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किसानों के हक के लिए सरकार से होगी आरपार की लड़ाई : चढ़ूनी
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
Updated Tue, 16 Feb 2016 11:45 PM IST
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गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जब तक स्वामी नाथन आयोग की रिर्पोट लागू नहीं होती और किसानों के कर्जे माफ नहीं होते तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अपने हक के लिए किसानों की अब सरकार के साथ आरपार की लड़ाई होगी। चढूनी मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जगाधरी अनाजमंडी में आयोजित किसान पंचायत में संबोधित कर रहे थे। यहां किसानों ने कैथल में 26 फरवरी को होने वाले करो या मरो किसान आंदोलन को लेकर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।
चढूनी ने कहा कि आंदोलन में प्रदेश भर से लाखों की संख्या में किसान भाग लेंगे। चढूनी ने कहा कि इस बार सरकार के साथ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जब तक स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू नहीं किया जाएगा, तब तक किसान दिनरात डटे रहेंगे। किसानों का आह्वान किया कि वे अपने परिवार को पहले ही बताकर आंदोलन में जाए कि इस बार ना जाने कब तक आंदोलन चलेगा।
जब तक आंदोलन चलेगा किसान वहीं डटा रहेगा। चढूनी ने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था। सत्ता प्राप्त होते ही भाजपा अपने वादे से मुकर गई है। किसान को उसकी फसल के दाम लागत से कम मिल रहे हैं। इस बार का किसानों का आंदोलन निर्णायक होगा।
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चढ़ूनी ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा के कई नेता जो आज प्रदेश सरकार में मंत्री है या फिर विधायक है ने किसानों के साथ नंगा प्रदर्शन में भाग लेकर स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का समर्थन किया था। मगर सत्ता में बैठते ही भाजपा के नेता किसानों की मांगो को भूल गए। जिन्हें याद दिलाना अति जरूरी है। यूनियन के संयोजक बाबु राम गुंदियाना ने कहा कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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चढूनी ने कहा कि आंदोलन में प्रदेश भर से लाखों की संख्या में किसान भाग लेंगे। चढूनी ने कहा कि इस बार सरकार के साथ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जब तक स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू नहीं किया जाएगा, तब तक किसान दिनरात डटे रहेंगे। किसानों का आह्वान किया कि वे अपने परिवार को पहले ही बताकर आंदोलन में जाए कि इस बार ना जाने कब तक आंदोलन चलेगा।
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जब तक आंदोलन चलेगा किसान वहीं डटा रहेगा। चढूनी ने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था। सत्ता प्राप्त होते ही भाजपा अपने वादे से मुकर गई है। किसान को उसकी फसल के दाम लागत से कम मिल रहे हैं। इस बार का किसानों का आंदोलन निर्णायक होगा।
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चढ़ूनी ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा के कई नेता जो आज प्रदेश सरकार में मंत्री है या फिर विधायक है ने किसानों के साथ नंगा प्रदर्शन में भाग लेकर स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का समर्थन किया था। मगर सत्ता में बैठते ही भाजपा के नेता किसानों की मांगो को भूल गए। जिन्हें याद दिलाना अति जरूरी है। यूनियन के संयोजक बाबु राम गुंदियाना ने कहा कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।