते से 29 जुलाई की दोपहर को दो अलग-अलग चेक लगाकर 9 लाख 40 हजार रुपये निकाले गए हैं। यह देख रिषिपाल हैरान रह गया, क्योंकि चेकबुक उसके पास ही थी। इस मामले को लेकर वह दो अगस्त को छप्पर थाने में शिकायत करने गया लेकिन वहां पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने शिकायत नहीं ली और उसे साइबर सेल में भेज दिया। जब वह साइबर सेल में गया, तो वहां भी उसकी शिकायत दर्ज नहीं हुई। वह कभी थाने, तो कभी साइबर सेल के चक्कर काटता रहा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे धमका कर चलता कर दिया। जिस पर उसने स्टेट क्राइम ब्यूरो चंडीगढ़ में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। यह साइबर सेल के पास कार्रवाई के लिए ट्रांसफर हो गई। यहां पर उसके बयान लिखवाए गए। आरोप है कि इसके बाद जब भी वह कार्रवाई के बारे में साइबर सेल में फोन करता तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है।
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