फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   NIA raids gangster Kala Rana's house, interrogated family members for hours

गैंगस्टर काला राणा के घर पर एनआईए की छापामारी, घंटों परिजनों से की पूछताछ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2022 02:12 AM IST
विज्ञापन
NIA raids gangster Kala Rana's house, interrogated family members for hours
गैंगस्टर काला राणा का फाइल फोटो। - फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। दिल्ली से आई एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) और एसटीएफ की टीम ने सोमवार की सुबह गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा के लक्ष्मी गार्डन स्थित घर पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने काला राणा की मां और अन्य परिजनों से घंटों पूछताछ की।
विज्ञापन

एनआईए टीम सुबह छह बजे यमुनानगर पहुंच गई थी जो कि देर शाम तक यहीं पर रही। एनआईए टीम की सूचना मिलते ही गांधी नगर थाना पुलिस और सीआईए की टीम भी मौके पर पहुंची। इस दौरान एनआईए ने काला राणा के घर के आसपास एरिया का पूरा नक्शा तैयार किया। उल्लेखनीय है कि एनआईए ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, बंबीहा गैंग के गुर्गों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान पूरी कॉलोनी में पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े काला राणा पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी समेत डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। काला राणा फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। कुछ माह पहले उसे थाईलैंड से इंटरपोल के माध्यम से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अप्रैल माह में उसे व्यवसायी करनाल निवासी मनोज वधवा से रंगदारी मांगने के मामले में अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद करीब दो माह पहले उसे पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भाई राजा और उनके बिजनेस पार्टनर पर गोलियां चलवाने का केस में अदालत में पेश किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

काला राणा ने साल 2013 में रखा था अपराध की दुनिया में कदम
बदमाश काला राणा ने मार्च 2013 में सबसे पहली वारदात यमुनानगर में ही की। यहां पर उसने एक कार छीनी थी। इसके बाद वह अपराध की दुनिया में उतर गया। उस पर अंबाला में चार, यमुनानगर में 19, कुरुक्षेत्र में चार और फतेहाबाद में हत्या, छीना झपटी, लूट, हमला करने, रंगदारी मांगने, सरकारी ड्यूटी में बाधा, फर्जीवाड़ा जैसी धाराओं में केस दर्ज हैं। फतेहाबाद के फर्जी पते पर वह नकली पासपोर्ट बनवाकर थाईलैंड चला गया था। वहीं से गैंग ऑपरेट कर रहा था। इस मामले में एसटीएफ ने इनपुट जुटाया और उसको रेड कार्नर नोटिस जारी कराया था। इसके बाद ही उसे इंटरपोल की मदद से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था।
28 अगस्त 2020 को रघुनाथ की कर दी थी हत्या
28 अगस्त 2020 की श्री गणपति विजन शोरूम के संचालक रघुनाथ की दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस दौरान उनकी पत्नी पुष्पलता ने बताया था कि उनके पति से रंगदारी मांगी जा रही थी। तीन चार माह से ऐसा हो रहा था। उनके पति ने पुलिस को इस बारे में बताया भी था। 28 अगस्त 2020 को रघुनाथ को गोलियां मारने के लिए बदमाश उनके घर पर भी आए थे। तब बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया था। कुछ देर बाद वे ही बदमाश शोरूम पर गए और वहां रघु की हत्या कर दी थी। गांधी नगर थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया था। जांच में सामने आया था कि रंगदारी न देने पर काला राणा और काला जठेड़ी ने उसकी हत्या कराई थी। इसके बाद इस मामले में गैंगस्टर काला राणा, काला जठेड़ी समेत कई आरोपी गिरफ्तार किए गए।
व्यवसायी से मांगी थी घाटों में हिस्सेदारी
करनाल के सेक्टर 13 निवासी मनोज वधवा ने काला राणा पर रंगदारी मांगने के आरोप में 12 अक्तूबर 2020 को केस दर्ज कराया था। वधवा ने बताया था कि उसकी जेएसएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। इसके साथ ही वह रूट्स जर्नी में भी पार्टनर है। उनकी कंपनी ने बीड टापू और मंडोली घग्गर में रेत के घाट सरकार से लीज पर लिए थे। इन रेत के घाटों का कामकाज मनोज वधवा और उसके चाचा वीरभान देखते थे। सात अक्टूबर 2020 की दोपहर को मनोज वधवा अपने दोस्त के पास सेक्टर 18 जगाधरी में बैठे थे। तभी उनके पास अनजान नंबर से कॉल आया था। काल करने वाले ने कहा था कि वह काला राणा बोल रहा है। नाम तो सुना ही होगा। यदि तुझे और तेरे परिवार को जिंदा रहना है, तो रेत के घाटों मे से हर महीने हिस्सा देना पड़ेगा। उस समय वधवा ने घबराकर फोन काट दिया। इसके बाद फिर उसी नंबर से चार बार कॉल आई, लेकिन वधवा ने फोन नहीं उठाया। बाद में शाम को काल आई, तो दूसरी ओर काला राणा ही बोल रहा था। उसने कहा कि समझ में नहीं आ रहा है, घर आकर समझाऊं क्या। 12 अक्टूबर 2020 को पुलिस ने मनोज वधवा की शिकायत पर केस दर्ज किया था।

पूर्व विधायक के भाई पर की थी फायरिंग
साल 2017 में गैंगस्टर काला राणा के छोटे भाई सूर्य प्रताप और पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के परिवार के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था। इस दौरान काला राणा के भाई को अगवा कर पीटा गया। आरोप पूर्व विधायक के भाई पर लगा था। काला राणा जेल में भाई के साथ मारपीट का बदला लेना चाहा। तब वह अंबाला जेल में था। पूर्व विधायक के भाई और पार्टनर पर 25 मई 2017 की शाम को सेक्टर-17 स्थित उनके कार्यालय में घुसकर फायरिंग हुई थी। बदमाशों के निशाने चूक गए थे, इसलिए वे बच गए थे। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर काला राणा के फेसबुक आईडी से मैसेज किया गया। जिससे यह पता चला कि हमला काला ने कराया। पुलिस ने इस मामले में जेल में बंद काला राणा, उसके भाई सूर्यप्रताप, रविंद्र उर्फ काली राजपूत, शुभम वीर, वैंकेट गर्ग, संपत नेहरा समेत कई को गिरफ्तार किया था।

एनआईए की छापेमारी के दौरान गैंगस्टर काला राणा के घर के बाहर तैनात पुलिस

एनआईए की छापेमारी के दौरान गैंगस्टर काला राणा के घर के बाहर तैनात पुलिस- फोटो : Yamuna Nagar

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed