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दूसरी महिला के संग रहने पर हुई अर्जुन की हत्या
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murdaer
- फोटो : Yamuna Nagar
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रटौली के निर्माणाधीन हाईवे पर हुई कांसली निवासी राजमिस्त्री अर्जुन की हत्या उसी के बेटे शंटी ने अपने दोस्त ससौली माजरी निवासी रवि उर्फ सोनू के साथ मिलकर की थी। राजमिस्त्री अर्जुन के किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध थे। अधिकतर समय अर्जुन उसी के पास गुलाबनगर में रहता था। यह सब अर्जुन की पत्नी और बेटे शंटी को बर्दाश्त नहीं था। दूसरी महिला के चलते घर में कलेश रहता था। दो बार उन्हें पीटकर घर से निकाल दिया था। उन्हें डर था कि अर्जुन दूसरी महिला के नाम जमीन न कर दे। इससे उसके परिवार के लोग काफी परेशान थे। इसीलिए शंटी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसे मारने की कई दिन पहले प्लानिंग बनाई थी। प्लानिंग के तहत दोनों ने उसकी रैकी की। रैकी के बाद 19 नवंबर की रात को चोरी की बाइक पर दोनों ने अर्जुन का पीछा किया। इसके बाद रटौली के पास निर्माणाधीन हाईवे पर पहले उसके सिर में हथौड़ी मारी। फिर उसके गले में गुप्ती (चाकू) का वार गला काट हत्या कर दी। यह खुलासा शनिवार को सीआईए टू इंचार्ज महरूफ अली ने दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार करने के बाद किया।
इंचार्ज महरूफ अली ने बताया कि 19 नवंबर की रात हुई अर्जुन की हत्या के बाद से ही उनके शक की सुई उसके बेटे शंटी पर थी। जब जांच की तो उनका शक सही निकला। जिसके बाद उन्होंने आरोपी को पकड़ने के लिए टीक का गठन किया। गुप्त सूचना पर दोनों आरोपियों को शुक्रवार शाम को अंसल टाउन के नजदीक से काबू किया। उसके साथ उसका साथी ससौली माजरी निवासी रवि कुमार उर्फ सोनू भी था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मिलकर वारदात को अंजाम देना कबूल किया।
शंटी ने बताया कि उसके पिता अर्जुन राज मिस्त्री का काम करते थे। उसके पिता के किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध थे। जिसके चलते कई बार वह रात को भी घर पर नहीं आते थे। जिसकी वजह से घर पर कलेश रहता था। वह हमेशा उसकी मां व बहनों के साथ लड़ाई झगड़ा करते रहते थे। वो और उसके परिवार वाले उससे काफी परेशान थे। कई बार उसके पिता ने उसके साथ भी मार पिटाई की थी और उसे घर से बाहर भी निकाल दिया था। दूसरी महिला के कारण घर में हो रहे रोज रोज के झगड़ों से छुटकारा पाने के लिए उसने उसकी हत्या करने की प्लानिंग बनाई।
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शंटी ने बताया कि करीब दो माह पहले उसकी दोस्ती रवि उर्फ सोनू के साथ हो गई थी। रवि ने उसके ससौली माजरी में एक किराये का कमरा दिलवाया था। वह वही पर रहने लगा था। उसने अपने दोस्त रवि को अपने पिता की हरकतों के बारे में बतलाया और कहा कि मै व मेरी मां उससे काफी परेशान है। तभी उन्होंने उसकी हत्या करने की साजिश रच ली थी। जिसके लिए उसने करीब सवा महीने पहले पंसारी बाजार से एक बाइक चोरी की थी। उसी बाइक पर वह अपने पिता का पीछा करके उसकी रैकी करने लगे। रैकी करने के लिये दो तीन बार वह उस महिला के घर गुलाबनगर तक भी गए थे।
शंटी ने बताया कि 19 नवंबर को शाम के समय वह अपने दोस्त रवि उर्फ सोनू को लेने के लिए बाइक पर उसके घर गया। उसे लेकर फिर वह अपने घर कांसली आया। उसने अपने घर से एक हथौडी व गुप्ती (चाकू) उठाकर कपड़ों में छिपाई। वहां से वे दोनों बाइक पर गुलाब नगर जगाधरी की तरफ चले गये। बाइक रवि चला रहा था। वह पीछे बैठा था। पिता अर्जुन की रैकी करने के लिए वे एक मूंगफली की रेहडी के पास खडे हो गये। कुछ समय बाद उसके पिता गुलाबनगर की तरफ से अपनी साईकल पर आते हुए दिखाई दिये। हम दोनों बाइक पर उसके पीछे-पीछे चल दिये। दो तीन बार उसके पिता ने पीछे उलटकर उन्हें देखा। उसे शक न हो इसलिए वे रटौली गुरूद्वारा से रटौली गांव के उपर से होकर स्कूल की तरफ आये। इस दौरान वह उन्हें नहीं मिला। फिर वे कासांपुर की तरफ से रटौली वाले कच्चे हाईवे पर आ गए। जहां पर उसके पिता की साईकल खड़ी थी और उसके पिता वहीं पास में खड़े थे। उसने रवि को कहा कि बाइक उसके पास लगा। रवि ने बाइक उसके पास लगा