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मेयर व पार्षद बोले : एमई से माफी मांगे राज्य मंत्री
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
Updated Tue, 16 Feb 2016 11:40 PM IST
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सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी द्वारा नगर निगम के एमई को गाली देने का मामला तूल पकड़ने लगा है। नगर निगम मेयर व कुछ पार्षदों ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों की मांग है कि मंत्री इसके लिए माफी मांगें वरना उनके खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। पार्षदों ने विरोध स्वरूप मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की घोषणा की है।
इस मामले को लेकर मंगलवार को मेयर कार्यालय में पत्रकार वार्ता हुई। इसमें मेयर सरोज बाला के अलावा वार्ड 14 की पार्षद निर्मल चौहान, वार्ड 12 की पार्षद प्रिया, वार्ड 15 के पार्षद नवनीत शर्मा, वार्ड 17 की पार्षद सुशील जावला के पति अमन जावला मौजूद रहे। मेयर ने कहा कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री ने एमई को गाली देकर गलत किया है। वह इसके लिए माफी मांगें।
यदि वे ऐसा नहीं करते है तो सड़कों पर उतरकर उनके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। मेयर ने कहा कि इस मुद्दे पर उनके साथ डिप्टी मेयर सहित अन्य पार्षद हैं। लेकिन जरूरी कार्य होने के कारण वे यहां नहीं पहुंच पाए। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा और उनसे अनुरोध किया जाएगा कि वे अपने मंत्रियों को ट्रेनिंग दें ताकि वे अधिकारियों के साथ सभ्य तरीके से पेश आएं।
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सीएम मंत्रियों को अधिकारियों से काम लेना सिखलाएं
वार्ड नंबर 14 की पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि मंत्री महोदय के इस रवैये से अधिकारियों का मनोबल गिरेगा। हम पहले ही अधिकारियों से काम नहीं ले पा रहे हैं। बैठक में कई महिलाएं भी मौजूद थी। मंत्री महोदय को इस तरह की अभद्र भाषा नहीं बोलनी चाहिए थी। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों को सिखलाएं कि अधिकारियों से काम कैसे लेना है। इस तरह गाली-गलौच करना गलत है। हम मांग करते हैं कि मंत्री इसके लिए माफी मांगे, अन्यथा उनके खिलाफ हम प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
डिप्टी मेयर व अन्य पार्षदों ने भी किया विरोध
नगर निगम के डिप्टी मेयर रामपाल व पार्षद देवेंद्र सिंह, रामस्वरूप, अजय बिल्लू व जसबीर बिट्टू ने भी राज्य मंत्री द्वारा एमई को गाली दिए जाने को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वे मेयर व मंत्री का विरोध करने वाले पार्षदों के साथ हैं। बैठक में प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा कष्ट निवारण समिति सदस्य व शिकायतकर्ता भी मौजूद थे। इसके बावजूद मंत्री ने आपा खोया। उन्हें सभ्य तरीके से एमई से जवाब मांगना चाहिए था।
क्या है मामला-
सोमवार को लघु सचिवालय में कष्ट निवारण समिति की बैठक थी। इसमें सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू ने पार्कों में लगे पब्लिक हेल्थ के नलकूप के साथ रिहाइशी मकान बनाकर कब्जा किए जाने का मुद्दा उठाया था। इस पर राज्य मंत्री नगर निगम के एमई सुनील भल्ला से जवाब मांगा। उनके जवाब से असंतुष्ट राज्य मंत्री ने उन्हें धीमे स्वर में गाली देते हुए पूछा कि आपकी शैक्षिक योग्यता क्या है। जब पत्रकारों ने राज्य मंत्री से एमई को गाली देने की बाबत पूछा तो पहले तो उन्होंने गाली दिए जाने से साफ इंकार कर दिया। पत्रकारों जे जब उनके पास रिकार्डिंग होने की बात कही तो राज्य मंत्री ने कहा कि उसे डिलीट कर दो।
फोटो नंबर-एक, दो
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इस मामले को लेकर मंगलवार को मेयर कार्यालय में पत्रकार वार्ता हुई। इसमें मेयर सरोज बाला के अलावा वार्ड 14 की पार्षद निर्मल चौहान, वार्ड 12 की पार्षद प्रिया, वार्ड 15 के पार्षद नवनीत शर्मा, वार्ड 17 की पार्षद सुशील जावला के पति अमन जावला मौजूद रहे। मेयर ने कहा कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री ने एमई को गाली देकर गलत किया है। वह इसके लिए माफी मांगें।
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यदि वे ऐसा नहीं करते है तो सड़कों पर उतरकर उनके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। मेयर ने कहा कि इस मुद्दे पर उनके साथ डिप्टी मेयर सहित अन्य पार्षद हैं। लेकिन जरूरी कार्य होने के कारण वे यहां नहीं पहुंच पाए। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा और उनसे अनुरोध किया जाएगा कि वे अपने मंत्रियों को ट्रेनिंग दें ताकि वे अधिकारियों के साथ सभ्य तरीके से पेश आएं।
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सीएम मंत्रियों को अधिकारियों से काम लेना सिखलाएं
वार्ड नंबर 14 की पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि मंत्री महोदय के इस रवैये से अधिकारियों का मनोबल गिरेगा। हम पहले ही अधिकारियों से काम नहीं ले पा रहे हैं। बैठक में कई महिलाएं भी मौजूद थी। मंत्री महोदय को इस तरह की अभद्र भाषा नहीं बोलनी चाहिए थी। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों को सिखलाएं कि अधिकारियों से काम कैसे लेना है। इस तरह गाली-गलौच करना गलत है। हम मांग करते हैं कि मंत्री इसके लिए माफी मांगे, अन्यथा उनके खिलाफ हम प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
डिप्टी मेयर व अन्य पार्षदों ने भी किया विरोध
नगर निगम के डिप्टी मेयर रामपाल व पार्षद देवेंद्र सिंह, रामस्वरूप, अजय बिल्लू व जसबीर बिट्टू ने भी राज्य मंत्री द्वारा एमई को गाली दिए जाने को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वे मेयर व मंत्री का विरोध करने वाले पार्षदों के साथ हैं। बैठक में प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा कष्ट निवारण समिति सदस्य व शिकायतकर्ता भी मौजूद थे। इसके बावजूद मंत्री ने आपा खोया। उन्हें सभ्य तरीके से एमई से जवाब मांगना चाहिए था।
क्या है मामला-
सोमवार को लघु सचिवालय में कष्ट निवारण समिति की बैठक थी। इसमें सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू ने पार्कों में लगे पब्लिक हेल्थ के नलकूप के साथ रिहाइशी मकान बनाकर कब्जा किए जाने का मुद्दा उठाया था। इस पर राज्य मंत्री नगर निगम के एमई सुनील भल्ला से जवाब मांगा। उनके जवाब से असंतुष्ट राज्य मंत्री ने उन्हें धीमे स्वर में गाली देते हुए पूछा कि आपकी शैक्षिक योग्यता क्या है। जब पत्रकारों ने राज्य मंत्री से एमई को गाली देने की बाबत पूछा तो पहले तो उन्होंने गाली दिए जाने से साफ इंकार कर दिया। पत्रकारों जे जब उनके पास रिकार्डिंग होने की बात कही तो राज्य मंत्री ने कहा कि उसे डिलीट कर दो।
फोटो नंबर-एक, दो