{"_id":"6956bca4a6684f95280ea1b4","slug":"new-year-a-surge-of-devotees-thronged-the-temples-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1001-149156-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"नववर्ष : मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नववर्ष : मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
Thu, 01 Jan 2026 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
मुंडा माजरा में चाय का प्रसाद वितरित करते श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नववर्ष की शुरुआत जिलेभर में धर्म और आस्था के माहौल के साथ हुई। नए साल के पहले दिन सुबह से ही लोग भगवान के दर्शन करने के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ मंदिरों में माथा टेककर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह तड़के से ही घंटियों और मंत्रोच्चारण की गूंज सुनाई दी।
नववर्ष के अवसर पर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था। फूलों, लाइटों और रंगीन झालरों से सजे मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे थे। कई मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और आरती का आयोजन किया गया। भक्तों ने भगवान को प्रसाद अर्पित कर नए साल की शुभ शुरुआत की। सुबह से दोपहर तक मंदिर परिसरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजनों में भाग लिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि नववर्ष की शुरुआत भगवान के दर्शन से करने पर पूरे साल सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। नववर्ष पर शहर के अलग-अलग इलाकों में भंडारों का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
समाजसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने जगह-जगह भंडारे लगाकर श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद वितरित किया। भंडारों में खीर, हलवा, पूड़ी-सब्जी और चाय जैसी व्यवस्थाएं की गई थीं। भंडारों के साथ-साथ कई स्थानों पर संकीर्तन का आयोजन भी हुआ। विभिन्न चौकों और मंदिर परिसरों में भजन-कीर्तन और संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।
विज्ञापन
यमुनानगर। नववर्ष की शुरुआत जिलेभर में धर्म और आस्था के माहौल के साथ हुई। नए साल के पहले दिन सुबह से ही लोग भगवान के दर्शन करने के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ मंदिरों में माथा टेककर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह तड़के से ही घंटियों और मंत्रोच्चारण की गूंज सुनाई दी।
नववर्ष के अवसर पर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था। फूलों, लाइटों और रंगीन झालरों से सजे मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे थे। कई मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और आरती का आयोजन किया गया। भक्तों ने भगवान को प्रसाद अर्पित कर नए साल की शुभ शुरुआत की। सुबह से दोपहर तक मंदिर परिसरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
विज्ञापन
महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजनों में भाग लिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि नववर्ष की शुरुआत भगवान के दर्शन से करने पर पूरे साल सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। नववर्ष पर शहर के अलग-अलग इलाकों में भंडारों का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
समाजसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने जगह-जगह भंडारे लगाकर श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद वितरित किया। भंडारों में खीर, हलवा, पूड़ी-सब्जी और चाय जैसी व्यवस्थाएं की गई थीं। भंडारों के साथ-साथ कई स्थानों पर संकीर्तन का आयोजन भी हुआ। विभिन्न चौकों और मंदिर परिसरों में भजन-कीर्तन और संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।

मुंडा माजरा में चाय का प्रसाद वितरित करते श्रद्धालु। संवाद

मुंडा माजरा में चाय का प्रसाद वितरित करते श्रद्धालु। संवाद

मुंडा माजरा में चाय का प्रसाद वितरित करते श्रद्धालु। संवाद