दी। तभी उसने बाइक से नीचे उतरकर हथौड़े से अपने पिता के सिर पर वार किया। इस दौरान हथौड़े बिंडे से निकलकर वहां गिर गया। अंधेरा होने के कारण वह नहीं मिला। उसके पिता ने कहा कि तू यह क्या कर रहा है और वह पीछे की तरफ भागा। जहां पर रवि ने बाइक खडी करके उसका पीछा किया उसके पकड़ लिया। फिर उसके पिता नीचे गिर गए। तभी उसने उसके गले में गुप्ती (चाकू) का सीधा वार कर उसका गला काट दिया। इसके बाद वे दोनों बाइक पर वहां से फरार होकर सिटी सेंटर पहुंचे। जहां उन्होंने गुप्ती (चाकू) व हथौड़े का बिंडा छिपा दिया। वहां से उसने रवि को उसके घर छोड़ दिया और अपने घर आकर हाथ पैर व कपड़े साफ किए।
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इंचार्ज महरूफ अली ने बताया कि 19 नवंबर की रात हुई अर्जुन की हत्या के बाद से ही उनके शक की सुई उसके बेटे शंटी पर थी। जब जांच की तो उनका शक सही निकला। जिसके बाद उन्होंने आरोपी को पकड़ने के लिए टीक का गठन किया। गुप्त सूचना पर दोनों आरोपियों को शुक्रवार शाम को अंसल टाउन के नजदीक से काबू किया। उसके साथ उसका साथी ससौली माजरी निवासी रवि कुमार उर्फ सोनू भी था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मिलकर वारदात को अंजाम देना कबूल किया।
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शंटी ने बताया कि उसके पिता अर्जुन राज मिस्त्री का काम करते थे। उसके पिता के किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध थे। जिसके चलते कई बार वह रात को भी घर पर नहीं आते थे। जिसकी वजह से घर पर कलेश रहता था। वह हमेशा उसकी मां व बहनों के साथ लड़ाई झगड़ा करते रहते थे। वो और उसके परिवार वाले उससे काफी परेशान थे। कई बार उसके पिता ने उसके साथ भी मार पिटाई की थी और उसे घर से बाहर भी निकाल दिया था। दूसरी महिला के कारण घर में हो रहे रोज रोज के झगड़ों से छुटकारा पाने के लिए उसने उसकी हत्या करने की प्लानिंग बनाई।
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शंटी ने बताया कि करीब दो माह पहले उसकी दोस्ती रवि उर्फ सोनू के साथ हो गई थी। रवि ने उसके ससौली माजरी में एक किराये का कमरा दिलवाया था। वह वही पर रहने लगा था। उसने अपने दोस्त रवि को अपने पिता की हरकतों के बारे में बतलाया और कहा कि मै व मेरी मां उससे काफी परेशान है। तभी उन्होंने उसकी हत्या करने की साजिश रच ली थी। जिसके लिए उसने करीब सवा महीने पहले पंसारी बाजार से एक बाइक चोरी की थी। उसी बाइक पर वह अपने पिता का पीछा करके उसकी रैकी करने लगे। रैकी करने के लिये दो तीन बार वह उस महिला के घर गुलाबनगर तक भी गए थे।
शंटी ने बताया कि 19 नवंबर को शाम के समय वह अपने दोस्त रवि उर्फ सोनू को लेने के लिए बाइक पर उसके घर गया। उसे लेकर फिर वह अपने घर कांसली आया। उसने अपने घर से एक हथौडी व गुप्ती (चाकू) उठाकर कपड़ों में छिपाई। वहां से वे दोनों बाइक पर गुलाब नगर जगाधरी की तरफ चले गये। बाइक रवि चला रहा था। वह पीछे बैठा था। पिता अर्जुन की रैकी करने के लिए वे एक मूंगफली की रेहडी के पास खडे हो गये। कुछ समय बाद उसके पिता गुलाबनगर की तरफ से अपनी साईकल पर आते हुए दिखाई दिये। हम दोनों बाइक पर उसके पीछे-पीछे चल दिये। दो तीन बार उसके पिता ने पीछे उलटकर उन्हें देखा। उसे शक न हो इसलिए वे रटौली गुरूद्वारा से रटौली गांव के उपर से होकर स्कूल की तरफ आये। इस दौरान वह उन्हें नहीं मिला। फिर वे कासांपुर की तरफ से रटौली वाले कच्चे हाईवे पर आ गए। जहां पर उसके पिता की साईकल खड़ी थी और उसके पिता वहीं पास में खड़े थे। उसने रवि को कहा कि बाइक उसके पास लगा। रवि ने बाइक उसके पास लगा दी। तभी उसने बाइक से नीचे उतरकर हथौड़े से अपने पिता के सिर पर वार किया। इस दौरान हथौड़े बिंडे से निकलकर वहां गिर गया। अंधेरा होने के कारण वह नहीं मिला। उसके पिता ने कहा कि तू यह क्या कर रहा है और वह पीछे की तरफ भागा। जहां पर रवि ने बाइक खडी करके उसका पीछा किया उसके पकड़ लिया। फिर उसके पिता नीचे गिर गए। तभी उसने उसके गले में गुप्ती (चाकू) का सीधा वार कर उसका गला काट दिया। इसके बाद वे दोनों बाइक पर वहां से फरार होकर सिटी सेंटर पहुंचे। जहां उन्होंने गुप्ती (चाकू) व हथौड़े का बिंडा छिपा दिया। वहां से उसने रवि को उसके घर छोड़ दिया और अपने घर आकर हाथ पैर व कपड़े साफ किए।